जालना में प्रॉपर्टी टैक्स का पुनर्मूल्यांकन शुरू करने की तैयारी, 79 हजार से अधिक संपत्तियों का होगा नया सर्वे
जालना: जालना महानगरपालिका शहर में प्रॉपर्टी टैक्स (संपत्ति कर) के पुनर्मूल्यांकन की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी कर रही है। इसके तहत शहर की सभी संपत्तियों का विस्तृत सर्वेक्षण कराया जाएगा। इस सर्वे के लिए महानगरपालिका ने निजी एजेंसी नियुक्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और लगभग 8 करोड़ रुपये के बजट के साथ ऑनलाइन ई-टेंडर जारी किया गया है।
महानगरपालिका के अनुसार शहर में वर्तमान में 79,485 संपत्तियां आधिकारिक रिकॉर्ड में दर्ज हैं। इन संपत्तियों का पिछला कर मूल्यांकन वर्ष 2018–19 में किया गया था, जब जालना नगर परिषद अस्तित्व में थी। बाद में जालना को महानगरपालिका का दर्जा मिला। नियमों के अनुसार हर चार वर्ष में संपत्तियों का सर्वेक्षण कर कर संरचना का पुनर्मूल्यांकन किया जाता है।
सर्वेक्षण के दौरान किन पहलुओं की होगी जांच
महानगरपालिका द्वारा प्रस्तावित इस सर्वेक्षण में शहर की संपत्तियों से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां एकत्र की जाएंगी। इसमें मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं का अध्ययन किया जाएगा:
- खाली प्लॉट पर किए गए नए निर्माण
- आवासीय भवनों का व्यावसायिक उपयोग
- कच्चे निर्माण का पक्के निर्माण में परिवर्तन
- भवनों का वास्तविक क्षेत्रफल और मंजिलों की संख्या
- संपत्ति का उपयोग – आवासीय, व्यावसायिक या मिश्रित
इन सभी तथ्यों के आधार पर संपत्तियों का नया मूल्यांकन किया जाएगा, जिससे प्रॉपर्टी टैक्स की नई दरें तय की जा सकेंगी।
4 मार्च को जारी हुई ई-टेंडर प्रक्रिया
महानगरपालिका प्रशासन ने 4 मार्च को इस सर्वेक्षण कार्य के लिए ऑनलाइन ई-टेंडर जारी की है। इस प्रक्रिया के तहत जो निजी एजेंसी सबसे कम दर पर कार्य करने की पेशकश करेगी, उसे शहर की सभी संपत्तियों का सर्वेक्षण करने का ठेका दिया जाएगा।
सर्वेक्षण के दौरान एजेंसी द्वारा हर संपत्ति का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा, जिसमें भवन का क्षेत्रफल, निर्माण की स्थिति और उसका उपयोग दर्ज किया जाएगा। इससे भविष्य में कर निर्धारण अधिक सटीक और पारदर्शी हो सकेगा।
नगर प्रशासन से जुड़े सूत्रों का कहना है कि यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद महानगरपालिका के पास शहर की संपत्तियों का अपडेटेड डिजिटल डाटा उपलब्ध होगा, जिससे कर वसूली प्रणाली को भी अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।
2027 से बढ़ सकता है प्रॉपर्टी टैक्स
महानगरपालिका के अधिकारियों के अनुसार सर्वेक्षण और पुनर्मूल्यांकन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद साल 2027 से प्रॉपर्टी टैक्स में कुछ बढ़ोतरी होने की संभावना है। ऐसा इसलिए क्योंकि पिछले कई वर्षों में शहर में कई स्थानों पर नए निर्माण हुए हैं और कई आवासीय इमारतों का उपयोग व्यावसायिक गतिविधियों के लिए भी होने लगा है।
नए सर्वे में इन बदलावों को ध्यान में रखते हुए कर निर्धारण किया जाएगा।
प्रॉपर्टी टैक्स के साथ नागरिकों से वसूले जाते हैं ये कर
जालना महानगरपालिका द्वारा प्रॉपर्टी टैक्स के अलावा नागरिकों से कई अन्य प्रकार के कर भी वसूले जाते हैं। इनमें शामिल हैं:
- शिक्षा कर
- वृक्ष कर
- अग्निशमन कर
- रोजगार गारंटी उपकर
- विशेष स्वच्छता कर
- जल कर (पानीपट्टी)
इन सभी करों का निर्धारण संपत्ति के आकार, उपयोग और श्रेणी के आधार पर किया जाता है।
प्रशासन का बयान
जालना महानगरपालिका के अतिरिक्त आयुक्त अर्जुन गिराम ने बताया कि प्रॉपर्टी टैक्स के पुनर्मूल्यांकन के लिए शहर की सभी संपत्तियों का सर्वेक्षण आवश्यक है। इसी कारण लगभग 8 करोड़ रुपये की लागत से ऑनलाइन ई-टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई है।
उन्होंने बताया कि एजेंसी नियुक्त होने के बाद शहर की सभी संपत्तियों का मापन, निर्माण की स्थिति और उपयोग का सर्वे किया जाएगा। इसके आधार पर महानगरपालिका द्वारा नया कर मूल्यांकन निर्धारित किया जाएगा।
संबंधित आधिकारिक जानकारी
नागरिक सरकारी योजनाओं और निविदाओं से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए निम्नलिखित आधिकारिक वेबसाइट देख सकते हैं:

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