जालना | विशेष रिपोर्ट
तालुका जालना पुलिस ने अपहरण, क्रूर मारपीट और लूट की एक दिल दहला देने वाली वारदात का पर्दाफाश करते हुए यह साबित कर दिया कि अपराधी चाहे कितने भी शातिर क्यों न हों, कानून के हाथ लंबे होते हैं। महज कुछ ही घंटों में पीड़ित को मौत के मुंह से निकालकर सुरक्षित बचाया गया और बाद में सटीक जांच के जरिए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
कैसे हुआ सनसनीखेज अपहरण?
22 जनवरी 2026, शाम करीब 5 बजे, मंठा रोड पर रोज की तरह आइसक्रीम बेच रहे एक युवक को कुछ लोगों ने अचानक घेर लिया। बेरहमी से पिटाई करने के बाद उसे जबरन कार में डालकर अगवा कर लिया गया। आरोपियों ने पीड़ित को सुनसान जगह पर ले जाकर अमानवीय यातनाएं दीं, उससे पैसे की मांग की और रकम न देने पर जान से मारने की धमकी दी।
इसी बीच जालना पुलिस नियंत्रण कक्ष में सूचना पहुंचते ही पूरे महकमे में हड़कंप मच गया।
पुलिस की त्वरित रणनीति, तीन टीमें मैदान में
घटना की गंभीरता को देखते हुए तालुका जालना पुलिस स्टेशन के निरीक्षक संतोष साबळे ने एक पल भी गंवाए बिना तीन विशेष जांच टीमें गठित कीं। नाव्हा, सिंधी कालेगांव और वाघरुळ समेत आसपास के इलाकों में सघन तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया।
आरोपियों ने पीड़ित के मोबाइल से फोनपे के जरिए पैसे ऐंठे और फिर मोबाइल बंद कर अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए।
दो से ढाई घंटे में पीड़ित सुरक्षित बरामद
पुलिस की मुस्तैदी रंग लाई और महज दो से ढाई घंटे के भीतर मंठा चौफुली के पास से पीड़ित और वाहन को बरामद कर लिया गया। गंभीर चोटों से कराह रहे युवक को तत्काल संतकृपा अस्पताल, जालना में भर्ती कराया गया।
पीड़ित की पहचान नवरत्न प्रकाश पुरी (19 वर्ष), मूल निवासी भीलवाड़ा (राजस्थान) तथा वर्तमान निवासी गायत्रीनगर, जालना के रूप में हुई। उसकी शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
शातिर आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी
जांच के दौरान पुलिस ने जिले में इसी तरह की वारदातों से जुड़े संदिग्धों का डाटा खंगाला और पीड़ित को फोटो दिखाए। इससे फरार आरोपी ओमकार मारुति पवार की पहचान हुई।
पुलिस को सूचना मिली कि उसके साथी
सचिन शिवशंकर केदारे
सुमित शैलेश डुरे
जालना से देउळगावराजा की ओर भाग रहे हैं। पुलिस टीम ने फिल्मी अंदाज में पीछा कर दोनों को दबोच लिया। पूछताछ में उन्होंने अपराध कबूल कर लिया।
इसके बाद मुख्य आरोपी ओमकार मारुति पवार को 4 फरवरी 2026 की तड़के पुणे–अहिल्यानगर सीमा के पास एक होटल से गिरफ्तार कर लिया गया। उसने भी जुर्म स्वीकार कर लिया। फिलहाल तीनों आरोपी पुलिस कस्टडी में हैं।
हथियार, नकदी और मोबाइल जब्त
पुलिस ने आरोपियों के पास से:
अपराध में इस्तेमाल मोबाइल फोन
पीड़ित का चोरी हुआ मोबाइल
फोनपे व जबरन छीनी गई ₹6,900 नकद
दो लकड़ी की लाठियां
आइसक्रीम कटर
लोहे का पाना
पीड़ित को बांधने में प्रयुक्त रस्सी
जैसा अहम सबूत बरामद किया है।
पुलिस टीम की दमदार भूमिका
यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अजयकुमार बंसल, अपर पुलिस अधीक्षक आयुष नोपाणी और उपविभागीय पुलिस अधिकारी अनंत कुलकर्णी के मार्गदर्शन में अंजाम दी गई। तालुका जालना पुलिस की टीम ने समन्वय, सूझबूझ और साहस का बेहतरीन प्रदर्शन किया।
सख्त संदेश
जालना पुलिस ने साफ शब्दों में कहा है कि जिले में अपहरण, लूट और हिंसक अपराधों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अपराधी चाहे जहां छिपें, कानून उन्हें ढूंढ निकालेगा।
👉 यह कार्रवाई न केवल पीड़ित को न्याय दिलाने की दिशा में बड़ा कदम है, बल्कि अपराधियों के लिए कड़ा संदेश भी।
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