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“अल्लाह के बंदों को उसकी इबादत की तरफ बुलाना एक अहम जिम्मेदारी है” – मौलाना अब्दुल क़वी फलाही

“Calling Allah’s servants to worship Him is an important responsibility” – Maulana Abdul Qavi Falahi

*जमाते इस्लामी हिंद का परतुर ब्लॉक तिमाही इज्तिमा जामा मस्जिद नेर में मुकम्मल

जालना : इस्लामी तहरीक हिंदुस्तान में मुख्तलिफ सतहों पर काम कर रही है. इसी सिलसिले की एक कड़ी जमाते इस्लामी हिंद द्वारा परतुर ब्लॉक तिमाही इज्तिमा थी, जो जामा मस्जिद नेर में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ.इज्तिमा में अपने विचार व्यक्त करते हुए  मौलाना अब्दुल क़वी फलाही (सेक्रेटरी, फैमिली काउंसलिंग सेंटर, महाराष्ट्र) ने अल्लाह के बंदों को अल्लाह इबादत की तरफ बुलाने की अहमियत पर ज़ोर दिया.

इज्तिमा का आगाज जालना की महिला शाखा की शहर सदर अमारा फिरदौस ने कुरआन-ए-मजीद की सूरह आले-इमरान की आयत नंबर 139 की तिलावत और तफसीर से किया. उन्होंने कहा,”दिल शिकस्ता न होने दो, गमगीन न हो; अगर तुम सच्चे मोमिन हो तो तुम ही बुलंद रहोगे.”

जालना ज़िला सदर सय्यद शाकिर ने प्रस्तावना पेश करते हुए कहा कि ज़िले को तीन ब्लॉकों में तक़सीम किया गया है, और परतूर ब्लॉक इज्तिमा इस्लामी तालीमात के प्रचार और समाज सेवा की दिशा में  एक अहम पहल है.
इस इज्तिमा में  विविध गतिविधियों के साथ-साथ जमात-ए-इस्लामी के उद्देश्य को भी सभी को विस्तार पूर्वक बताया गया. मार्गदर्शन  करने वालों ने इस्लाम के पैग़ाम-ए-अमन को आम करने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया.

मौलाना अब्दुल क़वी फलाही ने कहा, “जमात-ए-इस्लामी का बुनियादी मक़सद यह है कि समाज को रोशनी की तरफ लाया जाए और इस्लामी उसूलों की बुनियाद पर समाज की तरक्की और इस्लाह की जाए.” उन्होंने कहा कि,  “ख़ानदान एक किले की तरह है, और इसकी हिफाजत और तरक्की हर शख्स की जिम्मेदारी है.” उन्होंने बेहतरीन ख़ानदान की तामीर के लिए पैगंबर इब्राहिम (अस), पैगंबर इस्माइल(अस) के ख़ानदानों की मिसालें पेश की. मौलाना अब्दुल क़वी फलाही ने कहा,”फिलिस्तीन के मुसलमानों का जज्बा और सब्र आज के हर मुसलमान के लिए काबिले तास्सुर है.”

मौलाना मुजफ्फर सिद्दीकी ने अल्लाह से ताल्लुक को मजबूत करने के तरीकों पर रहनुमाई की. महिलाओं के किरदार पर रोशनी डालते हुए, आमिना अलमास (जिला सदर महिला विंग) ने इस्लामी समाज की तामीर में औरतों की ख़िदमत और किरदार को बयान किया.

अंत में मदीना मस्जिद नेर के इमाम हाफिज वाजिद खान की रूहानी दुआ से  इज्तिमा का समापन हुआ.

इस इज्तिमा में बडी संख्या में पुरुष महिलाएं और नौजवानों ने शिरकत की.शहर सदर अमानुल्लाह खान ने शुक्रिया अदा किया.


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Imran Siddiqui

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