सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप प्रशासन को मानवीय पैरोल खत्म करने की अनुमति दी
क्यूबा, हैती, निकारागुआ और वेनेजुएला के 5 लाख से ज्यादा प्रवासियों पर असर
वॉशिंगटन डी.सी. | 31 मई 2025: अमेरिका की सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए ट्रंप प्रशासन को उस मानवीय पैरोल कार्यक्रम को समाप्त करने की अनुमति दे दी है, जिसे बाइडेन सरकार ने चार संकटग्रस्त देशों — क्यूबा, हैती, निकारागुआ और वेनेजुएला (CHNV) — के प्रवासियों को अस्थायी कानूनी स्थिति और वर्क परमिट प्रदान करने के लिए शुरू किया था।
इस कार्यक्रम के तहत अब तक करीब 5.32 लाख प्रवासियों को अमेरिका में दो वर्षों तक कानूनी रूप से रहने और काम करने की अनुमति दी गई थी। लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से यह सुरक्षा खत्म हो सकती है।
न्यायालय ने माना कि प्रवासन नीति पर कार्यपालिका को निर्णय लेने का अधिकार है और ट्रंप प्रशासन इस कार्यक्रम को समाप्त करने के लिए स्वतंत्र है।
कार्यक्रम से प्रभावित देशों की संख्या:
- क्यूबा: लगभग 1.44 लाख प्रवासी
- हैती: लगभग 1.38 लाख प्रवासी
- निकारागुआ: लगभग 97 हजार प्रवासी
- वेनेजुएला: लगभग 1.53 लाख प्रवासी
प्रवासियों के अधिकारों के लिए काम करने वाले संगठनों ने इस फैसले की निंदा की है और इसे “मानवता के खिलाफ” बताया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे सैकड़ों हजारों लोग बेरोजगारी, बेघर होने और निर्वासन के खतरे में आ जाएंगे।
“यह फैसला अमेरिका की मानवीय नीति को पीछे ले जाने वाला है। हम इसके खिलाफ कानूनी और जनआंदोलन दोनों चलाएंगे।” — प्रवासन अधिवक्ता मारिया गोंजालेज
अब होमलैंड सिक्योरिटी विभाग इस फैसले के क्रियान्वयन की विस्तृत जानकारी देगा और यह स्पष्ट करेगा कि मौजूदा पैरोल धारकों को कितनी छूट मिलेगी।
🔖 फोकस कीवर्ड्स: #सुप्रीमकोर्ट #प्रवासीनीति #मानवीयपैरोल #बाइडेनकार्यक्रम #ट्रंपप्रशासन #CHNVप्रवासी

Discover more from NewsNation Online
Subscribe to get the latest posts sent to your email.






































































































Leave a Reply