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रामनगर शक्कर कारखाना उपोषण: कामगार–किसानों के समर्थन में मराठवाड़ा सर्व श्रमिक संघटना, जिल्हाधिकारी से त्वरित हस्तक्षेप की मांग

इंसाफ़ की मांग पर सड़कों पर अन्नदाता और श्रमिक

रामनगर शक्कर कारखाने के उपोषण ने पकड़ा जोर, मराठवाड़ा सर्व श्रमिक संघटना ने जिल्हाधिकारी से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की

जालना | प्रतिनिधि:
रामनगर स्थित सहकारी शक्कर कारखाने के कामगारों और किसानों द्वारा न्याय की मांग को लेकर जारी शांतिपूर्ण उपोषण अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। आंदोलन को नया बल देते हुए मराठवाड़ा सर्व श्रमिक संघटना ने खुलकर समर्थन जताया है और जिल्हाधिकारी से इस गंभीर मामले में त्वरित हस्तक्षेप की जोरदार मांग की है। संघटना की ओर से 2 फरवरी 2026 को जिल्हाधिकारी कार्यालय में ज्ञापन सौंपते हुए प्रशासन को स्पष्ट रूप से आगाह किया गया है कि यदि समय रहते ठोस और न्यायोचित निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन और अधिक व्यापक तथा तीव्र रूप ले सकता है।

धरना स्थल पर पहुंची संघटना, उपोषणकारियों से सीधा संवाद
मराठवाड़ा सर्व श्रमिक संघटना के सहसचिव सोहम बोदवडे, कॉमरेड शंकर लोखंडे (तालुकाध्यक्ष), दिलीप पांडव, शेषराव भालेराव एवं अन्य कार्यकर्तासहित संगठन के पदाधिकारियों ने गांधी चमन स्थित धरना स्थल पर पहुंचकर उपोषण पर बैठे कामगारों और किसानों से मुलाकात की। इस दौरान आंदोलनकारियों ने अपनी समस्याएं, लंबित मांगें और प्रशासनिक उपेक्षा से उत्पन्न हालात साझा किए। संघटना ने उपोषणकारियों को हरसंभव नैतिक, सामाजिक और संगठनात्मक सहयोग का आश्वासन दिया। रामनगर शक्कर कारखाना.

A group of men seated on a platform, some of them holding documents. They are participating in an event, with a large banner in the background in a local language promoting cooperative activities.
Workers and farmers participating in a hunger strike demanding justice with a focus on their grievances at the Ramnagar cooperative sugar factory

27 जनवरी से जारी है शांतिपूर्ण उपोषण
जिल्हाधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया है कि रामनगर सहकारी शक्कर कारखाने से जुड़े कामगार और किसान 27 जनवरी 2026 से गांधी चमन, जालना में शांतिपूर्ण उपोषण पर बैठे हैं। ये सभी अपनी विभिन्न न्यायसंगत, वैधानिक और लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, जो सीधे तौर पर उनकी आजीविका और भविष्य से जुड़ी हुई हैं।

प्रशासनिक उदासीनता से बढ़ी चिंता
मराठवाड़ा सर्व श्रमिक संघटना ने प्रशासन की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। संगठन का कहना है कि बार-बार निवेदन के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिसके चलते वृद्ध किसानों और कामगारों को भी उपोषण जैसे कठोर और स्वास्थ्य के लिए जोखिमपूर्ण कदम उठाने पड़ रहे हैं। लगातार उपेक्षा के कारण कामगार और किसान वर्ग आर्थिक संकट के साथ-साथ मानसिक तनाव का भी सामना कर रहा है।

जिल्हाधिकारी से त्वरित कार्रवाई की मांग
संघटना ने जिल्हाधिकारी से अपील की है कि वे मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल हस्तक्षेप करें और संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश जारी करें, ताकि उपोषणरत कामगारों और किसानों की मांगों का सकारात्मक, न्यायसंगत और शीघ्र समाधान निकल सके।

संघटना का ऐलान—अंत तक साथ
मराठवाड़ा सर्व श्रमिक संघटना ने दोहराया है कि इस आंदोलन को उनका पूर्ण नैतिक और संगठनात्मक समर्थन प्राप्त है। संगठन ने संकेत दिया है कि यदि मांगों की अनदेखी जारी रही, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा और कामगारों व किसानों के न्यायोचित अधिकारों की लड़ाई अंतिम निर्णय तक जारी रहेगी।

👉 स्थिति पर पैनी नजर—हर नए घटनाक्रम की जानकारी सबसे पहले

रामनगर शक्कर कारखाना

A group of people sitting on a stage during a protest or gathering, with a large banner in the background featuring images of speakers and text in Hindi announcing the event.
Farmers and laborers participating in a peaceful protest for the Ramnagar sugar factory

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