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महाराष्ट्र विधानमंडल का वर्षाकालीन अधिवेशन संपन्न: 16 विधेयकों को मंजूरी, जनहित और विकास को मिली नई दिशा

महाराष्ट्र विधानमंडल का वर्षाकालीन अधिवेशन संपन्न

महाराष्ट्र विधानमंडल का वर्षाकालीन अधिवेशन संपन्न: जनहित में 16 अहम विधेयकों को मिली मंजूरी

मुंबई, 18 जुलाई 2025 – महाराष्ट्र विधानमंडल का वर्षाकालीन अधिवेशन शुक्रवार को सम्पन्न हुआ। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि अधिवेशन के अंतिम सप्ताह में राज्य की आगे की दिशा स्पष्ट की गई, और आमजन के हित में कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गए। इस सत्र के दौरान महाराष्ट्र विशेष जन सुरक्षा विधेयक समेत कुल 16 महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित किया गया, जिनका सीधा प्रभाव राज्य के सामाजिक और आर्थिक विकास पर पड़ेगा।

संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में मुख्यमंत्री फडणवीस के साथ उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और अजित पवार भी उपस्थित थे। उन्होंने अधिवेशन की प्रमुख उपलब्धियों की जानकारी दी।

मुख्यमंत्री फडणवीस ने बताई राज्य की विकास दिशा

मुख्यमंत्री फडणवीस ने बताया कि राज्य में अब तक 90% बारिश दर्ज की गई है, जिससे कुछ क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हुई। प्रभावित क्षेत्रों में NDRF और SDRF द्वारा राहत कार्य किए गए और नुकसान के सर्वेक्षण (पंचनामे) शुरू हो गए हैं। जहां रिपोर्टें पूर्ण हुई हैं, वहां मुआवजे का वितरण भी प्रारंभ हो गया है। प्रमुख जलाशयों में 67% जलभराव है, जिससे खरीफ सीजन को लेकर सकारात्मक संकेत हैं।

उन्होंने बताया कि अधिवेशन में कई प्रमुख विधेयक पारित किए गए जिनमें अनुसूचित जाति व जनजाति आयोगों को वैधानिक दर्जा, त्र्यंबकेश्वर-नाशिक कुंभ मेळा प्राधिकरण, खनिकर्म प्राधिकरण, मकोका अधिनियम संशोधन और महाराष्ट्र विशेष जन सुरक्षा विधेयक शामिल हैं। यह विधेयक न्यायिक समिति की संस्तुति के बिना किसी को सीधे गिरफ्तार करने की अनुमति नहीं देता।

विकास योजनाओं के लिए मिला भरपूर बजट

मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरक बजट के अंतर्गत मेट्रो परियोजनाओं, नगरपालिकाओं, जिला परिषदों, पेयजल योजनाओं, महात्मा फुले जन आरोग्य योजना, छात्रवृत्तियों व दिव्यांग भत्तों (₹1500 से ₹2500) जैसे क्षेत्रों में भरपूर निधि दी गई। पशुपालन को कृषि समकक्ष दर्जा देने का निर्णय भी इस सत्र में लिया गया।

ऐतिहासिक धरोहरों को यूनेस्को की मान्यता

छत्रपति शिवाजी महाराज के 12 किलों को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल किए जाने को राज्य के लिए गौरव बताया गया। दोनों सदनों में प्रसन्नता व्यक्त की गई। साथ ही, देश के मुख्य न्यायाधीश भूषण गवई का भी अधिवेशन में अभिनंदन किया गया।

मराठा समाज के लिए अण्णासाहेब पाटील आर्थिक विकास महामंडल को ₹750 करोड़ की निधि मंजूर की गई, जिसमें प्रथम चरण की राशि का वितरण हो चुका है।

उपमुख्यमंत्रियों के प्रमुख वक्तव्य

उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि अधिवेशन में आम नागरिकों के हित में निर्णय लिए गए। झोपड़पट्टी पुनर्विकास, क्लस्टर योजना, सस्ते आवास, महिलाओं के छात्रावास, पुलिस व मिल मजदूरों के आवास के लिए योजनाएं लागू की गईं।

उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने बताया कि अधिवेशन में ₹57,509 करोड़ की पूरक मांगें मंजूर की गईं। इस बार रिकॉर्ड संख्या में अर्धघंटा चर्चा और लक्षवेधी सूचनाएं हुईं। एक दिन में 25–30 प्रश्न लिए गए, जो अब तक की सबसे बड़ी संख्या थी।

अधिवेशन में पारित प्रमुख विधेयक

  • ग्रामपंचायत चुनावों में वैधता प्रमाणपत्र की समय सीमा बढ़ाने वाला विधेयक
  • नगरपरिषद अधिनियम संशोधन (2 विधेयक)
  • त्र्यंबकेश्वर-नाशिक कुंभ मेळा प्राधिकरण विधेयक
  • गडचिरोली खनिकर्म प्राधिकरण विधेयक
  • अनुसूचित जाति व जनजाति आयोग विधेयक (2)
  • द्वितीय पूरक विनियोग विधेयक
  • महाराष्ट्र GST संशोधन विधेयक
  • बकाया कर व ब्याज की वसूली संशोधन विधेयक
  • शिक्षण संस्थाओं में ‘एनआरआई’ परिभाषा संशोधन
  • महाराष्ट्र विशेष जन सुरक्षा विधेयक
  • झोपड़पट्टी पुनर्विकास संशोधन विधेयक
  • मकोका संशोधन विधेयक
  • निजी विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक
  • ग्रामपंचायत अधिनियम संशोधन
  • नगर रचना एवं प्रादेशिक नियोजन अधिनियम संशोधन

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निष्कर्ष

महाराष्ट्र का यह वर्षाकालीन अधिवेशन राज्य की नीति, सामाजिक कल्याण और आधारभूत संरचना को मजबूत करने की दिशा में अत्यंत सफल और दूरदर्शी रहा। सरकार द्वारा लिए गए निर्णय निश्चित रूप से राज्य को प्रगति के नए पथ पर अग्रसर करेंगे।


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