जायकवाड़ी बांध से अब तक का सबसे बड़ा पानी विसर्ग, नदी किनारे बसे गांवों को अलर्ट
जालना, 28 सितंबर 2025।
जायकवाड़ी बांध के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा पानी विसर्ग दर्ज किया गया है। रविवार को बांध से 2,54,664 क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जबकि नाशिक की ओर से बांध में 3 लाख क्यूसेक से अधिक पानी की आवक लगातार जारी है।
बांध प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि रात में बारिश का दबाव बढ़ा तो विसर्ग को और बढ़ाकर 3 लाख क्यूसेक से अधिक करना पड़ सकता है। यह जायकवाड़ी बांध के इतिहास का सबसे बड़ा विसर्ग होगा और स्थिति 2006 की भीषण बाढ़ से भी गंभीर हो सकती है।
📌 2006 की बाढ़ की याद
10 अगस्त 2006 को जायकवाड़ी बांध से 2,50,000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। उस समय गोदावरी नदी किनारे बसे कई गांवों में भीषण बाढ़ का संकट खड़ा हो गया था।
⚠️ प्रशासन की अपील
- अपने जरूरी कागजात और सामान सुरक्षित स्थान पर रखें।
- पशुधन और कृषि सामग्री को ऊंचे स्थानों पर पहुंचाएं।
- परिवार समेत तुरंत ऊंचे इलाकों या प्रशासन द्वारा निर्धारित सुरक्षित केंद्रों पर जाएं।
प्रशासन ने कहा है कि नागरिकों का समय पर सहयोग ही जन-धन की सुरक्षा की गारंटी बनेगा।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
1. अभी बांध से कितना पानी छोड़ा जा रहा है?
👉 फिलहाल जायकवाड़ी बांध से 2,54,664 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।
2. बांध में कितनी आवक हो रही है?
👉 नाशिक की ओर से बांध में 3 लाख क्यूसेक से अधिक पानी आ रहा है।
3. क्या विसर्ग और बढ़ सकता है?
👉 हां। यदि बारिश का जोर बढ़ा तो विसर्ग को 3 लाख क्यूसेक से ज्यादा करना पड़ सकता है।
4. किन गांवों को सबसे ज्यादा खतरा है?
👉 गोदावरी नदी किनारे बसे गांवों को बाढ़ का सबसे बड़ा खतरा है।
5. नागरिकों को क्या करना चाहिए?
👉 जरूरी कागजात सुरक्षित रखें, पशुधन को ऊंचे स्थान पर ले जाएं और प्रशासन द्वारा तय किए गए सुरक्षित केंद्रों पर जाएं।
6. क्या स्थिति 2006 जैसी हो सकती है?
👉 हां, इस बार की स्थिति 2006 से भी ज्यादा गंभीर हो सकती है।

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