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जालना नगर निगम सख्त: बकाया संपत्ति कर न भरने वालों पर जब्ती की कार्रवाई तय, पाँच विशेष दल गठित
जालना, 31 जनवरी 2026 (वेब डेस्क):
जालना नगर निगम ने संपत्ति कर वसूली को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। शुक्रवार को नगर निगम मुख्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में स्पष्ट कर दिया गया कि बकाया संपत्ति कर वसूली के मामले में अब किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जिन संपत्ति धारकों ने बार-बार नोटिस के बावजूद कर जमा नहीं किया है, उनके खिलाफ नियमानुसार जब्ती की कार्रवाई तुरंत शुरू की जाए। जालना नगर निगम संपत्ति कर वसूली.
नगर निगम प्रशासन ने वसूली अभियान को तेज और प्रभावी बनाने के लिए पाँच विशेष दलों का गठन किया है। ये टीमें शहर के विभिन्न क्षेत्रों में बकायादार संपत्ति धारकों की पहचान कर मौके पर ही कार्रवाई करेंगी। अधिकारियों का कहना है कि विशेष दलों की तैनाती से लंबित कर राशि की वसूली में तेजी आएगी और नगर निगम के राजस्व में सुधार होगा।
करदाताओं को राहत देने के उद्देश्य से नगर निगम द्वारा संचालित ‘अभय योजना’ को भी आगे बढ़ाया गया है। योजना के तहत बकाया कर पर लगने वाले दंड (शास्ती) में 50 प्रतिशत तक की छूट दी जा रही है। इस योजना की अंतिम तिथि बढ़ाकर 28 फरवरी 2026 कर दी गई है। नगर निगम ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस अवसर का लाभ उठाते हुए समय रहते अपना बकाया संपत्ति कर जमा करें।
समीक्षा बैठक में यह भी बताया गया कि संपत्ति कर नगर निगम की आय का प्रमुख स्रोत है। सड़क निर्माण, नालियों की सफाई, जलापूर्ति व्यवस्था और स्वच्छता जैसे बुनियादी नागरिक सुविधाओं के विकास और रखरखाव के लिए कर वसूली का समय पर होना बेहद जरूरी है। वसूली प्रभावित होने पर विकास कार्यों पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
यह बैठक माननीय आयुक्त श्रीमती आशिमा मित्तल की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में अतिरिक्त आयुक्त अर्जुन गिराम, सहायक आयुक्त अपर्णा जाधव, कर अधिकारी राहुल देशमुख सहित सभी कर निरीक्षक और वसूली लिपिक उपस्थित रहे।
नगर निगम प्रशासन ने अंत में नगर निगम क्षेत्र के सभी संपत्ति धारकों से अपील की है कि वे संभावित कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए अपना बकाया संपत्ति कर शीघ्र अदा करें और शहर के विकास कार्यों में सहयोग दें। जालना नगर निगम संपत्ति कर वसूली.
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
Q1. जालना नगर निगम ने जब्ती की कार्रवाई क्यों शुरू करने का निर्णय लिया है?
नगर निगम ने बकाया संपत्ति कर की वसूली लक्ष्य समय पर पूरा न होने के कारण सख्त कदम उठाने का फैसला किया है। बार-बार नोटिस के बावजूद कर न भरने वालों पर अब जब्ती की कार्रवाई की जाएगी।
Q2. जब्ती की कार्रवाई किन संपत्ति धारकों पर होगी?
वे सभी संपत्ति धारक जिन्होंने निर्धारित समय में बकाया संपत्ति कर जमा नहीं किया है और नोटिस की अनदेखी की है, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
Q3. वसूली के लिए कितनी टीमें बनाई गई हैं?
नगर निगम ने संपत्ति कर वसूली और जब्ती की कार्रवाई के लिए पाँच विशेष दलों का गठन किया है।
Q4. अभय योजना के तहत क्या राहत दी जा रही है?
अभय योजना के अंतर्गत बकाया कर पर लगने वाले दंड (शास्ती) में 50 प्रतिशत तक की छूट दी जा रही है।
Q5. अभय योजना की अंतिम तिथि क्या है?
अभय योजना की अवधि बढ़ाकर 28 फरवरी 2026 तक कर दी गई है।
Q6. संपत्ति कर समय पर जमा करना क्यों जरूरी है?
संपत्ति कर नगर निगम की आय का मुख्य स्रोत है। इससे सड़क, नाली, जलापूर्ति और स्वच्छता जैसी बुनियादी सुविधाओं के विकास व रखरखाव के कार्य किए जाते हैं।
Q7. बकाया कर जमा न करने पर क्या कार्रवाई हो सकती है?
कर न भरने की स्थिति में संपत्ति की जब्ती, कानूनी कार्रवाई और अतिरिक्त दंड लगाया जा सकता है।
Q8. नागरिक बकाया संपत्ति कर कहां और कैसे जमा कर सकते हैं?
नागरिक नगर निगम कार्यालय, अधिकृत वसूली केंद्रों या उपलब्ध ऑनलाइन माध्यमों से अपना बकाया संपत्ति कर जमा कर सकते हैं।
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