NewsNation Online

FireFly In News

जालना को बाल श्रम मुक्त बनाने के निर्देश, श्रम विभाग को जिलाधिकारी की सख्त चेतावनी

जालना को बाल श्रम मुक्त बनाने के लिए काम में तेजी लाएं, श्रम विभाग को जिलाधिकारी के सख्त निर्देश

जालना, 30 जनवरी (जिमाका):
जिले को बाल श्रम से पूरी तरह मुक्त बनाने के लक्ष्य को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। श्रमिकों को शासन की सभी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ समय पर मिले और बाल श्रम उन्मूलन की कार्रवाई में किसी भी तरह की ढिलाई न बरती जाए। यह स्पष्ट निर्देश जिलाधिकारी आशिमा मित्तल ने श्रम विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान दिए। जालना बाल श्रम मुक्त.

जिलाधिकारी कार्यालय के सभागृह में बेठबिगार समिति, बाल श्रम समिति और असंगठित श्रमिक समिति की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला श्रम अधिकारी अमोल जाधव सहित समितियों के सदस्य तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

बाल श्रम पर सख्त कार्रवाई के निर्देश

बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी आशिमा मित्तल ने कहा कि जिले के ईंट-भट्ठों, होटल, ढाबों, गैराज, कारखानों और अन्य प्रतिष्ठानों का नियमित रूप से निरीक्षण किया जाना चाहिए। जहां कहीं भी बाल श्रमिक पाए जाएं, वहां बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिबंध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 के तहत बिना किसी देरी के सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि किसी भी प्रकार का बहाना स्वीकार नहीं किया जाएगा और जालना जिले को बाल श्रम मुक्त बनाने के लिए काम की गति बढ़ाई जाए।

श्रमिकों को योजनाओं का पूरा लाभ दिलाने पर जोर

जिलाधिकारी ने कहा कि श्रमिकों के जीवन स्तर में सुधार लाने के लिए शासन की अनेक कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। यह सुनिश्चित किया जाए कि जिले का कोई भी श्रमिक इन योजनाओं से वंचित न रहे। उन्होंने श्रम विभाग को निर्देश दिए कि पात्र श्रमिकों की पहचान कर उन्हें योजनाओं का लाभ दिलाने की प्रक्रिया तेज की जाए।

जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश

बैठक में यह भी कहा गया कि श्रमिकों और आम नागरिकों में बाल श्रम के दुष्परिणामों तथा श्रमिकों के अधिकारों को लेकर जागरूकता बढ़ाना आवश्यक है। इसके लिए सोशल मीडिया के माध्यम से ऑडियो-वीडियो सामग्री का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि सही जानकारी लोगों तक पहुंचे और वास्तविक श्रमिक किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी से बच सकें।

सुविधा केंद्रों और शिकायतों पर निगरानी

जिलाधिकारी ने तालुका स्तर पर संचालित श्रमिक सुविधा केंद्रों पर नियमित निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन केंद्रों में कार्यप्रणाली की समय-समय पर समीक्षा की जाए और श्रमिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए। श्रमिक योजनाओं के तहत सामग्री वितरण के दौरान अवैध वसूली की शिकायतें सामने आ रही हैं, जिनका तुरंत निवारण किया जाए।

श्रम विभाग की कार्यप्रणाली पर नाराजगी

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने श्रम विभाग के कार्यों पर असंतोष भी जताया। उन्होंने कहा कि विभागीय कामकाज में अपेक्षित सुधार की आवश्यकता है और सभी अधिकारी अपनी जिम्मेदारी गंभीरता से निभाएं। बाल श्रम उन्मूलन और श्रमिक कल्याण जैसे संवेदनशील विषयों पर किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

सवालों का समाधान

बैठक में समिति सदस्यों द्वारा उठाए गए विभिन्न प्रश्नों और समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई और संबंधित अधिकारियों को उनके समाधान के निर्देश दिए गए। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जालना जिले को बाल श्रम मुक्त बनाने की दिशा में ठोस और परिणामकारक कार्रवाई की जाएगी। जालना बाल श्रम मुक्त.

A meeting in a conference room with several people seated at a table, reviewing documents and discussing, with a government emblem displayed on the wall.
District officials discuss strategies to eliminate child labor during a meeting in Jalna

Discover more from NewsNation Online

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

आपके लिए सुझाव

author avatar
NewsNationOnline Team

Discover more from NewsNation Online

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading