जालना के सर्वांगीण विकास के लिए सुनिश्चित प्रयास – पालकमंत्री पंकजा मुंडे
In the meeting of the District Planning Committee, the draft of the plan worth Rs. 411.17 crore was approved.
जालना, 1 फरवरी (जिमाका): वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए जिला वार्षिक योजना (सामान्य) के तहत 332.20 करोड़ रुपये, अनुसूचित जाति उपयोजना के लिए 76 करोड़ रुपये और आदिवासी क्षेत्र बाह्य घटक कार्यक्रम के तहत 2.97 करोड़ रुपये— इस प्रकार कुल 411.17 करोड़ रुपये की वित्तीय सीमा में प्रारूप आराखड़ा तैयार किया गया है। इस आराखड़े को जालना की पालकमंत्री एवं राज्य की पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन, पशुसंवर्धन मंत्री पंकजा मुंडे की अध्यक्षता में आयोजित जिला योजना समिति की बैठक में मंजूरी दी गई। इस अवसर पर मंत्री मुंडे ने कहा कि जिले के समग्र विकास के लिए ठोस प्रयास किए जाएंगे।
विकास कार्यों के लिए 600 करोड़ रुपये के प्रारूप को मंजूरी
जिला योजना समिति की बैठक जिलाधिकारी कार्यालय के नियोजन सभागार में आयोजित की गई, जिसमें विधायक बबनराव लोणीकर, अर्जुन खोतकर, संतोष दानवे, हिकमत उढाण, राजेश राठौड़, जिलाधिकारी डॉ. श्रीकृष्ण पांचाळ, जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी वर्षा मीना, जिला पुलिस अधीक्षक अजयकुमार बसंल, जिला नियोजन अधिकारी सुनील सूर्यवंशी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

बैठक में मंत्री मुंडे ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए जिला वार्षिक योजना (सामान्य) के तहत राज्य सरकार द्वारा निर्धारित वित्तीय सीमा 332.20 करोड़ रुपये है। जिले में विभिन्न विकास कार्यों के लिए अतिरिक्त 267.80 करोड़ रुपये की मांग की गई है, जिसे जिला स्तरीय समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। इस प्रकार कुल 600 करोड़ रुपये के प्रारूप आराखड़े को स्वीकृति दी गई है।
वित्तीय वर्ष 2024-25 के विकास कार्यों की समीक्षा
वित्तीय वर्ष 2024-25 में जिला वार्षिक योजना (सामान्य, अनुसूचित जाति उपयोजना और आदिवासी क्षेत्र बाह्य घटक कार्यक्रम) के तहत कुल 469.13 करोड़ रुपये का बजट अनुमोदित किया गया था। बीडीएस योजना के तहत 260.33 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त हुई। इसी अवधि में 341.43 करोड़ रुपये के विभिन्न कार्यों को प्रशासनिक स्वीकृति मिली, जिसमें से 144.48 करोड़ रुपये की राशि वितरित की गई और 122.07 करोड़ रुपये का उपयोग विभिन्न एजेंसियों द्वारा किया गया।

जनकल्याणकारी योजनाओं को समयबद्ध क्रियान्वयन का निर्देश
मंत्री मुंडे ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले में जनता को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के लिए विद्युत, जल आपूर्ति, स्वास्थ्य, सड़क परिवहन और कृषि से संबंधित सेवाओं की समुचित योजना बनाकर विकास कार्यों में निधि का समुचित उपयोग किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रस्ताव तैयार करते समय स्थानीय आवश्यकताओं, कार्यों की प्राथमिकता और जनप्रतिनिधियों की मांगों को ध्यान में रखा जाए।
बैठक में अवैध रेत उत्खनन, अतिक्रमण, घरकुल योजना के तहत रेत उपलब्धता, नहरों की मरम्मत और जल जीवन मिशन के कार्यों पर भी विस्तृत चर्चा की गई।
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