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किसानों को न्याय मिलना ही चाहिए – समृद्धि महामार्ग भूमि अधिग्रहण पर उपमुख्यमंत्री शिंदे के कक्ष में महत्वपूर्ण बैठक

Farmers must get justice – Important meeting in Deputy Chief Minister Shinde’s chamber on Samruddhi Mahamarg land acquisition

बाज़ार मूल्य अढ़ाई करोड़, लेकिन सरकार सिर्फ 25 लाख देगी? – विधायक खोतकर का सवाल

जालना: नांदेड-जालना समृद्धि महामार्ग के लिए किए जा रहे भूमि अधिग्रहण और उसके मूल्यांकन से संबंधित लंबित मुद्दों को हल करने के लिए उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के कक्ष में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. इस बैठक में पालक मंत्री पंकजा मुंडे, विधायक अर्जुनराव खोतकर और संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे.

समृद्धि महामार्ग के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में किए गए मूल्यांकन से किसानों में भारी असंतोष था. इसे देखते हुए विधायक अर्जुनराव खोतकर ने इस विषय पर तात्कालिक बैठक बुलाने की मांग की थी. उनकी मांग पर विशेष कार्य अधिकारी नितिन दलवी ने 4 मार्च को बैठक बुलाने का आदेश जारी किया और गुरुवार को यह बैठक संपन्न हुई.
किसानों को उचित मुआवजा मिलना चाहिए – विधायक खोतकर की मजबूत दलील

बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए विधायक अर्जुनराव खोतकर ने कहा “मैंने देवमूर्ति गांव के किसानों से वादा किया था कि मैं उनके हक के लिए सरकार के सामने आवाज उठाऊंगा. आज की बैठक में मैंने किसानों का मुद्दा मजबूती से रखा.” उन्होंने आगे कहा,”प्राकृतिक न्याय के अनुसार, किसानों को उनकी जमीन का उचित मुआवजा मिलना ही चाहिए. पिछले तीन वर्षों में उस क्षेत्र में कोई भूमि लेन-देन नहीं हुआ है, इसलिए रेडीरेकनर दर में हर साल जो 10% वृद्धि होती है, उसके आधार पर मूल्यांकन किया जाना चाहिए.”

*अढ़ाई करोड़ की जमीन के लिए सिर्फ 25 लाख?

विधायक खोतकर ने सरकार से सीधा सवाल करते हुए कहा,”जालना शहर में कोई भी व्यक्ति बता सकता है कि देवमूर्ति क्षेत्र में जमीन का बाज़ार मूल्य अढ़ाई करोड़ से अधिक है. लेकिन सरकार किसानों को सिर्फ 25 लाख रुपये प्रति एकड़ दे रही है. ऐसा कौन सा किसान होगा जो अपनी करोड़ों की जमीन सरकार को इतने कम दाम में बेचेगा?”

*फलों के बागानों का भी उचित मुआवजा मिले

विधायक खोतकर ने इस बैठक में फलों के बागानों के मुआवजे को लेकर भी अपनी बात रखी. उन्होंने प्रशासन को स्पष्ट रूप से कहा “संयुक्त सर्वेक्षण में जो फलों के बागान दर्ज किए गए हैं, उन्हें भी पूरा मुआवजा मिलना चाहिए.”

*जिलाधिकारी का बड़ा बयान – ‘जमीन की कीमत 80 लाख से ज्यादा’

बैठक में विधायक खोतकर ने जिलाधिकारी से सीधा सवाल पूछा कि जालना शहर के पास की जमीन का बाज़ार मूल्य कितना है? इस पर जिलाधिकारी ने कहा कि “उस क्षेत्र में जमीन की दर प्रति एकड़ 75 से 80 लाख रुपये है.”
इस पर खोतकर ने कहा,”अगर बाज़ार दर 80 लाख रुपये प्रति एकड़ है, तो सरकार को कम से कम इसका पांच गुना यानी 4 करोड़ रुपये प्रति एकड़ देना चाहिए. जिलाधिकारी ने यह भी स्वीकार किया कि देवमूर्ति क्षेत्र में जमीन की कीमत 80 लाख से अधिक है और इस मुद्दे पर विचार करने का आश्वासन दिया.”

*शिंदे की सकारात्मक भूमिका

इस चर्चा के बाद उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने जिलाधिकारी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि ‘अन्य जिलों की परिस्थितियों का असर जालना जिले के किसानों पर नहीं पड़ना चाहिए.’

इस बैठक में समृद्धि महामार्ग के लिए किए जा रहे भूमि अधिग्रहण के उचित मुआवजे पर विस्तार से चर्चा हुई. उपमुख्यमंत्री शिंदे ने जिलाधिकारी को इस मामले में उचित निर्णय लेने के निर्देश दिए. इससे किसानों को उनकी जमीन का न्यायसंगत मुआवजा दिलाने की दिशा में यह बैठक महत्वपूर्ण साबित हुई.

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Imran Siddiqui

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