Youth from backward classes should come forward in the industry: Ghanshyamdas Goyal
*एम. एस. एम. ई. भीम उद्योग अभियान द्वारा कार्यशाला संपन्न
जालना : कालिका स्टील के संचालक और उद्योजक घनश्यामदास गोयल ने कहा कि पिछड़े वर्ग के युवाओं को उद्योग के क्षेत्र में लाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार की कई कल्याणकारी योजनाएं हैं. युवाओं को इन योजनाओं का लाभ उठाकर अपना उद्योग स्थापित करना चाहिए.
एम. एस. एम. ई. भीम उद्योग अभियान द्वारा बुधवार को होटल सागर इन में आयोजित उद्योजकता जागरूकता कार्यशाला के उद्घाटन समारोह में घनश्यामदास गोयल बोल रहे थे. कार्यक्रम की अध्यक्षता एम. एस. एम. ई. छत्रपति संभाजीनगर के संयुक्त संचालक नरेंद्र इस्टोलकर ने की. इस अवसर पर उद्योजक सुनीलभाई रायठठ्ठा, गोपाल गोयल, सहायक संचालक राहुल मिश्रा, एन.एस.आई.सी. के व्यवस्थापक बी. एन. बरनवाल, जिला उद्योग केंद्र के जगदीश जगताप, महाबँक आरसेटी के संचालक मंगेश डामरे, भीम उद्योग अभियान के संस्थापक संजय भालेराव, महासचिव राजेश राऊत, सिने अभिनेत्री वैशाली दाभाडे आदि उपस्थित थे.

घनश्यामदास गोयल ने कहा कि नौकरी मांगने के बजाय नौकरी देने वाले बनें. उन्होंने युवाओं को सलाह दी कि वे ऋण लेकर उद्योग स्थापित करें और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी उद्यमशीलता का लोहा मनवाएं. गोयल ने ऐसे आयोजनों में सहयोग करने का आश्वासन भी दिया.
अध्यक्षीय भाषण में नरेंद्र इस्टोलकर ने प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना और क्लस्टर डेवलपमेंट के बारे में जानकारी दी. उन्होंने कहा कि उद्योग में सफलता के लिए दृढ़ता, निरंतरता और कड़ी मेहनत जरूरी है.
राहुल मिश्रा ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों के स्तर, उत्पादन, सेवा क्षेत्र, बड़े उद्योगों के लिए आवश्यक कच्चा माल, सौंदर्य प्रसाधन, उत्पादों की पैकेजिंग, ब्रांडिंग, ई-मार्केट, सरकारी खरीद-बिक्री, स्टैंड अप और स्टार्टअप योजनाओं के बारे में जानकारी दी.

बी. एन. बरनवाल ने अनुसूचित जाति और जनजाति के नए उद्यमियों को ऋण सुविधा, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनियों के लिए सब्सिडी और अन्य सुविधाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी.जगदीश जगताप, मंगेश डामरे और अभिनेत्री वैशाली दाभाडे ने भी युवाओं का मार्गदर्शन किया. संजय भालेराव ने भीम उद्योग अभियान के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि युवाओं को उद्योग के प्रति प्रेरित करना और उन्हें उद्यमी बनाना अभियान का लक्ष्य है.
कार्यक्रम का संचालन आशीष रसाल ने किया और श्रावण गायकवाड़ ने आभार व्यक्त किया. इस अवसर पर भीम उद्योग अभियान के प्रदेश महासचिव राजेश राऊत, कार्यकारी अध्यक्ष सचिन बावस्कर, उपाध्यक्ष डॉ. सुरेंद्र खाडे और जिला समन्वयक मनोज वाकडे को नियुक्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया. कार्यशाला में सुरेश खंडाले, डॉ. शिवाजी लहाने, यशवंत राऊत, अनिकेत भालेराव, प्रदीप गौतीस, संगीता राऊत, शितल भारती, संतोषी गिरी, प्रियंका मगरे, सत्यशीला राऊत, कविता गिरी, कपिल मगरे सहित 75 युवक-युवतियों ने भाग लिया.

*ग्राहकों की संतुष्टि ही उद्योग की आत्मा : रायठठ्ठा
उद्योजक सुनीलभाई रायठठ्ठा ने कहा कि मध्ययुगीन काल से पहले भारत दुनिया के कुल निर्यात का 25% करता था. लेकिन यह आंकड़ा बाद में घटकर 2.5% से 3% रह गया. उन्होंने युवा उद्यमियों को सलाह दी कि वे सिर्फ अपने मुनाफे के बारे में न सोचें, बल्कि ग्राहकों की पसंद-नापसंद, उनकी क्षमता और क्रय शक्ति को ध्यान में रखकर उद्योग स्थापित करें. रायठठ्ठा ने कहा कि उत्पादन और पैसों का कोई जाति-धर्म नहीं होता. ग्राहक अगर साथ छोड़ दे तो कोई नहीं बचा सकता. उन्होंने कहा कि ग्राहकों की संतुष्टि ही उद्योग की आत्मा है, इसलिए इस पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए.

*गोयल और रायठठ्ठा को प्रतिनिधित्व दिया जाए: राऊत
भीम उद्योग अभियान के प्रदेश महासचिव राजेश राऊत ने अपने प्रास्ताविक भाषण में मांग की कि नए उद्यमियों की समस्याओं को सरकार तक पहुंचाने के लिए उद्योजक घनश्यामदास गोयल को राज्यसभा और सुनीलभाई रायठठ्ठा को विधान परिषद में प्रतिनिधित्व दिया जाए. उन्होंने कहा कि आज औद्योगिक क्रांति का युग है और नौकरियों के अवसर कम हो रहे हैं. ऐसे में पिछड़े वर्ग के युवाओं को भटकने से बचाने के लिए आत्मविश्वास के साथ प्रक्रिया और सेवा उद्योग अपनाना चाहिए। भीम उद्योग अभियान इस दिशा में प्रयासरत है.
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