प्राकृतिक आपदा अनुदान घोटाला जालना : तलाठी निवास जाधव गिरफ्तार, चार दिन की पुलिस हिरासत
अब तक 34 आरोपी गिरफ्तार, करोड़ों के गबन का मामला
जालना:
जालना जिला की अंबड और घनसावंगी तहसीलों में प्राकृतिक आपदा के बाद किसानों के लिए घोषित सरकारी अनुदान में बड़े घोटाले का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। इस मामले में आर्थिक अपराध शाखा ने तलाठी निवास बाबूसिंग जाधव (36), निवासी चौधरी नगर, जालना को गिरफ्तार किया है। आरोपी को न्यायालय में पेश किए जाने के बाद चार दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्राकृतिक आपदा से फसलों को हुए नुकसान के बाद राज्य सरकार की ओर से समय-समय पर चार सरकारी निर्णय (जीआर) जारी कर प्रभावित किसानों को आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई थी। आरोप है कि अनुदान वितरण के दौरान अंबड और घनसावंगी तहसीलों में सूची अपलोड करने का कार्य संभालने वाले कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों ने कृषि भूमि से असंबंधित फर्जी नाम सूचियों में शामिल कर दिए। इन नामों पर अनुदान की राशि स्वीकृत कराई गई और बाद में यह रकम अवैध रूप से वापस वसूल की गई।
इस गंभीर अनियमितता को लेकर शिकायतें सामने आने के बाद तत्कालीन जिलाधिकारी ने मामले की सच्चाई जांचने के लिए एक विशेष जांच समिति का गठन किया था। समिति की विस्तृत जांच रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि 240 गांवों में कुल ₹24,90,77,811 की सरकारी राशि का गबन किया गया है।
जांच रिपोर्ट के आधार पर अंबड पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया। यह प्रकरण बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) की विभिन्न धाराओं के साथ-साथ आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत पंजीबद्ध किया गया है। मामले की जांच फिलहाल आर्थिक अपराध शाखा, जालना द्वारा की जा रही है।
इस घोटाले में अब तक 34 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी थी। सभी आरोपियों की जमानत याचिकाएं उच्च न्यायालय द्वारा खारिज की जा चुकी हैं। इसी बीच फरार आरोपियों की तलाश के दौरान तलाठी निवास जाधव के जालना शहर में होने की सूचना मिली, जिसके आधार पर आर्थिक अपराध शाखा की टीम ने उसे चौधरी नगर से हिरासत में लेकर गिरफ्तार किया।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को प्रथम वर्ग न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय, कोर्ट क्रमांक-2, अंबड में पेश किया गया, जहां से उसे आगे की पूछताछ के लिए चार दिन की पुलिस कस्टडी में भेजने के आदेश दिए गए।
यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अजयकुमार बंसल, अपर पुलिस अधीक्षक आयुष नोपाणी तथा प्रभारी उप पुलिस अधीक्षक (आर्थिक अपराध शाखा) सिद्धार्थ माने के मार्गदर्शन में की गई। अभियान में मिथुन घुगे (सहायक पुलिस निरीक्षक) सहित आर्थिक अपराध शाखा के कई अधिकारी और कर्मचारी शामिल रहे।
पुलिस के अनुसार, मामले में अन्य आरोपियों और संभावित एजेंटों की तलाश जारी है और आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं। प्राकृतिक आपदा अनुदान घोटाला जालना.

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