महाराष्ट्र ने दूरदर्शी नेतृत्व खोया: जालना में सर्वदलीय शोकसभा में अजित पवार को भावभीनी श्रद्धांजलि
जालना।
महाराष्ट्र ने अनुशासन, स्पष्टवादिता और विकासोन्मुख सोच का प्रतीक माने जाने वाले दूरदर्शी नेता Ajit Pawar को खो दिया है। यह भावना जालना में आयोजित सर्वदलीय शोकसभा में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने एकमत से व्यक्त की। नेताओं ने कहा कि अजित पवार जैसा सशक्त, कर्मठ और प्रशासन पर मजबूत पकड़ रखने वाला नेतृत्व विरले ही देखने को मिलता है। अजित पवार शोकसभा जालना.
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के सभागृह में आयोजित इस शोकसभा की अध्यक्षता पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री Raosaheb Danve ने की। कार्यक्रम में विधायक अर्जुन खोतकर, बबनराव लोणीकर, नारायण कुचे, पूर्व विधायक कैलास गोरंट्याल सहित भाजपा, शिवसेना, राष्ट्रवादी कांग्रेस, कांग्रेस, रिपब्लिकन पार्टी और वंचित बहुजन आघाड़ी के पदाधिकारी व कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
सभा को संबोधित करते हुए रावसाहेब दानवे ने कहा कि अजित पवार कठोर परिश्रम, अनुशासन और स्पष्टवक्तापन के प्रतीक थे। उन्होंने 1990–95 के दौरान विधानसभा में उनके साथ काम करने के अनुभव साझा करते हुए कहा कि एक दूरदर्शी नेता के रूप में उनकी पहचान हमेशा स्मरण में रहेगी। दानवे ने कहा कि आज के राजनीतिक परिदृश्य में ऐसा परिश्रमी और स्पष्ट नेतृत्व दुर्लभ होता जा रहा है।
विधायक अर्जुन खोतकर ने कहा कि अजित पवार के साथ उनका 35 वर्षों का राजनीतिक संबंध रहा। प्रशासनिक तंत्र पर उनकी मजबूत पकड़, समयबद्ध निर्णय क्षमता और विकास को केंद्र में रखने वाली सोच ने उन्हें विशिष्ट पहचान दिलाई। उनके निधन से महाराष्ट्र को अपूरणीय क्षति हुई है, वहीं उनके विचार और कार्यशैली आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनी रहेगी।
विधायक बबनराव लोणीकर ने अजित पवार को सर्वसमावेशी और बहुआयामी व्यक्तित्व का धनी बताते हुए कहा कि वे विधायिका के कामकाज को अत्यंत कुशलता और सहजता से संभालते थे। विधायक नारायण कुचे ने कहा कि सत्ता में हों या विपक्ष में, अजित पवार ने हमेशा अनुशासन और स्पष्टवादिता को प्राथमिकता दी, जो उन्हें अन्य नेताओं से अलग बनाती थी।अजित पवार शोकसभा जालना.
पूर्व विधायक कैलास गोरंट्याल ने जालना शहर के विकास में अजित पवार के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने शहर की जलसमस्या के समाधान और खेल संकुल के लिए अतिरिक्त निधि उपलब्ध कराई। उन्होंने नगर निगम से जालना शहर के किसी प्रमुख चौक या सड़क का नाम अजित पवार के नाम पर रखने का सुझाव भी दिया। शिवसेना नेता भास्कर अंबेकर ने कहा कि जलापूर्ति योजना सहित शहर के विभिन्न विकास कार्यों में अजित पवार का मार्गदर्शन निर्णायक रहा।
राष्ट्रवादी कांग्रेस के जिलाध्यक्ष अरविंद चव्हाण ने कहा कि अजित पवार के असामयिक निधन से एक प्रखर, ऊर्जावान और गतिशील नेतृत्व शांत हो गया है। उन्होंने जालना जिले के विकास के लिए उपलब्ध कराई गई बड़ी निधि और बंद पड़ी जालना शुगर फैक्ट्री को पुनः शुरू कराने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को विशेष रूप से रेखांकित किया।
वंचित बहुजन आघाड़ी के जिलाध्यक्ष डेविड घुमारे ने कहा कि उपेक्षित और वंचित वर्गों के विकास को प्राथमिकता देने वाला स्पष्टवादी नेतृत्व आज महाराष्ट्र ने खो दिया है। अन्य वक्ताओं ने फुले–शाहू–आंबेडकर विचारधारा को मजबूती देने, श्रमिकों के मुद्दों पर संवेदनशीलता दिखाने और कार्यकर्ताओं को न्याय दिलाने के लिए अजित पवार के योगदान को याद किया।
कार्यक्रम में मराठा महासंघ, व्यापारी महासंघ और विभिन्न युवा संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए अजित पवार को श्रद्धांजलि अर्पित की। शोकसभा का संचालन सपाटे ने किया। अजित पवार शोकसभा जालना,

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