“कलेक्टर मित्तल की सादगी ने जीता सबका दिल” — बाजार में प्रशासन और जनता के बीच भरोसे की नई शुरुआत
किसानों, मजदूरों और व्यापारियों ने कहा — “पहली बार किसी अफसर ने हमारी बातें इतनी आत्मीयता से सुनीं।”
जालना से, 8 अक्टूबर 2025
जालना : कभी-कभी एक मुलाकात बहुत कुछ बदल देती है — जालना के बाजार में बुधवार को ऐसा ही नजारा देखने को मिला। जिलाधिकारी डॉ. आशिमा मित्तल अचानक कृषि उत्पन्न बाजार समिति, किराना मार्केट, आढ़त मार्केट और गुड़ मार्केट पहुंचीं। न कोई औपचारिकता, न कोई दिखावा — बस एक सादगी भरी अधिकारी, जो हर व्यापारी, मजदूर और किसान से सीधे मिल रहीं थीं, उनकी समस्याएं सुन रही थीं और मौके पर ही कुछ समाधान भी दे रहीं थीं।

जब कलेक्टर खुद मंडी में उतरीं, तो वहां मौजूद मजदूरों की आँखों में उम्मीद की चमक दिखी। एक बुजुर्ग किसान ने कहा — “आज पहली बार किसी बड़े अफसर को हमारे बीच आते देखा… हमें लगा कि हमारी बात अब सच में सुनी जाएगी।”
व्यापारी वर्ग में भी नया उत्साह
व्यापारी वर्ग में इस अनौपचारिक, आत्मीय संवाद से नई ऊर्जा का संचार हुआ। कैट के राज्य उपाध्यक्ष, जालना व्यापारी महासंघ और होलसेल किराना मार्केट एसोसिएशन के अध्यक्ष सतीश पंच ने कहा — “डॉ. मित्तल ने सिर्फ समस्याएं नहीं सुनीं, बल्कि हर मुद्दे को दिल से समझा। उन्होंने जो आत्मीयता दिखाई, वही असली प्रशासनिक संवेदनशीलता है। यह दौरा जालना के व्यापार के लिए टर्निंग प्वाइंट साबित होगा।”
तुरंत दिए दिशा-निर्देश
कलेक्टर ने मौके पर ही अधिकारियों को निर्देश दिए — किसानों को उनके माल का उचित भाव मिले, मजदूरों को सम्मानजनक काम का माहौल मिले और व्यापारियों को सुचारू व्यवस्था का भरोसा मिले। उनकी इस पहल ने यह संदेश दिया कि प्रशासन केवल फाइलों में नहीं, बल्कि जनता के दिलों में भी जगह बना सकता है।
“डॉ. आशिमा मित्तल जैसी अधिकारी अगर हर जिले में हों, तो किसान का दुख, मजदूर की मेहनत और व्यापारी का विश्वास — सबको असली सम्मान मिलेगा।”
जालना का यह दृश्य बताता है कि जब संवेदनशीलता शासन से जुड़ती है, तो विकास केवल आंकड़ों में नहीं, बल्कि लोगों की आँखों की चमक में दिखता है।


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