जालना कचरे में मिले मतदाता पहचान पत्र , चुनावी प्रक्रिया पर उठे गंभीर सवाल
सावरकर चौक पर आधार, पैन और मतदाता पहचान पत्र मिलने से मचा हड़कंप
आचार संहिता कक्ष की सख्ती, फ्लाइंग स्क्वॉड की कार्रवाई के बाद एफआईआर दर्ज
जालना:
आदर्श आचार संहिता के सख्त प्रवर्तन के बीच जालना में चुनावी पारदर्शिता को झकझोर देने वाली एक गंभीर घटना सामने आई है। शहर के सावरकर चौक–सिंधी बाजार क्षेत्र में कचरे के ढेर से आधार कार्ड, पैन कार्ड और मतदाता पहचान पत्र लावारिस हालत में मिलने से प्रशासन में हड़कंप मच गया। मतदाताओं से जुड़े अत्यंत महत्वपूर्ण दस्तावेज़ इस तरह सार्वजनिक स्थान पर मिलने को चुनाव प्रशासन ने गंभीर लापरवाही और संभावित अपराध मानते हुए तत्काल कार्रवाई की है। जालना कचरे में मिले मतदाता पहचान पत्र.
शिकायत मिलते ही हरकत में आया प्रशासन

11 जनवरी 2026 को आचार संहिता कक्ष को शिकायत प्राप्त हुई कि सावरकर चौक परिसर में शासकीय पहचान पत्र कचरे में फेंके गए हैं। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त आयुक्त अर्जुन गिराम ने तुरंत संज्ञान लेते हुए फ्लाइंग स्क्वॉड (FST) को मौके पर भेजकर स्थल निरीक्षण और विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
फ्लाइंग स्क्वॉड प्रमुख डी. एन. हिवराले द्वारा की गई प्रत्यक्ष जांच में शिकायत सही पाई गई। निरीक्षण के दौरान कचरे के ढेर से विभिन्न नागरिकों के पहचान पत्र मिलने की पुष्टि होने के बाद पूरे मामले को चुनावी प्रक्रिया से जोड़कर देखा गया।
पुलिस में दर्ज हुआ अपराध
अतिरिक्त आयुक्त के लिखित निर्देशों के अनुसार फ्लाइंग स्क्वॉड प्रमुख ने सदर बाजार पुलिस थाना में विधिवत शिकायत दर्ज कराई। इसके आधार पर पुलिस ने एफआईआर संख्या 0026/2026 दर्ज करते हुए संबंधित धाराओं में मामला पंजीकृत किया है।
लागू धाराएँ:

- भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023: धारा 223
- लोकप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950, 1951 एवं 1989: धारा 123
प्रशासन की सख्त चेतावनी
आचार संहिता के नोडल अधिकारी एवं निवासी उपजिलाधिकारी शशिकांत हदगल ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेज़ों या मतदाताओं के पहचान पत्रों के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही या दुरुपयोग गंभीर आपराधिक अपराध की श्रेणी में आता है। ऐसे मामलों में दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मामले की आगे की जांच पुलिस हेड कॉन्स्टेबल रामकिसन पांडुरंग वाघमारे द्वारा की जा रही है और सभी पहलुओं की गहनता से जांच होगी।
24 घंटे में कार्रवाई का भरोसा
वहीं, निर्वाचन निर्णय अधिकारी एवं आयुक्त आशिमा मित्तल के मार्गदर्शन में चुनावी प्रशासन ने दोहराया है कि आचार संहिता के उल्लंघन या मतदाता दस्तावेज़ों से जुड़े किसी भी मामले में 24 घंटे के भीतर त्वरित और कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि कहीं भी इस तरह की संदिग्ध गतिविधि नजर आए, तो तुरंत चुनाव प्रशासन या पुलिस को सूचित करें।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
Q1. जालना में कचरे में क्या मिला था?
उत्तर:
जालना के सावरकर चौक–सिंधी बाजार क्षेत्र में कचरे के ढेर से आधार कार्ड, पैन कार्ड और मतदाता पहचान पत्र लावारिस हालत में पाए गए थे।
Q2. यह मामला कब सामने आया?
उत्तर:
यह मामला 11 जनवरी 2026 को सामने आया, जब आचार संहिता कक्ष को इस संबंध में शिकायत प्राप्त हुई।
Q3. कचरे में मतदाता पहचान पत्र मिलने पर प्रशासन ने क्या कार्रवाई की?
उत्तर:
शिकायत मिलते ही अतिरिक्त आयुक्त के निर्देश पर फ्लाइंग स्क्वॉड ने स्थल निरीक्षण किया। जांच में शिकायत सही पाए जाने के बाद पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई गई।
Q4. इस मामले में एफआईआर किन धाराओं में दर्ज की गई है?
उत्तर:
पुलिस ने एफआईआर संख्या 0026/2026 दर्ज करते हुए
- भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 223
- लोकप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950, 1951 एवं 1989 की धारा 123
के तहत मामला पंजीकृत किया है।
Q5. मतदाता पहचान पत्र या आधार कार्ड का दुरुपयोग कितना गंभीर अपराध है?
उत्तर:
चुनाव प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेज़ों या मतदाताओं के पहचान पत्रों का दुरुपयोग या लापरवाही गंभीर आपराधिक अपराध माना जाता है, जिस पर कड़ी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
Q6. इस मामले की जांच कौन कर रहा है?
उत्तर:
मामले की आगे की जांच पुलिस हेड कॉन्स्टेबल रामकिसन पांडुरंग वाघमारे द्वारा की जा रही है।
Q7. चुनाव प्रशासन ने आगे क्या चेतावनी दी है?
उत्तर:
चुनाव प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आचार संहिता के उल्लंघन या मतदाता दस्तावेज़ों से जुड़े किसी भी मामले में 24 घंटे के भीतर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
Q8. नागरिकों को ऐसी स्थिति में क्या करना चाहिए?
उत्तर:
यदि कहीं भी मतदाता पहचान पत्र, आधार कार्ड या अन्य सरकारी दस्तावेज़ लावारिस हालत में दिखाई दें, तो तुरंत चुनाव प्रशासन या नजदीकी पुलिस थाने को सूचना देनी चाहिए।
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