
जालना में रूहानियत और भाईचारे का अनोखा संगम — शेर सवार नगर में ‘लंगर-ए-आम’ और कव्वाली मुकाबले का आयोजन उत्साहपूर्वक संपन्न
जालना : शहर के शेर सवार नगर स्थित मुनवरखान लाला कंपाउंड में शनिवार, 1 नवंबर को आयोजित ‘लंगर-ए-आम’ और कव्वाली मुकाबला कार्यक्रम रूहानी माहौल और भाईचारे की भावना के बीच उत्साहपूर्वक संपन्न हुआ। यह आयोजन समाजसेवी मुनवरखान गुलखान लाला के प्रयासों से हर वर्ष की तरह इस बार भी बड़े पैमाने पर किया गया।
यह कार्यक्रम जश्न-ए-गौसुल आजम (र.अ), जश्न-ए-गरीब नवाज़ (र.अ) और जश्न-ए-जिंदा नवाज़ रहमानी पीर (र.अ) के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था। इस अवसर पर सभी धर्मों और समुदायों के लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर सद्भावना, एकता और इंसानियत का संदेश दिया।

🕌 कार्यक्रम की झलक
कार्यक्रम की शुरुआत नमाज़-ए-असर के बाद शजरा और फातिहा खानी से हुई। इसके बाद नमाज-ए-मग़रिब के पश्चात उलमा-ए-किराम ने अपने रूहानी और प्रेरक बयान पेश किए। देर रात नमाज-ए-ईशा के बाद महफिल-ए-समा और कव्वाली मुकाबले का आयोजन हुआ, जिसमें मशहूर कव्वालों ने अपनी लाजवाब प्रस्तुतियों से माहौल को रूहानियत और भाईचारे से भर दिया।
🌙 उपस्थित उलेमा और गादी नशीन
- चेन्नई (मद्रास) से हजरत नूरानी पीर जिंदानवाज, रहमानी पीर जिंदानवाज, सुभानी पीर जिंदानवाज
- मुंबई से हजरत ख्वाजा सैयद नासिरउद्दीन शाह कादरी अल-चिश्ती, इफ्तेखार मुनीर पीर जिंदानवाज, सलाउद्दीन शाह क़ादरी, मुईन शाह क़ादरी, इमरान शाह क़ादरी, आलिम शाह क़ादरी और जुनैद शाह क़ादरी
इसके अलावा शहर के गणमान्य नागरिकों में एड. अरशद, एड. ज़हीर, एड. अमजद, अनवर कादरी, हैदर क़ादरी, शकील शाह सहित अनेक समाजसेवक और श्रद्धालु उपस्थित रहे।
“यह जश्न केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि शहर में मोहब्बत, एकता और इंसानियत का प्रतीक है।
— मुनवरखान गुलखान लाला, समाजसेवी
सभी नागरिकों की सहभागिता ने इसे और अधिक सफल बनाया।”
महफिल-ए-कव्वाली में प्रस्तुत किए गए रूहानी कलामों ने श्रोताओं के दिलों को छू लिया। देर रात तक चली इस महफिल में रूहानियत, सुकून और भाईचारे का अनोखा संगम देखने को मिला।
🖋️ लेखक: NewsNationOnline Team
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