जालना में कुणबी जाति प्रमाणपत्र प्रक्रिया की बड़ी समीक्षा
22.74 लाख अभिलेखों की जांच, 5027 कुणबी प्रविष्टियां चिन्हित; पूर्व न्यायमूर्ति संदीप शिंदे ने दिए सख्त निर्देश
जालना: कुणबी, मराठा-कुणबी और कुणबी-मराठा प्रविष्टियों के आधार पर पात्र नागरिकों को जाति प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए गठित समिति की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक जिला कलेक्टर कार्यालय में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता पूर्व न्यायमूर्ति संदीप शिंदे (सेवानिवृत्त) ने की।
बैठक में जिले में चल रहे अभिलेख जांच अभियान, अब तक जारी किए गए जाति प्रमाणपत्रों तथा जाति प्रमाणपत्र सत्यापन समिति की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। पूर्व न्यायमूर्ति शिंदे ने प्रशासन को निर्देश दिया कि पात्र लाभार्थियों को प्रमाणपत्र प्रदान करने की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाया जाए, ताकि किसी भी नागरिक को अनावश्यक विलंब का सामना न करना पड़े।
बैठक में जिलाधिकारी आशिमा मित्तल, अपर जिलाधिकारी रमेश मिसाल, निवासी उपजिलाधिकारी शशिकांत हदगल सहित सभी उपविभागीय अधिकारी और तहसीलदार उपस्थित रहे।
22.74 लाख अभिलेखों की जांच, 5027 प्रविष्टियां चिन्हित
जिला प्रशासन द्वारा 18 फरवरी 2026 तक विभिन्न विभागों के कुल 22,74,082 अभिलेखों की जांच की गई। इनमें से 5027 कुणबी जाति संबंधी प्रविष्टियां चिन्हित की गईं।
विभागवार विवरण:
- राजस्व विभाग – 2455
- भूमि अभिलेख विभाग – 1844
- शिक्षा विभाग – 90
- जिला उप-पंजीयक कार्यालय, जालना – 403
- नगर निगम (जन्म-मृत्यु अभिलेख) – 185
- ग्राम पंचायत (जन्म-मृत्यु अभिलेख) – 185
- सेवा अभिलेख – 3
प्रशासन के अनुसार, यह जांच अभियान शासन के 2 सितंबर 2025 के निर्णय के अनुरूप संचालित किया जा रहा है। संबंधित शासन निर्णय की जानकारी महाराष्ट्र शासन की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है:
👉 https://www.maharashtra.gov.in
तहसील स्तर पर प्रमाणपत्र वितरण की स्थिति
समिति गठन के बाद विभिन्न तहसीलों में प्रविष्टियों और प्रमाणपत्र वितरण की स्थिति इस प्रकार है:
- जालना – 428 प्रविष्टियां, 1153 प्रमाणपत्र
- बदनापुर – 102 प्रविष्टियां, 1317 प्रमाणपत्र
- अंबड – 238 प्रविष्टियां, 3140 प्रमाणपत्र
- घनसावंगी – 29 प्रविष्टियां, 494 प्रमाणपत्र
- भोकरदन – 2709 प्रविष्टियां, 5899 प्रमाणपत्र
- जाफराबाद – 411 प्रविष्टियां, 886 प्रमाणपत्र
- परतूर – 2088 आवेदन प्राप्त
- मंठा – 457 प्रविष्टियां, 1680 आवेदन प्राप्त
परतूर में 1 और मंठा में 18 आवेदन निरस्त किए गए हैं। प्रशासन के अनुसार वर्तमान में कोई भी आवेदन लंबित नहीं है।
1033 अधिकारियों को दिया गया विशेष प्रशिक्षण
शासन के निर्देशानुसार जिले के 1033 ग्राम राजस्व अधिकारी, सहायक कृषि अधिकारी और ग्राम पंचायत अधिकारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य अभिलेखों की सही पहचान और प्रमाणपत्र प्रक्रिया को सुचारु बनाना है।
हैदराबाद गजेटियर में दर्ज प्रविष्टियों को आधार मानते हुए:
- कुल आवेदन प्राप्त – 193
- स्वीकृत – 74
- निरस्त – 4
- लंबित – 115
हैदराबाद गजेटियर से संबंधित ऐतिहासिक अभिलेखों की जानकारी भारत सरकार के आधिकारिक अभिलेख पोर्टल पर भी देखी जा सकती है:
👉 https://www.indianculture.gov.in
जाति प्रमाणपत्र सत्यापन समिति की प्रगति
जाति प्रमाणपत्र की वैधता के लिए सत्यापन समिति के समक्ष कुल 1122 आवेदन प्रस्तुत किए गए हैं। इनमें से:
- 745 प्रमाणपत्र वैध घोषित
- 23 आवेदन अवैध घोषित
- 123 आवेदन अन्य कारणों से निपटाए गए
- 231 आवेदन लंबित
लंबित आवेदनों में से 187 आवेदन 1 से 90 दिनों के भीतर के हैं, जबकि 44 आवेदन 90 दिनों से अधिक समय से लंबित हैं।
समयबद्ध और पारदर्शी प्रक्रिया पर जोर
बैठक में जिला प्रशासन ने विस्तृत प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। पूर्व न्यायमूर्ति संदीप शिंदे ने स्पष्ट निर्देश दिए कि पात्र नागरिकों को शीघ्र और पारदर्शी तरीके से जाति प्रमाणपत्र उपलब्ध कराए जाएं, ताकि वे राज्य और केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ समय पर प्राप्त कर सकें।
प्रशासन ने आश्वासन दिया कि सभी लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा किया जाएगा और प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी।
जालना कुणबी जाति प्रमाणपत्र समीक्षा

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