जालना कृषि उपज मंडी में प्रवेश शुल्क रसीद घोटाले का आरोप, उच्च स्तरीय जांच की मांग
जालना | संवाददाता
जालना शहर में कथित भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर एक बार फिर बड़ा विवाद सामने आया है। नगर निगम और उप-पंजीयक कार्यालय के बाद अब सीधे जालना कृषि उपज मंडी समिति पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
सामाजिक कार्यकर्ता सादबीन मुबारक ने मंडी समिति के मुख्य प्रवेश द्वार पर वाहनों से वसूले जाने वाले प्रवेश शुल्क में बड़े पैमाने पर रसीद घोटाले का आरोप लगाते हुए जिला प्रशासन से सख्त और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है। इस मामले को लेकर जिले में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
जिलाधिकारी व मंडलायुक्त को सौंपी गई शिकायत
सादबीन मुबारक ने इस प्रकरण में जालना के जिलाधिकारी तथा छत्रपति संभाजीनगर स्थित मंडलायुक्त को लिखित ज्ञापन सौंपा है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि मंडी के प्रवेश द्वार पर वाहनों से निर्धारित शुल्क तो वसूला जा रहा है, लेकिन कई मामलों में विधिवत रसीद जारी नहीं की जा रही।
उनका कहना है कि यदि बिना रसीद के शुल्क वसूला जा रहा है, तो इससे शासन को राजस्व हानि होने की आशंका है। उन्होंने पूरे मामले की वित्तीय ऑडिट जांच कराने की मांग की है।
महाराष्ट्र में कृषि उपज मंडी समितियों के कामकाज और नियमों की जानकारी महाराष्ट्र कृषि विपणन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है:
🔗 https://marketing.maharashtra.gov.in
वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका पर उठे सवाल
अपने ज्ञापन में सादबीन मुबारक ने कहा है कि प्रवेश द्वार पर तैनात कर्मचारी वरिष्ठ अधिकारियों की जानकारी या संरक्षण के बिना इस प्रकार की अनियमितता नहीं कर सकते। उन्होंने इस मामले में संबंधित अधिकारियों की प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष संलिप्तता की जांच की मांग की है।
उन्होंने दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों को तत्काल निलंबित कर उनके विरुद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की भी मांग की है।
जिला प्रशासन से संबंधित जानकारी जालना जिला प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट पर देखी जा सकती है:
🔗 https://jalna.gov.in
निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो हाईकोर्ट में जनहित याचिका
सामाजिक कार्यकर्ता ने चेतावनी दी है कि यदि शिकायत पर शीघ्र और निष्पक्ष जांच शुरू नहीं की गई, तो वे इस मामले को लेकर उच्च न्यायालय में जनहित याचिका (PIL) दायर करेंगे।
कानूनी प्रक्रिया और जनहित याचिका से संबंधित जानकारी भारत सरकार की न्याय विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध है:
🔗 https://doj.gov.in
प्रशासन की प्रतिक्रिया पर टिकी निगाहें
फिलहाल, इन आरोपों के बाद मंडी समिति प्रशासन में हलचल मची हुई है। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक मंडी समिति की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
अब देखना यह है कि जिला प्रशासन इस शिकायत पर क्या कदम उठाता है और क्या पूरे मामले की स्वतंत्र व पारदर्शी जांच कराई जाती है या नहीं।
यह प्रकरण जालना जिले में सरकारी संस्थाओं की कार्यप्रणाली और पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े कर रहा है।
जालना कृषि उपज मंडी रसीद घोटाला

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