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फॉरेक्स ठगी का बड़ा खुलासा: ₹1.13 करोड़ की धोखाधड़ी, ईओडब्ल्यू ने आकाश दासरे को किया गिरफ्तार

फॉरेक्स ठगी का बड़ा खुलासा: मुनाफे का झांसा देकर ₹1.13 करोड़ की धोखाधड़ी, ईओडब्ल्यू ने आकाश दासरे को किया गिरफ्तार

जालना:
तेज़ और “गारंटीड” मुनाफे के लालच में निवेशकों की मेहनत की कमाई हड़पने वाले फॉरेक्स ट्रेडिंग रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू), जालना ने बड़ी कार्रवाई की है। बहुचर्चित फॉरेक्स ठगी प्रकरण में आकाश मुंजाजी दासरे को गिरफ्तार किया गया है। जांच में सामने आया है कि नकली कंपनियों और फर्जी ट्रेडिंग ऐप के जरिए निवेशकों से कुल ₹1.13 करोड़ की ठगी की गई।

पुलिस के अनुसार, इस मामले में तालुका जालना पुलिस थाना में अपराध दर्ज था, जिसकी विवेचना के दौरान संगठित गिरोह की सुनियोजित साजिश उजागर हुई। आरोपियों ने सह्याद्री एग्रो, अमोल इलेक्ट्रॉनिक्स, ईजी ट्रेड सोल्यूशन और एग्रो ट्रेड सॉल्यूशन जैसे नामों से कंपनियां बनाईं और तथाकथित “चे-रोबोट” के जरिए फॉरेक्स ट्रेडिंग का भ्रम पैदा किया। निवेशकों को अल्प समय में असाधारण लाभ का भरोसा दिलाकर उनसे बड़ी रकम जमा कराई गई।

इस प्रकरण के शिकायतकर्ता सुनील आसाराम जाधव हैं। जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह का मुख्य सूत्रधार शिवकुमार दत्तात्रेय खरात था, जिसने निवेशकों को यह आश्वासन दिया कि यदि लाभ नहीं हुआ या नुकसान हुआ, तो वह अपनी निजी संपत्ति बेचकर पूरी राशि लौटाएगा—जो बाद में पूरी तरह झूठा साबित हुआ।

ठगी का तरीका बेहद शातिर
आरोपियों ने निवेशकों के नाम पर ट्रेडिंग ऐप में खाते बनाए और उनमें रकम जमा दिखाई, लेकिन खातों के लॉगिन और पासवर्ड अपने पास ही रखे। निवेशकों के मोबाइल पर केवल बढ़ती राशि दिखाई जाती रही, जिससे उन्हें निरंतर मुनाफा होने का भ्रम बना रहे। ऐप डाउनलोड कराने और उपयोग का प्रशिक्षण देने के बावजूद वास्तविक नियंत्रण पूरी तरह आरोपियों के हाथ में था।

पुलिस का कहना है कि फॉरेक्स ट्रेडिंग स्वयं अत्यंत जोखिमपूर्ण क्षेत्र है। इसके बावजूद आरोपियों ने “अधिक और निश्चित मुनाफे” का लालच देकर निवेशकों की रकम को अंतरराष्ट्रीय बाजारों में उच्च जोखिम वाले सौदों में झोंक दिया और गंभीर आर्थिक धोखाधड़ी को अंजाम दिया।

वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में कार्रवाई
यह कार्रवाई अजयकुमार बंसल (पुलिस अधीक्षक, जालना), आयुष नोपाणी (अपर पुलिस अधीक्षक, जालना) तथा सिद्धार्थ माने (प्रभारी पुलिस उपअधीक्षक, ईओडब्ल्यू) के मार्गदर्शन में की गई।

जांच टीम की भूमिका
ईओडब्ल्यू जालना की टीम में मिथुन घुगे (सहायक पुलिस निरीक्षक) के साथ पुलिस अंमलदार गोकुलसिंह कायटे, समाधान तेलंगरे, किरण चव्हाण, अंबादास साबले, गजानन भोसले, सागर बाविस्कर, दत्ता वाघुंडे, विष्णु कोरडे, ज्ञानेश्वर खुने, रविंद्र गायकवाड, शुभम तळेकर, श्रेयस वाघमारे, चालक पाठक मेजर तथा महिला पुलिस अंमलदार जया निकम, नीमा घनघाव और मंदा नाटकर ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।

पुलिस ने निवेशकों से अपील की है कि वे “गारंटीड रिटर्न” जैसे दावों से सावधान रहें और किसी भी निवेश से पहले संबंधित प्लेटफॉर्म व कंपनी की वैधता की पूरी जांच करें।

A hooded figure standing in front of a stock market graph with the word 'FRAUD' prominently displayed in red.

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