जनगणना कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं: निवासी उपजिलाधिकारी शशिकांत हदगल
जनगणना 2027 जालना की तैयारियों को जिले में गति, प्रशिक्षण व गृह-गणना का विस्तृत कार्यक्रम घोषित
जालना:
जनगणना एक राष्ट्रीय और अत्यंत महत्वपूर्ण दायित्व है। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही या अनावश्यक देरी को स्वीकार नहीं किया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध जनगणना अधिनियम, 1948 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह स्पष्ट चेतावनी आगामी जनगणना 2027 की तैयारियों के मद्देनज़र निवासी उपजिलाधिकारी एवं जनगणना के प्रभारी अधिकारी शशिकांत हदगल ने जिला कलेक्टर कार्यालय, जालना में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान दी। जनगणना 2027 जालना.
बैठक में जिले के सभी नायब तहसीलदार, नगर परिषद एवं नगर पंचायतों के मुख्याधिकारी, तथा तहसील कार्यालयों के जनगणना विभाग से जुड़े अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। इस दौरान नायब तहसीलदार सतीश तायडे, सहायक राजस्व अधिकारी संपदा कुलकर्णी, कनिष्ठ प्रशासन अधिकारी रामेश्वर राख, गटनिदेशक एस. जी. वांगे और कनिष्ठ प्रशासन अधिकारी सुहास शहाणे सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।
समयबद्ध, पारदर्शी और समन्वित कार्य पर जोर
बैठक को संबोधित करते हुए शशिकांत हदगल ने कहा कि जनगणना राष्ट्रव्यापी महत्व का कार्य है, जिसे हर स्तर पर समयबद्ध, पारदर्शी और जिम्मेदार तरीके से पूरा करना अनिवार्य है। उन्होंने निर्देश दिए कि जनगणना प्रक्रिया के प्रत्येक चरण को तय समय-सीमा में पूर्ण करने के लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें।
बैठक में जनगणना 2027 की प्रारंभिक तैयारियों, गृह-सूचीकरण, क्षेत्रवार योजना, अधिकारियों और कर्मचारियों की नियुक्ति, प्रशिक्षण की रूपरेखा, डाटा संग्रह के लिए आवश्यक तकनीकी संसाधनों की उपलब्धता तथा मानव संसाधन की आवश्यकता पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रत्येक तहसील स्तर पर कार्य प्रगति की समीक्षा करते हुए लंबित मामलों को शीघ्र निपटाने के निर्देश दिए गए।
नगर परिषद और नगर पंचायत स्तर पर अद्यतन नक्शे, वार्डवार जानकारी, नए आवासीय प्रोजेक्ट, और प्रवासी नागरिकों के सटीक आंकड़े उपलब्ध कराने के निर्देश संबंधित मुख्याधिकारियों को दिए गए। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में तलाठी, ग्रामसेवक और अन्य कर्मचारियों को क्षेत्रीय भ्रमण बढ़ाकर भौतिक सत्यापन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
एनेक्सचर के अनुसार तैयारियों में तेजी
जनगणना कार्यालय द्वारा एनेक्सचर–I के अंतर्गत ग्राम राजस्व अधिकारी, ग्राम पंचायत अधिकारी, आशा कार्यकर्ता और आंगनवाड़ी सेविकाओं के माध्यम से 180 से 200 घरों या लगभग 650 से 800 की जनसंख्या वाले एक हाउस लिस्टिंग ब्लॉक (HLB) के निर्धारण के निर्देश दिए गए हैं। घरों के समूह तय करते समय सड़क, नदी, पुल, विद्यालय और प्रमुख इमारतों जैसे पहचान चिन्हों का उल्लेख अनिवार्य किया गया है। यदि कोई क्षेत्र झुग्गी-बस्ती, विशेष क्षेत्र, सैन्य क्षेत्र या विशेष प्रभार में आता है, तो उसकी अलग से प्रविष्टि करना आवश्यक होगा।
एनेक्सचर–II के तहत प्रगणक, पर्यवेक्षक और प्रशिक्षकों की अंतिम सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं, जिसमें नाम, पद, विभाग, मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी जैसी पूरी जानकारी अनिवार्य रूप से शामिल की जाएगी।
एनेक्सचर–III के अनुसार चयनित अधिकारियों और कर्मचारियों की संख्या के आधार पर प्रशिक्षण बैच तैयार किए जाएंगे। प्रशिक्षण के लिए विद्यालयों और महाविद्यालयों में ऑडियो-विजुअल सुविधाएं, प्रोजेक्टर, साउंड सिस्टम, व्हाइट बोर्ड और कंप्यूटर जैसी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा गया है। झुग्गी-बस्तियों, अधिसूचित व मान्यता प्राप्त स्लम क्षेत्रों तथा विशेष क्षेत्रों (सैन्य क्षेत्र, अनुसंधान केंद्र, कारागार, छात्रावास आदि) की अलग-अलग सूची बनाकर योजनाबद्ध ढंग से डाटा संग्रह पर विशेष जोर दिया गया।
प्रशिक्षण का विस्तृत कार्यक्रम
- मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षण:
- 9 से 12 मार्च 2026 (पहला बैच), यशदा, पुणे – 4 दिन
- 14 से 17 मार्च 2026, यशदा, पुणे – 4 दिन
- जिला/उपविभाग/तहसील/शहर मुख्यालय अधिकारियों का प्रशिक्षण:
- 26 फरवरी से 31 मार्च 2026, जिला कलेक्टर कार्यालय, जालना – 3 दिन
- फील्ड ट्रेनर प्रशिक्षण:
- 6 से 11 अप्रैल 2026, जिला स्तर पर – 3 दिन
- प्रगणक एवं पर्यवेक्षक प्रशिक्षण:
- 27 अप्रैल से 8 मई 2026, तालुका स्तर पर – 3 दिन (चार या पांच बैचों में)
गृह-गणना की अवधि
प्रत्यक्ष गृह-गणना 16 मई से 14 जून 2026 के बीच की जाएगी।
अंत में शशिकांत हदगल ने कहा कि जनगणना 2027 एक व्यापक और संवेदनशील प्रक्रिया है, जिसे सफल बनाने के लिए सभी विभागों और कर्मचारियों को सामूहिक रूप से कार्य करना होगा। उन्होंने डिजिटल माध्यमों के अधिकतम उपयोग से पारदर्शिता और आंकड़ों की सटीकता सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
अधिक जानकारी के लिए ( Links):
- जनगणना भारत की आधिकारिक वेबसाइट: https://censusindia.gov.in
- सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय: https://mospi.gov.in
(यह समाचार रिपोर्ट सरकारी समीक्षा बैठक में दी गई आधिकारिक जानकारी पर आधारित है।)

FAQ: जनगणना 2027 (जालना जिला)
Q1. जनगणना 2027 क्या है और इसका उद्देश्य क्या है?
जनगणना 2027 भारत सरकार की एक राष्ट्रीय प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य देश की जनसंख्या, आवास, सामाजिक-आर्थिक स्थिति और संसाधनों से जुड़े सटीक आंकड़े एकत्र करना है। इन्हीं आंकड़ों के आधार पर सरकारी योजनाएं और नीतियां बनाई जाती हैं।
Q2. जालना जिले में जनगणना 2027 की तैयारियां कब से शुरू हो गई हैं?
जालना जिले में जनगणना 2027 की प्रारंभिक तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इसके तहत समीक्षा बैठकें, क्षेत्रवार योजना, कर्मचारियों की नियुक्ति और प्रशिक्षण कार्यक्रम तय किए गए हैं।
Q3. जनगणना कार्य में लापरवाही करने पर क्या कार्रवाई होगी?
यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा जनगणना कार्य में लापरवाही या देरी की जाती है, तो उसके खिलाफ जनगणना अधिनियम, 1948 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
Q4. हाउस लिस्टिंग ब्लॉक (HLB) क्या होता है?
हाउस लिस्टिंग ब्लॉक (HLB) जनगणना की एक इकाई होती है, जिसमें आमतौर पर 180 से 200 घर या लगभग 650 से 800 की जनसंख्या शामिल होती है। इसी आधार पर घर-घर जाकर जानकारी एकत्र की जाती है।
Q5. जनगणना 2027 के लिए प्रशिक्षण कब और कहां होगा?
जनगणना से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए अलग-अलग चरणों में प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा। मास्टर ट्रेनर, फील्ड ट्रेनर, प्रगणक और पर्यवेक्षक सभी के लिए मार्च से मई 2026 के बीच जिला, तालुका और राज्य स्तर पर प्रशिक्षण तय किया गया है।
Q6. जालना जिले में गृह-गणना की अवधि क्या होगी?
जालना जिले में प्रत्यक्ष गृह-गणना 16 मई से 14 जून 2026 के बीच कराई जाएगी।
Q7. क्या जनगणना में डिजिटल माध्यमों का उपयोग किया जाएगा?
हाँ, जनगणना 2027 में डिजिटल तकनीक का अधिकतम उपयोग किया जाएगा, जिससे आंकड़ों की सटीकता, पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित की जा सके।
Q8. नागरिकों को जनगणना के दौरान क्या सहयोग करना चाहिए?
नागरिकों को सही और पूर्ण जानकारी प्रदान करनी चाहिए, जनगणना कर्मियों का सहयोग करना चाहिए और पूछे गए प्रश्नों का सत्य उत्तर देना चाहिए, ताकि सही आंकड़े एकत्र हो सकें।
Q9. झुग्गी-बस्ती और विशेष क्षेत्रों का डाटा कैसे एकत्र किया जाएगा?
झुग्गी-बस्तियों, मान्यता प्राप्त स्लम क्षेत्रों और विशेष क्षेत्रों (जैसे सैन्य क्षेत्र, कारागार, छात्रावास आदि) के लिए अलग से सूची तैयार कर योजनाबद्ध तरीके से डाटा संग्रह किया जाएगा।
Q10. जनगणना 2027 जालना जिले के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
जनगणना के आंकड़ों से जिले में विकास योजनाओं, संसाधन आवंटन, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं की बेहतर योजना बनाई जा सकेगी, जिससे जालना जिले के समग्र विकास को गति मिलेगी।
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