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“हक़ और इंसाफ़ की आवाज़: कुरैशी समाज के समर्थन में मौलाना मिस्बाही”

हक और इंसाफ की लड़ाई – मौलाना मिस्बाही

जंग सिर्फ़ कारोबार की नहीं, बल्कि हक और इंसाफ की लड़ाई है – मौलाना मिस्बाही

जालना: जालना में कुरैशी समाज की तरफ से मवेशियों और गोश्त के कारोबार को लेकर जो पुर-अमन विरोध प्रदर्शन चल रहा है, उसे अब मजहबी रहनुमाओं का भी समर्थन मिल रहा है।

गुलजार मस्जिद के पेश इमाम मौलाना गुलाम जिलानी मिस्बाही ने इस आंदोलन की खुलकर हिमायत करते हुए कहा है:

“ये जंग सिर्फ़ कारोबार की नहीं, बल्कि हक और इंसाफ की लड़ाई है।”

उन्होंने कहा कि “कुरैशी बिरादरी सालों से जो कारोबार करती आ रही है, उस पर इस तरह रोक लगाना सरासर ज़ुल्म है। ये लोगों की रोज़ी-रोटी का मामला है, इसे हल्के में नहीं लिया जा सकता।”

अगर लोग पुर-अमन तरीके से, कानून के दायरे में रहकर एहतजाज कर रहे हैं, तो हुकूमत का फर्ज बनता है कि वो उनकी बातें सुने और हल निकाले।

“अगर वक्त रहते हुकूमत ने इस मसले को हल नहीं किया, तो लोगों का सब्र टूटेगा और हालात खराब हो सकते हैं। इससे पहले कि नोकझोंक बढ़े, बेहतर है कि इंसाफ किया जाए।”
आख़िर में मौलाना मिस्बाही ने तमाम मुस्लिम तंज़ीमों और मजहबी रहनुमाओं से अपील की कि अब वक्त आ गया है कि सब मिलकर कुरैशी बिरादरी के साथ खड़े हों, क्योंकि ये सिर्फ़ उनका नहीं, हम सबका मामला है। रोज़ी-रोटी, मजहबी आजादी और इंसानी हुक़ूक़ सबको प्यारे हैं।

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Rashmi Bagdi
Rashmi Bagdi is a journalist and digital content creator associated with NewsNation Online. She specializes in reporting on local news, civic issues, education, government updates, and viral stories with a reader-focused approach.

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