TPDS/NFSA की आय सीमा बढ़ाने की मांग तेज, मुख्यमंत्री को सौंपा गया ज्ञापन
जालना: टार्गेटेड पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम (TPDS) और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के अंतर्गत पात्रता के लिए तय की गई वार्षिक आय सीमा को अव्यावहारिक बताते हुए इसे मौजूदा आर्थिक हालात के अनुरूप पुनर्निर्धारित करने की मांग तेज हो गई है। इस संबंध में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से मूवमेंट फॉर पीस एंड जस्टिस की ओर से सौंपा गया।
ज्ञापन में बताया गया कि वर्तमान में शहरी लाभार्थियों के लिए वार्षिक आय सीमा ₹59,000 तथा ग्रामीण लाभार्थियों के लिए ₹44,000 निर्धारित है, जो आज की महंगाई और जीवन-यापन की वास्तविक लागत से बिल्कुल भी मेल नहीं खाती। इतनी कम आय में परिवार के लिए किराये का मकान, भोजन, स्वास्थ्य सेवाएं, बच्चों की शिक्षा और दैनिक परिवहन जैसी बुनियादी जरूरतें पूरी करना बेहद कठिन हो गया है।
यह भी उल्लेख किया गया कि यह आय सीमा लगभग दस वर्ष पूर्व तय की गई थी और उस समय भी यह न तो वैज्ञानिक आधार पर थी और न ही व्यावहारिक। इसके बाद के वर्षों में महंगाई, ईंधन, अनाज, दालें, सब्जियां और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में भारी वृद्धि हुई, लेकिन आय सीमा में कोई संशोधन नहीं किया गया। इससे सरकारी मानकों और जमीनी हकीकत के बीच बड़ा अंतर पैदा हो गया है।
ज्ञापन में इस बात पर भी गंभीर चिंता जताई गई कि हाल ही में TPDS/NFSA के तहत चल रही सत्यापन और पुनर्गठन प्रक्रिया के दौरान महाराष्ट्र में करीब 75,000 लाभार्थियों को खाद्य सुरक्षा योजना से बाहर कर दिया गया है। इसके चलते हजारों गरीब और जरूरतमंद परिवारों के सामने भोजन का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
मांग की गई है कि वार्षिक आय सीमा को कम से कम ₹1,50,000 किया जाए या फिर महाराष्ट्र सरकार द्वारा अकुशल श्रमिकों के लिए निर्धारित न्यूनतम वेतन के मानकों के अनुरूप जो भी राशि अधिक हो, उसे लागू किया जाए। इससे वास्तव में जरूरतमंद परिवारों को सब्सिडी वाले अनाज से वंचित होने से बचाया जा सकेगा और खाद्य सुरक्षा का उद्देश्य सार्थक होगा।
गौरतलब है कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत देश की बड़ी आबादी को सस्ती दरों पर अनाज उपलब्ध कराने का प्रावधान है। इस योजना से जुड़ी आधिकारिक जानकारी भारत सरकार की वेबसाइट पर उपलब्ध है:
👉 https://nfsa.gov.in
वहीं महाराष्ट्र में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) और राशन कार्ड से संबंधित योजनाओं की जानकारी राज्य के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की वेबसाइट पर देखी जा सकती है:
👉 https://mahafood.gov.in
यह ज्ञापन इब्राहिम बागवान, जिला अध्यक्ष, मूवमेंट फॉर पीस एंड जस्टिस फॉर वेलफेयर की ओर से सौंपा गया। इस अवसर पर जिला सचिव अमजद फारुकी, शहर अध्यक्ष रईस शेख, उपाध्यक्ष फिरोज शेख और शहर सचिव शकील शेख सहित संगठन के अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।

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