“SAFE Jalna” अभियान की शुरुआत, पुलिस-सामाजिक संस्थाएं और डॉक्टर आए एक मंच पर
जालना:
जालना जिले में नशे की बढ़ती समस्या पर रोक लगाने और समाज में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से बुधवार (11 मार्च 2026) को पुलिस अधीक्षक कार्यालय, जालना में पुलिस विभाग की ओर से “SAFE Jalna” अभियान के तहत एक विशेष जनजागरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस पहल का उद्देश्य युवाओं को नशे से दूर रखना, समाज में जागरूकता फैलाना और प्रशासन व नागरिकों के संयुक्त प्रयासों से व्यसनमुक्त वातावरण तैयार करना है।
कार्यक्रम में पुलिस अधिकारी, डॉक्टर, मेडिकल प्रतिनिधि, सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारी, व्यापारी तथा शहर के गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

“SAFE Jalna” अभियान का उद्देश्य
“SAFE Jalna” अभियान का मुख्य संदेश युवाओं को नशे से दूर रखना और समाज को सुरक्षित बनाना है।
- S – Say No to Drugs (नशे को ना कहें)
- A – Awareness in Society (समाज में जागरूकता बढ़ाना)
- F – Fight Drug Abuse (नशे के खिलाफ संघर्ष)
- E – Empower Youth (युवाओं को सशक्त बनाना)
इस अभियान के माध्यम से जालना जिले में नशे के खिलाफ व्यापक जनजागरण चलाने और युवाओं को सकारात्मक दिशा देने का प्रयास किया जाएगा।
नशे के दुष्प्रभावों और इससे बचाव के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए पुलिस विभाग समय-समय पर विभिन्न कार्यक्रम, जनसंवाद और अभियान चलाने की योजना बना रहा है। भारत सरकार और विभिन्न एजेंसियां भी लंबे समय से नशा मुक्ति और जागरूकता अभियान चला रही हैं।
अधिक जानकारी के लिए भारत सरकार के नशा मुक्ति अभियान से संबंधित जानकारी आधिकारिक वेबसाइट पर देखी जा सकती है:
https://socialjustice.gov.in/
इसके अलावा देशभर में ड्रग्स के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान और कानूनी कार्रवाई के बारे में जानकारी नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की वेबसाइट पर भी उपलब्ध है:
https://narcoticsindia.nic.in/

“नशे के खिलाफ समाज की सामूहिक जिम्मेदारी”
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उद्योगपति और सामाजिक कार्यकर्ता सुनीलभाई रायठ्ठा ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के हर नागरिक को इसमें भागीदारी निभानी होगी।
उन्होंने कहा कि यदि समाज, पुलिस प्रशासन और सामाजिक संस्थाएं मिलकर काम करें तो निश्चित रूप से सकारात्मक बदलाव संभव है और “सेफ जालना” अभियान को सफलता मिल सकती है।
उन्होंने यह भी कहा कि युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए केवल बच्चों को समझाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि माता-पिता की काउंसलिंग भी जरूरी है, ताकि परिवार स्तर पर भी जागरूकता बढ़े और बच्चे गलत रास्ते पर जाने से बच सकें।
नशे की समस्या और समाधान पर विस्तृत चर्चा
बैठक के दौरान जालना जिले में बढ़ती नशे की समस्या, उसके पीछे के कारणों और इससे निपटने के प्रभावी उपायों पर विस्तृत चर्चा की गई।
सामाजिक संस्थाओं, डॉक्टरों और मेडिकल प्रतिनिधियों ने अपने सुझाव रखे और भविष्य में पुलिस प्रशासन के साथ मिलकर काम करने की इच्छा व्यक्त की। बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि समाज को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करना बेहद जरूरी है।
इस अभियान के माध्यम से व्यसनमुक्त जालना बनाने के लिए पुलिस प्रशासन, सामाजिक संस्थाएं और नागरिक संयुक्त रूप से काम करेंगे।
ड्रग्स के अवैध कारोबार पर कार्रवाई
इस अवसर पर एंटी नारकोटिक्स सेल के प्रभारी सचिन इंगेवाड और स्थानीय अपराध शाखा के पुलिस उपनिरीक्षक राजेंद्र वाघ ने जिले में नशे के अवैध कारोबार पर की गई कार्रवाई की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि पुलिस विभाग लगातार अवैध रूप से नशीले पदार्थों की आपूर्ति करने वाले गिरोहों, तस्करों और उत्पादकों के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है। साथ ही युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है।
कार्यक्रम में ये अधिकारी और गणमान्य लोग रहे मौजूद
इस कार्यक्रम में अपर पुलिस अधीक्षक आयुष नोपानी, उद्योगपति व सामाजिक कार्यकर्ता सुनीलभाई रायठ्ठा, उपविभागीय पुलिस अधिकारी अनंत कुलकर्णी, पुलिस निरीक्षक संदीप भारती, पुलिस निरीक्षक जे.बी. शेवाले, पुलिस निरीक्षक बालासाहेब पवार, एंटी नारकोटिक्स सेल के प्रभारी सचिन इंगेवाड, स्थानीय अपराध शाखा के पुलिस उपनिरीक्षक राजेंद्र वाघ, खाद्य एवं मिलावट नियंत्रण विभाग के प्रभारी जाधव, संजय सोनवणे, शहर के विभिन्न एनजीओ, मेडिकल एसोसिएशन के पदाधिकारी, व्यापारी तथा अन्य प्रतिष्ठित नागरिक उपस्थित रहे।
बैठक में सभी ने मिलकर जालना को नशामुक्त और सुरक्षित शहर बनाने का संकल्प व्यक्त किया।


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