हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: मनोज जरांगे पाटील को मुंबई आंदोलन से पहले लेनी होगी अनुमति
जालना: मराठा आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन का नेतृत्व कर रहे मनोज जरांगे पाटील का मुंबई कूच कानूनी पेच में फंस गया है। मुंबई हाईकोर्ट ने साफ निर्देश दिया है कि आझाद मैदान सहित किसी भी प्रमुख स्थान पर आंदोलन करने से पहले प्रशासन से अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
पृष्ठभूमि
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के विशेष सहायक राजेंद्र साबले ने जरांगे पाटील को समझाने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने दो टूक कहा कि “हम मुंबई जरूर जाएंगे और आरक्षण की लड़ाई को अंजाम तक ले जाएंगे।”
हाईकोर्ट का रुख
हाईकोर्ट ने कहा कि बिना पूर्व अनुमति किसी भी बड़े स्थल पर प्रदर्शन की इजाज़त नहीं दी जा सकती। ट्रैफिक और जनजीवन बाधित न हो, इसके लिए कोर्ट ने सरकार को खारघर या नवी मुंबई जैसी वैकल्पिक जगह उपलब्ध कराने का सुझाव दिया।
जरांगे पाटील की प्रतिक्रिया
कोर्ट के आदेश के बाद जरांगे पाटील ने कहा: “हम संविधान और कानून का पालन करते हुए आंदोलन करेंगे। हमें न्यायपालिका पर भरोसा है, हमारी मांगें संवैधानिक और न्यायोचित हैं। 29 अगस्त को हम आझाद मैदान में लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करेंगे।”
जरांगे पाटील की प्रमुख मांगें
- मराठा–कुणबी को एक माना जाए और इसका सरकारी स्तर पर अमल किया जाए।
- हैदराबाद गज़ेटियर के साथ सातारा और बॉम्बे गज़ेटियर लागू किए जाएं।
- ‘सगे-सोयरे’ अध्यादेश का प्रभावी क्रियान्वयन हो।
- आंदोलन के दौरान दर्ज सभी मुकदमे वापस लिए जाएं।
- मराठा समाज को कानून के दायरे में आरक्षण दिया जाए।
आंदोलन का रोडमैप
- 27 अगस्त: अंतरवली से सुबह 10 बजे प्रस्थान — पैठण → शेवगांव → कल्याण फाटा → आले फाटा → शिवनेरी (जुन्नर)।
- 28 अगस्त: खेड, चाकण, लोणावला, वाशी होते हुए चेंबूर और देर रात आझाद मैदान पहुंचने की योजना।
- 29 अगस्त: सुबह 10 बजे से आझाद मैदान में बड़ा आंदोलन प्रस्तावित।

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