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कुरैशी समुदाय की हड़ताल: 5 सितंबर का भविष्य

कुरैशी समुदाय और पशु व्यापारियों की हड़ताल जारी, 5 सितंबर को तय होगा आंदोलन का भविष्य

जालना: महाराष्ट्र में कुरैशी समुदाय और पशु व्यापारियों की राज्यव्यापी हड़ताल जारी है। यह हड़ताल 7 जुलाई से शुरू हुई थी और अब 5 सितंबर तक जारी रखने का निर्णय लिया गया है। इसी दिन आंदोलन की आगे की रणनीति और भविष्य को लेकर अंतिम फैसला लिया जाएगा। यह जानकारी महाराष्ट्र कुरैशी जमात के अध्यक्ष ईसा कुरैशी ने दी।

शनिवार रात जालना स्थित अक्सा फंक्शन हॉल में आयोजित सामुदायिक बैठक में यह घोषणा की गई। बैठक में गफ्फार कुरैशी, अहमद नूर सर, शहबाज बुडन कुरैशी, मुजम्मिल कुरैशी, सरफराज कुरैशी, सज्जू कुरैशी, असलम कुरैशी, जुल्फेकार कुरैशी, शकील कुरैशी, बशीर कुरैशी और नियाजोद्दीन कुरैशी समेत बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित थे।

हड़ताल पर डटे समुदाय की प्रमुख मांगों में गोरक्षकों द्वारा पशु व्यापारियों को परेशान करने की घटनाओं पर रोक लगाना, महाराष्ट्र पशु संरक्षण कानून में संशोधन करना और ‘अयोग्य’ बैलों के व्यापार की अनुमति देना शामिल है। समुदाय का कहना है कि वर्तमान कानून के कारण व्यापारियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

ईसा कुरैशी ने आगे बताया कि आने वाले दिनों में मुंबई के जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट (जेएनपीटी) तक मोर्चा और कार रैली का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कहा, “जब तक हमारी बात सुनी नहीं जाती और आवश्यक बदलाव नहीं किए जाते, तब तक यह शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रहेगा।”

इस हड़ताल का असर पूरे राज्य के पशु व्यापार और इससे जुड़े उद्योगों पर स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। व्यापार प्रभावित होने से न केवल व्यापारी बल्कि संबंधित व्यवसाय और सरकारी तंत्र भी चिंता में हैं।

कुरैशी समुदाय के सदस्य एक बैठक में भाग लेते हुए, पृष्ठभूमि में सजावट के साथ।
Kurashi community members gather for a meeting in Jalna to discuss ongoing protests against livestock business regulations
एक समुदायिक बैठक में लोग उपस्थित हैं, जिसमें एक व्यक्ति को फूलों की माला पहनाई जा रही है।

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NewsNationOnline Team

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