अरे बाप रे! ईरान के पास ऐसी टेक्निक, इजरायल में 8 KM तक आसमान से होने लगी बमों की बारिश
क्या है क्लस्टर म्युनिशन और MIRV तकनीक? इजरायली रक्षा प्रणाली आयरन डोम पर संकट मंडराने लगा।
मिडिल ईस्ट में छाया युद्ध का खतरा
मध्य पूर्व (Middle East) में तनाव इस कदर बढ़ गया है कि लोग तीसरे विश्व युद्ध (World War 3) की आशंका जताने लगे हैं। इजरायल और ईरान के बीच चल रही जंग अब नए मोड़ पर पहुंच गई है। क्लस्टर बमों के इस्तेमाल ने पूरी दुनिया को चौंका दिया है।
इजरायली सेना का बड़ा दावा
टाइम्स ऑफ इजरायल में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार, इजरायली सेना ने दावा किया है कि ईरान द्वारा दागी गई मिसाइलों में से एक में क्लस्टर बम वारहेड मौजूद था। ये मिसाइल मध्य ईरान से दागी गई थी और इजरायल में 8 किलोमीटर के दायरे में तबाही मचाई।
क्लस्टर बम क्या होते हैं?
क्लस्टर बम एक विशेष प्रकार का विस्फोटक हथियार है, जो हवा में फटने के बाद दर्जनों से लेकर सैकड़ों छोटे-छोटे बम (बॉमलेट्स) गिरा देता है। इनका मकसद होता है एक बड़े इलाके में फैलकर अधिकतम नुकसान पहुंचाना।
- बॉमलेट्स का वजन लगभग 20 किलो से कम होता है।
- ये जमीन पर गिरते ही फट जाते हैं या कई बार बिना फटे ही रह जाते हैं।
- बाद में ये अनएक्सप्लोडेड बम जानलेवा साबित हो सकते हैं।
ईरान ने कैसे किया इनका इस्तेमाल?
गुरुवार को ईरान ने इजरायल पर एक बैलिस्टिक मिसाइल दागी जिसमें क्लस्टर बम लगे हुए थे। यह मिसाइल करीब 7 किमी की ऊंचाई पर फटी और इसके बॉमलेट्स 8 किलोमीटर तक के क्षेत्र में फैल गए।
कुछ बम अजोर शहर के घरों पर गिरे और नुकसान पहुंचाया। हालांकि, कई बम फटे नहीं और इजरायली सेना ने उन्हें डिफ्यूज कर दिया।
MIRV तकनीक का खौफ
MIRV यानी Multiple Independently targetable Reentry Vehicle एक उन्नत तकनीक है, जो एक मिसाइल को कई वारहेड्स ले जाने और अलग-अलग लक्ष्यों पर हमला करने की क्षमता देती है।
इस तकनीक से:
- एक ही मिसाइल से कई क्षेत्रों में हमला संभव है।
- डिफेंस सिस्टम जैसे आयरन डोम को भेदना आसान हो जाता है।
- नागरिक और सैन्य टारगेट में अंतर नहीं रह जाता।
क्या MIRV तकनीक है ईरान के पास?
इजरायली सेना MIRV तकनीक के इस्तेमाल की जांच कर रही है। हालांकि अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इस हमले के बाद से दुनियाभर में सैन्य विशेषज्ञों की चिंता बढ़ गई है।
यदि ईरान के पास यह तकनीक है, तो यह वैश्विक सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती है।
क्लस्टर बमों पर वैश्विक चिंता
संयुक्त राष्ट्र और मानवाधिकार संगठन वर्षों से क्लस्टर बमों के इस्तेमाल का विरोध करते रहे हैं। 100 से अधिक देशों ने 2008 की क्लस्टर म्युनिशन कन्वेंशन पर हस्ताक्षर किए हैं, लेकिन ईरान, इजरायल और अमेरिका इनमें शामिल नहीं हैं।
क्लस्टर बमों का नागरिक क्षेत्रों में प्रयोग मानवाधिकार उल्लंघन की श्रेणी में आता है।

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