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शहरी स्कूलों में अब महिला बचत समूहों से मिलेगा पौष्टिक आहार: नई व्यवस्था से छात्रों और महिलाओं को मिलेगा लाभ

Urban schools will now get nutritious food from women savings groups: Students and women will benefit from the new system

*नई पहल, नया बदलाव:

जालना: प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के तहत शहरी क्षेत्रों की स्कूलों में पोषण आहार वितरण को सशक्त और व्यवस्थित बनाने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने केंद्रीय रसोई प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया है. इस योजना के अंतर्गत महिला बचत समूहों और सेवाभावी संस्थाओं को आहार तैयार करने की जिम्मेदारी दी जाएगी, जिससे न केवल बच्चों को स्वच्छ और पौष्टिक भोजन मिलेगा, बल्कि स्थानीय महिलाओं को रोजगार के नए अवसर भी प्रदान होंगे.

महिला सशक्तिकरण और गुणवत्तापूर्ण पोषण का संगम:
नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, स्कूल प्रबंधन समितियों को सक्षम बचत समूहों और संस्थाओं का चयन करने का अधिकार दिया गया है. यह कदम शहरी स्कूलों में रसोई घर और अनाज भंडारण की कमी से उत्पन्न समस्याओं को दूर करने और योजना को प्रभावी तरीके से लागू करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा.शहरी क्षेत्रों में बचत समूहों के माध्यम से पोषण आहार: महिलाओं को सशक्त करने की नई पहल.

*शिक्षा विभाग और स्थानीय प्रशासन की भूमिका:

शहरी क्षेत्रों की स्कूलों में योजना के सुचारू क्रियान्वयन के लिए महानगरपालिका, नगर पालिका या नगर परिषदें सेवाभावी संस्थाओं या महिला बचत समूहों का चयन करेंगी. स्कूल प्रबंधन समितियों को इन समूहों या संस्थाओं के चयन का अधिकार दिया गया है, जिससे योजना को स्थानीय स्तर पर बेहतर तरीके से लागू किया जा सके. 

*केंद्रीय रसोई प्रणाली का उपयोग:

जिन स्कूलों में रसोई घर और अनाज भंडारण के लिए स्थान नहीं है, वहां केंद्रीय रसोई प्रणाली के तहत तैयार भोजन स्कूलों में पहुंचाया जाएगा। इससे योजना के क्रियान्वयन में आ रही बाधाओं को दूर किया जा सकेगा. 

*पोषण आहार की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान: 

सरकार ने पोषण आहार की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए निरीक्षण और नियमित रिपोर्टिंग की व्यवस्था की है. शालेय प्रबंधन समितियां, स्थानीय प्रशासन और शिक्षा विभाग मिलकर आहार की गुणवत्ता की जांच करेंगे. 

*अनियमित करारों पर नियंत्रण: 

पहले की प्रक्रिया में बचत समूहों को अनियमित रूप से समय सीमा बढ़ाने के मामले सामने आए थे। अब पुराने करार समाप्त कर नए समूहों और संस्थाओं का चयन किया जाएगा. 

*प्रभावी कार्यान्वयन का उद्देश्य: 

योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सरकार ने स्कूल प्रबंधन समितियों को अधिकार प्रदान किए हैं. इससे योजना को स्थानीय स्तर पर लागू करना और बच्चों तक समय पर पौष्टिक आहार पहुंचाना आसान होगा. 

  • *महत्वपूर्ण तथ्य:
  • – प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के तहत कक्षा 1 से 8 तक के बच्चों को पौष्टिक आहार प्रदान किया जाता है. 
  • – प्राथमिक स्तर के बच्चों को 450 कैलोरी ऊर्जा और 12 ग्राम प्रोटीन, जबकि उच्च प्राथमिक स्तर के बच्चों को 700 कैलोरी ऊर्जा और 20 ग्राम प्रोटीन प्रदान करना इस योजना का लक्ष्य है. 
  • – योजना का उद्देश्य बच्चों के शारीरिक और बौद्धिक विकास को प्रोत्साहित करना है.

सरकार ने संबंधित शालेय प्रबंधन समितियों से आह्वान किया है कि वे इस योजना को तेजी से लागू करें. इससे शहरी स्कूलों में बच्चों को नियमित और पौष्टिक आहार प्राप्त होगा और महिला बचत समूहों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा सकेगा.


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Imran Siddiqui

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