📚 2026 से दो बार होगी CBSE 10वीं बोर्ड परीक्षा — जानें पूरी जानकारी!
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🔷 प्रस्तावना
CBSE द्वारा घोषित इस नई प्रणाली में छात्र दो बार बोर्ड परीक्षा दे सकेंगे — पहली परीक्षा अनिवार्य होगी जबकि दूसरी परीक्षा वैकल्पिक होगी, जो स्कोर सुधार के लिए दी जा सकेगी। यह नई नीति छात्रों के लिए राहत और अवसर दोनों लेकर आई है।
📅 परीक्षा की समय-सारणी
| परीक्षा चरण | माह | परीक्षा अवधि | परिणाम |
|---|---|---|---|
| पहली (अनिवार्य) | फरवरी | 15 से 20 फरवरी | अप्रैल मध्य |
| दूसरी (वैकल्पिक) | मई | 20 से 25 मई | जून अंत |
📘 कौन-कौन से विषयों में दोबारा परीक्षा संभव?
- गणित
- विज्ञान
- सामाजिक विज्ञान
- भाषाएँ (हिंदी, अंग्रेज़ी आदि)
आंतरिक मूल्यांकन केवल एक बार होगा — दूसरी परीक्षा के लिए दोहराया नहीं जाएगा।
👨🏫 NEP 2020 के अनुरूप
यह बदलाव नई शिक्षा नीति 2020 के उस दृष्टिकोण को बल देता है जिसमें छात्रों को सीखने का सतत अवसर मिलना चाहिए। परीक्षा अब ‘डर’ नहीं, बल्कि ‘सुधार’ का माध्यम बनेगी।
🎯 विशेष श्रेणियों के लिए छूट
खिलाड़ी छात्र: प्रतियोगिता के कारण पहले चरण में शामिल न हो पाने पर दूसरे में बैठ सकते हैं
Compartment छात्र: दूसरे चरण में विशेष नियमों के तहत परीक्षा दे सकेंगे
🧠 छात्रों पर प्रभाव
- दबाव में कमी
- सुधार का अवसर
- बेहतर आत्ममूल्यांकन
- मनचाहे विषयों में स्कोर बढ़ाने का विकल्प
🗣️ छात्रों की प्रतिक्रिया
छात्रों ने इस प्रणाली का स्वागत करते हुए कहा कि अब उन्हें अपनी पहली गलती सुधारने का एक अवसर मिलेगा।
“अब पहली परीक्षा के खराब परिणाम से डरने की जरूरत नहीं — दूसरा मौका रहेगा!”
📋 स्कूल प्रशासन की ज़िम्मेदारियाँ
- दोनों परीक्षाओं के लिए नियोजन
- आंतरिक मूल्यांकन समय से पूरा करना
- मूल्यांकन प्रणाली को अपडेट करना
- छात्रों को समय पर मार्गदर्शन देना
🧾 अभिभावकों की भूमिका
माता-पिता को बच्चों को मानसिक समर्थन देना होगा और परिणाम की चिंता नहीं बल्कि प्रयास को प्रोत्साहित करना होगा।
📌 सुझाव छात्रों के लिए
- पहली परीक्षा को गंभीरता से लें — यहीं से 11वीं कक्षा की राह तय होती है
- अगर आवश्यकता हो तभी दूसरी परीक्षा दें
- केवल महत्वपूर्ण विषयों में सुधार का प्रयास करें
🏁 निष्कर्ष
CBSE की यह नई प्रणाली एक छात्र-केंद्रित, लचीली और संवेदनशील पहल है। यह केवल परीक्षा देने का अवसर नहीं, बल्कि छात्रों को आत्म-सुधार का मंच देती है। यदि सही ढंग से लागू की जाए तो यह भारत की परीक्षा प्रणाली में क्रांति ला सकती है।
📖 स्रोत: Economic Times रिपोर्ट पढ़ें

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