CBIC ने जलना को कस्टम पोर्ट घोषित किया — मराठवाड़ा को मिला अंतरराष्ट्रीय व्यापार का नया द्वार
समाचार रिपोर्ट | जलना | विशेष प्रतिनिधि
भारत सरकार के केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) ने महाराष्ट्र के जलना जिले को आधिकारिक रूप से कस्टम पोर्ट के रूप में अधिसूचित कर दिया है। यह अधिसूचना संख्या 37/2025-Customs (N.T.) के अंतर्गत 26 मई 2025 को जारी की गई और गजट ऑफ इंडिया में प्रकाशित की गई है। इसके अनुसार, अब जलना में स्थित ड्राय पोर्ट को आयात-निर्यात संचालन के लिए वैध अनुमति मिल चुकी है।
ड्राय पोर्ट जलना — व्यापार की नई दिशा
जलना, जो कि दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (DMIC) के निकट स्थित है, अब एक महत्वपूर्ण मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स हब के रूप में उभरेगा। यह पोर्ट JNPA (Jawaharlal Nehru Port Authority) के संचालन में रहेगा और इसे एक आधुनिक लॉजिस्टिक केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।
ड्राय पोर्ट का मतलब क्या होता है?
ड्राय पोर्ट वह स्थल होता है जहां समुद्री बंदरगाहों से दूर होते हुए भी कस्टम क्लियरेंस, स्टोरेज, माल का आयात-निर्यात और लॉजिस्टिक सेवाएं प्रदान की जाती हैं। यह सुविधा व्यापारियों को समय और लागत दोनों की बचत प्रदान करती है।
जलना को कैसे होगा लाभ?
- अब व्यापारियों को कस्टम क्लियरेंस के लिए मुंबई या जेएनपीटी जाने की आवश्यकता नहीं।
- तेज़ और सस्ता माल परिवहन स्थानीय व्यापारियों को मिलेगा फायदा।
- औद्योगिक हब और MIDC क्षेत्र की इकाइयों को मिलेगा अंतरराष्ट्रीय बाजार से सीधा संपर्क।
- नया रोजगार सृजन और इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास।
प्रशासनिक विवरण
यह अधिसूचना CBIC की अवर सचिव सु्प्रिया चंद्रन के हस्ताक्षर से जारी हुई, जो केंद्र सरकार के ‘Ease of Doing Business’ को बढ़ावा देने की नीति के तहत है।
सरकार की बड़ी योजना
इस निर्णय से सरकार का उद्देश्य है कि देश के आंतरिक क्षेत्रों में भी विश्वस्तरीय व्यापारिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। यह कदम ‘Make in India’ और ‘Export from Rural India’ जैसे अभियानों को नई गति देगा।

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