NewsNation Online

FireFly In News

जालना की शासकीय अनुदानित मराठी-उर्दू स्कूलों में अवैध फीस वसूली पर आप पार्टी की शिकायत, कार्रवाई की मांग

जालना की शासकीय अनुदानित मराठी-उर्दू स्कूलों में अवैध फीस वसूली पर आप की शिकायत, कार्रवाई की मांग

जालना की शासकीय अनुदानित मराठी-उर्दू स्कूलों में अवैध फीस वसूली पर आप की शिकायत, कार्रवाई की मांग

जालना: शहर की 100% शासकीय अनुदानित मराठी और उर्दू माध्यम की स्कूलों में प्रवेश के नाम पर की जा रही अवैध फीस वसूली के खिलाफ आम आदमी पार्टी ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की है। पार्टी ने इस प्रकरण को अत्यंत गंभीर बताते हुए कहा है कि पैरेंट्स से गैर-कानूनी तरीके से हजारों रुपये वसूले जा रहे हैं, जिससे शिक्षा का अधिकार वंचित वर्ग से छिनता जा रहा है।

ज्ञापन में कहा गया है कि जालना की कई शासकीय अनुदानित मराठी व उर्दू माध्यम की स्कूलों में कक्षा 1 से 10 तक के छात्रों को प्रवेश देते समय प्रवेश शुल्क के नाम पर 3,000 से 5,000 रुपये तक की मांग की जा रही है। कुछ स्कूलों में यह राशि सेमी इंग्लिश माध्यम का हवाला देकर वसूली जा रही है, साथ ही मासिक शुल्क के रूप में भी अवैध रूप से धन संग्रह किया जा रहा है।

ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) तथा महाराष्ट्र शैक्षणिक संस्था (कॅपिटेशन फी प्रतिबंध) अधिनियम, 1987 के स्पष्ट प्रावधानों के बावजूद, स्कूलें खुलेआम इन नियमों का उल्लंघन कर रही हैं।

पैरेंट्स द्वारा जब स्कूलों में प्रवेश के लिए संपर्क किया जाता है, तो उन्हें यह कहकर मना कर दिया जाता है कि “सीट उपलब्ध नहीं है” अथवा अन्य कारण बताए जाते हैं। लेकिन जब पैरेंट्स विनती करते हैं, तो उनसे स्पष्ट रूप से कहा जाता है कि प्रवेश शुल्क का भुगतान करने पर ही प्रवेश दिया जाएगा।

चौंकाने वाली बात यह भी है कि कुछ स्कूलों ने इस वसूली के लिए प्राइवेट एजेंटों की नियुक्ति की है, जो छात्रों और अभिभावकों से सीधी बातचीत कर फीस की “डील” फाइनल करते हैं। अभिभावक वर्ग इस भय में रहता है कि यदि उन्होंने शिकायत की, तो उनके बच्चों का शैक्षणिक भविष्य खतरे में पड़ सकता है। इस कारण वे चुप रहते हैं और मनमानी फीस चुकाने को मजबूर होते हैं।

आम आदमी पार्टी ने अपने ज्ञापन में यह भी मांग की है कि जालना शहर की सभी 100% शासकीय अनुदानित मराठी और उर्दू स्कूलों में शैक्षणिक वर्ष 2025-26 के लिए बालवाड़ी से लेकर 10वीं तक हुए सभी प्रवेशों की गहन जांच की जाए। इसके तहत पैरेंट्स से उनके अनुभवों का संज्ञान लिया जाए और जिन स्कूलों ने अवैध रूप से फीस वसूली की है, उन पर महाराष्ट्र कैपिटेशन फी प्रतिबंध अधिनियम, 1987 के अंतर्गत FIR दर्ज कर कठोर कार्रवाई की जाए।

यह ज्ञापन एड. फेरोज बागवान, आसीम बागवान, जालना शहराध्यक्ष तनुज बाहेती, शहर सचिव आसीम बागवान, उबैदुल्ला खान, और हुजैफा खान के हस्ताक्षर से प्रस्तुत किया गया। पार्टी ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वह जनता के समर्थन से इस मुद्दे को लेकर बड़ा जनआंदोलन शुरू करेगी।

आपके लिए सुझाव

author avatar
Rashmi Bagdi
Rashmi Bagdi is a journalist and digital content creator associated with NewsNation Online. She specializes in reporting on local news, civic issues, education, government updates, and viral stories with a reader-focused approach.

Discover more from NewsNation Online

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Discover more from NewsNation Online

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading