Türkiye’s dominance in NATO: The power of the Muslim country will increase as soon as America leaves!
Trump की नई रणनीति से अमेरिका छोड़ सकता है NATO, यूरोप में बढ़ेगा तुर्की का रुतबा
डोनाल्ड ट्रंप के दोबारा अमेरिकी राष्ट्रपति बनने के बाद वैश्विक राजनीति में उथल-पुथल मची हुई है। ट्रंप प्रशासन न सिर्फ आर्थिक मोर्चे पर चीन और अन्य देशों पर टैरिफ लगा रहा है, बल्कि अब NATO (North Atlantic Treaty Organization), UN (United Nations) और World Bank से अमेरिका के बाहर निकलने पर भी मंथन कर रहा है।
ट्रंप ने पहले ही WHO (World Health Organization) से अलग होने का आदेश जारी कर दिया है। अब रिपब्लिकन पार्टी के कई बड़े नेता और अरबपति कारोबारी एलन मस्क तक NATO और UN से अमेरिका को बाहर निकालने की सलाह दे रहे हैं। अगर ऐसा होता है, तो यूरोपीय रक्षा समीकरण पूरी तरह बदल सकते हैं।

क्या NATO अमेरिका के बिना भी ताकतवर रहेगा?
80 वर्षों से NATO अमेरिकी नेतृत्व में यूरोप को सुरक्षा की गारंटी देता आया है। हालांकि, रूस जैसी चुनौतियों का सामना करने के लिए अब कई यूरोपीय देश आत्मनिर्भर हो गए हैं। अमेरिका के बाहर होने पर भी NATO की ताकत कम नहीं होगी, क्योंकि इसमें शामिल अन्य 31 देशों की सैन्य शक्ति और आधुनिक हथियार इसे मजबूती देंगे।
NATO में कौन कितनी ताकत रखता है?
CNN की रिपोर्ट के अनुसार, NATO के सैन्य बजट में अमेरिका और जर्मनी सबसे बड़े योगदानकर्ता (16-16%) हैं, जबकि UK और फ्रांस क्रमशः 11% और 10% योगदान देते हैं। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका की अनुपस्थिति में यूरोपीय देश तुरंत उसकी भरपाई कर सकते हैं।
तुर्की बनेगा NATO की सबसे बड़ी सैन्य ताकत?
इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्ट्रैटेजिक स्टडीज़ (IISS) के मुताबिक, अगर अमेरिका NATO से हटता है, तो तुर्की इस सैन्य गठबंधन की सबसे बड़ी मुस्लिम शक्ति बनकर उभर सकता है। 2025 के आंकड़ों के अनुसार, NATO में अमेरिका के बाद सबसे ज्यादा सैनिक तुर्की (3,55,200) के हैं। इसके बाद फ्रांस (2,02,200), जर्मनी (1,79,850), पोलैंड (1,64,100) और इटली (1,61,850) का नंबर आता है।
NATO vs रूस: कौन ज्यादा ताकतवर?
Congressional Research Service की रिपोर्ट के मुताबिक, NATO में फिलहाल 80,000 अमेरिकी सैनिक तैनात हैं, जिनमें सबसे ज्यादा जर्मनी (35,000), इटली (12,000) और UK (10,000) में हैं। हालांकि, अमेरिका के बिना भी NATO के पास रूस से अधिक आधुनिक हथियार और विमानवाहक पोत हैं। उदाहरण के लिए, रूस के पास केवल एक पुराना विमानवाहक पोत है, जबकि अकेले ब्रिटेन के पास दो आधुनिक विमानवाहक पोत हैं।
निष्कर्ष: अमेरिका के बिना NATO का भविष्य
अगर ट्रंप प्रशासन वास्तव में NATO से अमेरिका को बाहर करता है, तो इसका सबसे बड़ा फायदा तुर्की को होगा। वह न सिर्फ इस सैन्य संगठन का प्रमुख खिलाड़ी बनेगा, बल्कि यूरोप में उसकी रणनीतिक स्थिति और मजबूत हो जाएगी। दूसरी ओर, यूरोप के अन्य देश अमेरिका की गैर-मौजूदगी में अपनी रक्षा नीतियों को और अधिक स्वतंत्र बना सकते हैं।
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