सातोना खुर्द में गूंजा भाईचारे का संदेश: फैयाज मस्जिद के उद्घाटन में हिंदू–मुस्लिम एकता की मिसाल
जालना:
जालना जिले के सातोना खुर्द गांव में शनिवार, 14 फरवरी को धार्मिक सद्भाव और सामाजिक सौहार्द की एक प्रेरक तस्वीर देखने को मिली। नवनिर्मित फैयाज मस्जिद के उद्घाटन समारोह में हिंदू और मुस्लिम समाज के लोगों ने बड़ी संख्या में एक साथ भाग लेकर आपसी भाईचारे और राष्ट्रीय एकता का मजबूत संदेश दिया।
इस अवसर पर कार्यक्रम की सरपरस्ती मुफ्ती मिर्ज़ा कलीम बेग नदवी (अध्यक्ष, जमीयत उलेमा अरशद मदनी मराठवाड़ा) ने की, जबकि अध्यक्षता जामिया इस्लामिया मिनहाज-उल-उलूम के नाज़िम मौलाना नईम अल-क़ासिमी ने की।
विभिन्न समाजों की उल्लेखनीय भागीदारी
उद्घाटन समारोह में हिंदू समाज के कई प्रमुख प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इनमें राहुल लोणीकर (युवा मंच, भाजपा महाराष्ट्र अध्यक्ष), महेश आकात (कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष), विलास आकात (उपसरपंच, सातोना), परमेश्वर आकात (पूर्व सरपंच), डॉ. लाटे, लीपने (सरपंच, शेलगांव) और बालासाहेब आकात (कृषि बाजार समिति सदस्य) शामिल रहे। इनके अलावा बड़ी संख्या में ग्रामीण नागरिकों की मौजूदगी ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ाया।
एकता और सौहार्द पर जोर
अपने संबोधन में राहुल लोणीकर ने कहा कि सातोना में हिंदू और मुसलमान वर्षों से मिलजुल कर रहते आए हैं और इस परंपरा को आगे भी कायम रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने मस्जिद निर्माण में योगदान देने वाले सैय्यद कंस्ट्रक्शन को बधाई देते हुए कहा कि आज देश को आपसी एकता और भाईचारे की सबसे अधिक आवश्यकता है।
इस दौरान जमीयत उलेमा महाराष्ट्र के उपाध्यक्ष कारी अब्दुल रशीद हमीदी, मुफ्ती मिर्ज़ा कलीम बेग नदवी, महेश आकात, विलास आकात तथा मौलवी अबुल आला सुबहानी ने भी अपने विचार रखे और सामाजिक सौहार्द का संदेश दिया।
शांति और प्रगति के लिए दुआ
अध्यक्षीय भाषण में मौलाना नईम अल-क़ासिमी ने कहा कि ऐसे पवित्र अवसरों पर हमें देश में शांति, सुरक्षा, भाईचारे और तरक्की के लिए दुआ करनी चाहिए। उन्होंने सभी समुदायों से आपसी सम्मान और सहयोग बनाए रखने की अपील की।
इस मौके पर मौलाना सोहेल नदवी (उपाध्यक्ष, जमीयत उलेमा मराठवाड़ा), मौलाना ख्वाजा सेलू, मौलाना महबूब मिल्ली, मौलाना बिलाल इशाती, हाफिज अब्दुल सलाम कुरैशी, मौलाना सैयद एहसान नदवी और मुफ्ती सैयद नोमान नदवी सहित कई धार्मिक, सामाजिक और राजनीतिक हस्तियां मौजूद रहीं। कार्यक्रम का संचालन मौलाना बिलाल इशाती ने किया।
सामूहिक प्रयासों से हुआ निर्माण
मस्जिद का निर्माण सैय्यद कंस्ट्रक्शन सातोना और पूर्व प्राचार्य सैयद सलीम के प्रयासों से पूरा हुआ। स्थानीय युवाओं ने भी श्रमदान और सहयोग के माध्यम से सक्रिय भूमिका निभाई।
कार्यक्रम का समापन मौलाना नईम अल-क़ासिमी की दुआ के साथ हुआ। इसके बाद ज़ोहर की नमाज़ अदा कराकर मस्जिद का औपचारिक उद्घाटन किया गया।
सातोना खुर्द का यह आयोजन न केवल एक धार्मिक कार्यक्रम रहा, बल्कि सामाजिक समरसता, आपसी विश्वास और राष्ट्रीय एकता का जीवंत उदाहरण बनकर उभरा, जिसने पूरे क्षेत्र को सकारात्मक संदेश दिया।
सातोना खुर्द फैयाज मस्जिद उद्घाटन

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