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सतीश पंच का ऐलान · महावितरण की मनमानी बिलिंग

 

जालना

सतीश पंच का ऐलान: गलत बिजली बिलों के खिलाफ महावितरण के खिलाफ कड़ी कार्रवाई

जालना/संवाददाता • अपडेटेड

जालना जिले में महावितरण कंपनी द्वारा उपभोक्ताओं को गलत बिजली बिल थमाकर उन पर लाखों रुपये की बकाया राशि थोपे जाने का गंभीर मामला प्रकाश में आया है। जिला उपभोक्ता संरक्षण परिषद के सदस्य और जालना व्यापारी महासंघ के अध्यक्ष सतीश पंच ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा है कि “उपभोक्ताओं के न्याय के लिए हम डटकर लड़ाई लड़ेंगे।”

इस मामले में जिला उपभोक्ता मंच के वी/कवि काॅ: एड. महेश धन्नावत ने जिलाधिकारी को लिखित शिकायत सौंपी है, जिसमें मांग की गई है कि गलत बिलों की त्वरित और सख्त जांच की जाए तथा प्रभावित उपभोक्ताओं को तुरंत राहत दी जाए।

शिकायत का सार — जिन उपभोक्ताओं का मासिक बिल सामान्यतः 3,000—3,500 रुपये आता था, उन्हें अचानक 5 लाख से 10 लाख रुपये तक की थकबाकी के बिल थमा दिए गए।

शिकायत के अनुसार बिना किसी पूर्वसूचना के पुराने मीटरों की बकाया राशि सीधे नए बिलों में जोड़ी गई, जिससे उपभोक्ताओं पर अनुचित दबाव बढ़ गया। उपभोक्ता आयोग के पूर्व निर्णयों में ऐसी बिलिंग अमान्य ठहराई जा चुकी है, फिर भी महावितरण ने नियमों की अनदेखी की है।

मामला और गंभीर तब बना जब छत्रपति संभाजीनगर से आए विशेष दल ने लगभग 1,153 उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शन काट दिए, जिससे त्योहारों के समय हजारों परिवार अंधेरे में रह गए।

सतीश पंच ने स्पष्ट कहा है कि यदि जिला प्रशासन तुरंत हस्तक्षेप कर गलत बिलों की जांच व सुधार नहीं करता है, तो व्यापारी महासंघ एवं उपभोक्ता संगठन व्यापक स्तर पर आंदोलन की रणनीति अपनाएंगे।

यह घटनाक्रम महावितरण की कार्यप्रणाली में संभावित अनियमितताओं की ओर इंगित करता है तथा उपभोक्ताओं के साथ हुये अन्याय को उजागर करता है।

रिपोर्ट: जिला उपभोक्ता मंच के दावों के आधार पर। स्थानीय प्रशासन से टिप्पणी का अनुरोध किया गया है।

Group of individuals holding a document in an office setting, with a presentation screen in the background displaying a logo and text in Marathi.

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