जालना में विशेष छापेमारी: 5 बाल मजदूर मुक्त, एक प्रतिष्ठान मालिक पर FIR
जालना, 23 फरवरी (जिमाका):
जिले में बाल मजदूरी पर रोक लगाने के उद्देश्य से चलाए गए विशेष अभियान में जिला प्रशासन ने पांच बाल मजदूरों को मुक्त कराया है। कार्रवाई के दौरान एक प्रतिष्ठान मालिक के खिलाफ पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया है।
यह अभियान जिलाधिकारी आशिमा मित्तल के निर्देश पर 16 से 19 फरवरी के बीच चलाया गया। जिला बाल श्रम अधिकारी के नेतृत्व में गठित संयुक्त टीम ने शहर के विभिन्न दुकानों, होटलों और छोटे उद्योगों में अचानक छापेमारी की।
क्या मिला छापेमारी में?
अभियान के दौरान कुल पांच नाबालिग बच्चे काम करते हुए पाए गए।
- एक बच्चा 14 वर्ष से कम आयु का
- चार किशोर 16 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के
संयुक्त टीम में कौन-कौन शामिल था?
बाल मजदूरी खोज अभियान के लिए विशेष संयुक्त टीम गठित की गई थी, जिसमें शामिल थे:
- जिला बाल श्रम अधिकारी
- चाइल्ड हेल्पलाइन प्रतिनिधि
- पुलिस विभाग
- स्वास्थ्य विभाग
- शिक्षा विभाग
टीम ने विभिन्न स्थानों पर आकस्मिक निरीक्षण (Surprise Inspection) किया।
कानून क्या कहता है?
बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 (संशोधित 2016) के अनुसार:
- 14 वर्ष से कम आयु के बच्चे को किसी भी व्यवसाय में नियोजित करना प्रतिबंधित है।
- पहली बार दोषी पाए जाने पर 6 महीने से 2 वर्ष तक की सजा हो सकती है।
- 20,000 से 50,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
- पुनरावृत्ति की स्थिति में सजा और अधिक कठोर हो सकती है।
संबंधित मालिक के विरुद्ध अधिनियम का उल्लंघन करने पर FIR दर्ज कर दी गई है।
बाल मजदूरी: राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य
अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) की रिपोर्टों के अनुसार, विश्व स्तर पर लाखों बच्चे अभी भी श्रम में संलग्न हैं। भारत में भी विभिन्न क्षेत्रों — जैसे होटल, ढाबे, छोटे उद्योग, ईंट-भट्ठे और असंगठित क्षेत्र — में बाल श्रम की घटनाएं सामने आती रहती हैं।
सरकार द्वारा PENCIL पोर्टल और अन्य योजनाओं के माध्यम से बाल मजदूरी रोकने के प्रयास किए जा रहे हैं।
बचाव के बाद क्या होता है?
मुक्त कराए गए बच्चों के लिए:
- प्राथमिक स्वास्थ्य जांच
- मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन
- विद्यालय से पुनः जोड़ने की प्रक्रिया
- सामाजिक और आर्थिक पुनर्वास
बाल कल्याण समिति के आदेश के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाती है।
प्रशासन की अपील
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं भी बाल मजदूरी की जानकारी मिले तो तुरंत 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन पर सूचना दें।
यह सेवा 24×7 निःशुल्क उपलब्ध है और तत्काल सहायता प्रदान करती है।
प्रमुख बिंदु (Key Points)
- 16–19 फरवरी के बीच विशेष अभियान
- 5 बाल मजदूर मुक्त
- एक प्रतिष्ठान मालिक पर मामला दर्ज
- संयुक्त टीम द्वारा आकस्मिक छापेमारी
- पुनर्वास प्रक्रिया शुरू
- बाल मजदूरी पर सख्त कानूनी प्रावधान

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