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₹1 लाख रिश्वत लेते ही एसीबी के जाल में फंसा अफसर | जालना ACB कार्रवाई 2026

₹1 लाख की रिश्वत लेते ही एसीबी के जाल में फंसा अफसर
पुनर्वसन मुआवज़े के नाम पर सौदेबाज़ी—लघु पाटबंधारे विभाग का कार्यकारी अभियंता रंगेहाथ गिरफ्तार

जालना:
जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने नए साल के पहले ही दिन बड़ी और सख्त कार्रवाई करते हुए लघु पाटबंधारे विभाग के कार्यकारी अभियंता को ₹1 लाख की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान रोहित प्रल्हाद देशमुख (आयु 35 वर्ष) के रूप में हुई है, जो लघु पाटबंधारे विभाग, जालना में पदस्थ है। आरोपी का निवास प्लॉट नंबर 50, विद्यानगर, सेवन हिल, छत्रपति संभाजीनगर बताया गया है।

एसीबी के अनुसार, आरोपी अभियंता पर आरोप है कि उसने पुनर्वसन के लिए शासन द्वारा संपादित खेत जमीन के मुआवज़े और गांवठाण (आवास) के मुआवज़ा चेक सौंपने के बदले शिकायतकर्ता से मोटी रिश्वत की मांग की थी।

कार्यालय में हुई छापामार कार्रवाई

यह छापामार कार्रवाई 1 जनवरी 2026 को जालना स्थित लघु पाटबंधारे विभाग के कार्यालय में अभियंता के कक्ष में की गई। कार्रवाई के दौरान कुल ₹1,00,000 की रिश्वत जब्त की गई, जिसमें ₹50,000 भारतीय चलन की असली नोटें और ₹50,000 बच्चों के खेल की नकली नोटें शामिल थीं। यह पूरी कार्रवाई पंचों की मौजूदगी में सुनियोजित तरीके से अंजाम दी गई।

मुआवज़े की राशि मिलने के बाद शुरू हुई रिश्वत की मांग

एसीबी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता की खेत जमीन पुनर्वसन परियोजना के तहत शासन द्वारा संपादित की गई थी। इसके मुआवज़े के रूप में ₹1 करोड़ 88 लाख 36 हजार 094 रुपये की राशि का चेक 29 जुलाई 2025 को शिकायतकर्ता के बैंक खाते में जमा हुआ था।

आरोप है कि इस राशि के खाते में जमा होते ही अभियंता रोहित देशमुख ने लगभग चार माह पहले अपने कार्यालय में शिकायतकर्ता से ₹7 लाख की रिश्वत की मांग की। उसी दिन शिकायतकर्ता से ₹4 लाख वसूल लिए गए, जबकि शेष ₹3 लाख की मांग को लेकर लगातार दबाव बनाया जाता रहा।

गांवठाण मुआवज़ा चेक के नाम पर ‘एडवांस’

इतना ही नहीं, गांवठाण (आवास) के मुआवज़ा चेक देने के नाम पर आरोपी ने शिकायतकर्ता से “एडवांस” बताकर हस्ताक्षरित दो कोरे चेक भी ले लिए। बार-बार की मांग और दबाव से परेशान होकर शिकायतकर्ता ने रिश्वत देने से साफ इंकार कर दिया।

एसीबी में शिकायत, सत्यापन के बाद जाल बिछाया

इसके बाद शिकायतकर्ता ने 30 दिसंबर 2025 को एसीबी कार्यालय, जालना में लिखित शिकायत दर्ज कराई। उसी दिन मंठा रोड स्थित रामदेव रायका होटल के पास पंचों की मौजूदगी में शिकायत का सत्यापन किया गया। सत्यापन के दौरान यह पुष्टि हुई कि अभियंता पहले ₹4 लाख ले चुका था और शेष ₹3 लाख की मांग कर रहा था। साथ ही गांवठाण मुआवज़ा चेक के लिए एडवांस लेने की बात भी सामने आई।

₹1 लाख लेते ही दबोचा गया

सत्यापन के बाद 1 जनवरी 2026 को एसीबी ने जाल बिछाया। अभियंता के इशारे पर शिकायतकर्ता ने ₹1 लाख की रिश्वत अभियंता की मेज़ पर रखे टिफिन बॉक्स की थैली में रखी और “लेन-देन पूरा” होने की बात कही। राशि स्वीकार करते ही एसीबी जालना की टीम ने तुरंत कार्रवाई कर आरोपी अभियंता को हिरासत में ले लिया।

तलाशी में नकदी और कीमती सामान बरामद

आरोपी की तलाशी लेने पर उसके पास से ₹7,910 नकद, JBL कंपनी के ईयरबड्स और Apple कंपनी का मोबाइल फोन बरामद किया गया। आरोपी के विरुद्ध कदीम जालना पुलिस थाना में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अपराध दर्ज किया गया है।

वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में कार्रवाई

यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक माधुरी केदार कांगणे, अपर पुलिस अधीक्षक शशिकांत सिंगारे के मार्गदर्शन तथा उप पुलिस अधीक्षक बी.एस. जाधवर के पर्यवेक्षण में की गई। छापेमारी पथक में निरीक्षक शरदचंद्र रोडगे सहित एसीबी जालना की विशेष टीम शामिल रही।

एसीबी की नागरिकों से अपील

एसीबी ने नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई लोक सेवक शासकीय कार्य के लिए स्वयं या किसी माध्यम से रिश्वत की मांग करता है, तो वे तुरंत एसीबी से संपर्क करें।
संपर्क नंबर: 02482-220252 | टोल-फ्री: 1064 | मोबाइल: 9881463365
ईमेल: dysp.acbjalna@mahapolice.gov.in, yspacbjalana@gmail.com

यह कार्रवाई एक बार फिर यह संदेश देती है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई जारी रहेगी और रिश्वतखोरी को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

भ्रष्टाचार के खिलाफ एसीबी कार्रवाई का विज्ञापन, जिसमें ₹1 लाख की रिश्वत लेते हुए अधिकारी का चित्रण किया गया है।

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