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तेंदुए से भिड़े शेरदिल दादा: जान की बाज़ी लगाकर पोते को जबड़ों से छुड़ाया

तेंदुए से भिड़े शेरदिल दादा: जान पर खेलकर पोते को मौत के मुंह से खींच लाए!

तेंदुए से भिड़े शेरदिल दादा: जान पर खेलकर पोते को मौत के मुंह से खींच लाए!

कोपरगांव (अहिल्यानगर), महाराष्ट्र:
सच्ची बहादुरी वही होती है जब कोई अपनों के लिए जान की बाज़ी लगाकर मौत से टकरा जाए। कोपरगांव तालुका के येसगांव शिवार में शनिवार को एक बुजुर्ग दादा ने अपने चार वर्षीय पोते को तेंदुए के जबड़ों से छुड़ा कर जीवित बचा लिया — और आज पूरे महाराष्ट्र में उनकी बहादुरी की चर्चा हो रही है।

घटना उस समय घटी जब चार साल का कुणाल अजय आहेर अपनी मां के पीछे-पीछे घर से बाहर निकला। तभी गन्ने के खेत में छिपे तेंदुए ने उस पर झपट्टा मारा और उसे जबड़े में दबोच कर खेत की ओर घसीटने लगा।

घबराए हुए पोते की चीखें — “आजोबा… आजोबा…” — सुनते ही दादा मच्छिंद्र आहेर दौड़कर बाहर आए। सामने का मंजर दिल दहला देने वाला था। उनका लाडला पोता तेंदुए के जबड़ों में था, लेकिन उन्होंने न डर दिखाया, न देरी की।

मच्छिंद्र आहेर ने तेंदुए पर सीधा हमला बोला और बिना किसी हथियार के उस पर झपटे। आखिरकार तेंदुआ घबरा गया और पोते को छोड़कर भाग निकला।

गंभीर रूप से घायल पोते को इलाज के लिए तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। इस वीरता की घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है।

लोग मच्छिंद्र आहेर को “शेरदिल दादा” और “रियल हीरो” कहकर सलाम कर रहे हैं।

वन विभाग सतर्क

वन विभाग ने मौके पर पहुंचकर क्षेत्र में पिंजरा लगाया है और तेंदुए की तलाश जारी है। कोपरगांव तालुका में तेंदुओं की बढ़ती मौजूदगी से दहशत का माहौल है और नागरिकों ने सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम की मांग की है।

मुख्य बिंदु:

  • 4 वर्षीय पोते पर तेंदुए ने खेत में किया हमला
  • चीख सुनते ही दादा दौड़े और तेंदुए से भिड़ गए
  • बहादुरी दिखाकर पोते को बचाया, अस्पताल में उपचार जारी
  • वन विभाग सतर्क, पिंजरा लगाया गया, तेंदुए की तलाश

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