पुणे-छत्रपति संभाजीनगर द्रुतगती महामार्ग अब जालना तक — ड्रायपोर्ट कार्य को भी मिलेगी गति, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का आश्वासन
जालना:
जालना के लिए आज की यह घोषणा उम्मीद और उत्साह से भरी है। केंद्रीय सड़क-परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने स्पष्ट किया है कि पुणे से छत्रपति संभाजीनगर तक बन रहे द्रुतगती महामार्ग को जालना शहर तक विस्तारित करने का निर्णय लिया गया है और जालना के ड्रायपोर्ट परियोजना के अधूरे कामों को शीघ्रता से पूरा कराया जाएगा। 1
दिल्ली की बैठक में हुआ ऐतिहासिक वादा
9 अक्टूबर को दिल्ली में विधायक अर्जुनराव खोतकर की केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात में जिले की लंबित मांगों पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में जालना के उद्योगपति नंदकिशोर जेठलिया भी उपस्थित रहे। चर्चा के बाद गडकरी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पुणे-छत्रपति संभाजीनगर द्रुतगती मार्ग को जालना तक जोड़ा जाए और इसे समृद्धि महामार्ग के इंटरचेंज से लिंक किया जाए — जिससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और आर्थिक संभावनाएं बढ़ेंगी। 2
ड्रायपोर्ट: किसान और व्यापारी दोनों के लिए उम्मीद
कई वर्षों से अटका हुआ ड्रायपोर्ट प्रोजेक्ट भी अब गति पकड़ेगा — मंत्री ने कहा कि किसी भी तरह की अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और आवश्यकतानुसार जवाबदेह अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। ड्रायपोर्ट बनने पर किसानों को अपने उत्पाद जल्दी व सस्ते में बाजार तक पहुंचाने का रास्ता मिलेगा और व्यापारियों के लिये लॉजिस्टिक्स की लागत में कमी आएगी।
शहरी सड़कें — जालनेकरों की रोज़मर्रा की पीड़ा का अंत
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि जालना शहर के भोकरदन नाका से ढवळेश्वर मार्गे भोकरदन चौफुली तथा राजमाता जिजाऊ चौक से नाव्हा चौफुली तक के मार्गों के नवीनीकरण के लिये निधि आवंटित कर मंजूरी दी जाएगी। लंबे समय से इन सड़कों की स्थिति खराब होने के कारण रोजाना आने-जाने वाले नागरिकों को भारी असुविधा झेलनी पड़ती थी — अब राहत की उम्मीद जगी है।
स्थानीय प्रतिक्रिया — भावनाओं से भरी प्रतिक्रिया
जालना के नागरिक, किसान, व्यापारी और उद्यमी इन घोषणाओं से भावुक हैं। एक स्थानीय किसान ने कहा, “यह केवल सड़क नहीं—हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए रोजगार और संजीवनी का रास्ता है।” एक दुकान संचालक ने कहा, “ड्रायपोर्ट और बेहतर सड़कें हमारे व्यापार को नई उड़ान देंगी।” कई लोग इसे जालना के लिये ‘दिवाली का उपहार’ बता रहे हैं।
आगे की राह
प्राप्त आश्वासन स्थानीय प्रशासन और संबंधित केंद्रीय एवं राज्य एजेंसियों के बीच समन्वय पर निर्भर करेगा। योजनाओं का शीघ्र क्रियान्वयन और पारदर्शी निगरानी ही इन वादों को वास्तविकता में बदल पाएगी। जालना के लोगों की निगाहें अब अमल और समयसीमा पर टिकी हैं।



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