टेक्सास में कुरआन शरीफ़ की बेहुरमती पर रज़ा अकादमी का सख़्त एहतिजाज, राष्ट्रपति ट्रंप से कार्रवाई का मुतालिबा
अमरीकी रियासत टेक्सास में सियासी उम्मीदार वेलेंटिना गोमेज़ की जानिब से पवित्र कुरआन शरीफ़ को नज़र-ए-आतिश करने की ख़बर ने आलमे-इस्लाम में ग़म व ग़ुस्से की लहर दौड़ा दी है। हिंदुस्तान की मारूफ़ इस्लामी तंजीम रज़ा अकादमी ने इस वाक़े की शदीद मज़म्मत करते हुए अमरीकी सदर डोनाल्ड जे. ट्रंप को ख़त लिखकर फ़ौरी कार्रवाई का मुतालिबा किया है।
रज़ा अकादमी का एहतिजाज
रज़ा अकादमी के सदर मुहम्मद सईद नूरी ने अपने ख़त में इस अमल को “शर्मनाक, दिल-आफ़रोज़ और भड़काऊ” करार देते हुए लिखा कि ये हरकत सिर्फ़ मुसलमानों का तौहीन नहीं बल्कि इंसानी क़दर-ओ-क़ीमत, तहज़ीब और पुरअमन इकट्ठ का भी सरासर इख़्तिलाफ़ है।
चार अहम मुतालिबात
- वेलेंटिना गोमेज़ की फ़ौरी गिरफ़्तारी और मुक़दमा, ताकि नफ़रत फैलाने और अरबों मुसलमानों के जज़्बात को ठेस पहुँचाने पर उन्हें सज़ा दी जा सके।
- सदर के दफ़्तर से साफ़ और दोटूक मुज़म्मत, जिससे दुनिया को यक़ीन दिलाया जाए कि ऐसी हरकतें अमरीका में हरगिज़ बर्दाश्त नहीं की जाएँगी।
- ठोस इक़दामात, ताकि आइन्दा कुरआन शरीफ़ या किसी और मज़हबी ग्रंथ की बेहुरमती ना हो सके।
- मज़ाहिब के दरमियान हमआहंगी और पुरअमन गुफ़्तगू को फ़रोग़, जिससे मुस्लिम बिरादरी को अमरीका और आलमी सतह पर तहफ़्फ़ुज़ और एहतिराम महसूस हो।
आलमी रद्दे-अमल
इस वाक़े ने आलमी सतह पर सख़्त रद्दे-अमल पैदा किया है। अरब मुल्कों से लेकर बर्र-ए-स़ग़ीर तक उलेमा और मज़हबी रहनुमाओं ने इस अमल को नफ़रत और इख़्तिलाफ़ फैलाने की साज़िश बताया। सोशल मीडिया पर भी लाखों अफ़राद ने ग़ुस्से और दुख का इज़हार किया और अमरीका से फ़ौरी इक़दाम की मांग की।
रज़ा अकादमी का तआरुफ़
सन 1978 में क़ायम हुई रज़ा अकादमी मुंबई की एक मारूफ़ इस्लामी तंजीम है जो दीन की तालीम, समाजी ख़िदमात और मुसलमानों के ह़ुक़ूक़ की पैरोकार मानी जाती है। अकादमी अक्सर ऐसे आलमी मसाइल पर आवाज़ बुलंद करती रही है जो मुस्लिम उम्मत के जज़्बात को मुतअस्सिर करते हैं।
“दुनिया देख रही है”
ख़त के इख़्तिताम पर नूरी ने राष्ट्रपति ट्रंप से कहा—
“जनाबे सदर, पूरी दुनिया आपकी तरफ़ देख रही है। हम आपसे दरख़्वास्त करते हैं कि इंसाफ़, बराबरी और तमाम मज़ाहिब के एहतराम के उसूलों को बरक़रार रखें। सिर्फ़ इन्हीं इक़दामात से अमन व हमआहंगी क़ायम रह सकती है।”

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