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निराशा को त्याग कर जोश और दृढ़ता से काम करें – ज़फर अंसारी

Leave despair and work with passion and determination – Zafar Ansari

जमात-ए-इस्लामी हिंद का जिला स्तरीय इज्तेमा सफलतापूर्वक संपन्न

जालना – वर्तमान समय चुनौतियों और कठिनाइयों से भरा हुआ है. इन परिस्थितियों में निराशा को त्याग कर अपने उद्देश्य के लिए जोश और दृढ़ता के साथ काम करना ही सफलता की कुंजी है. यह प्रेरणादायक संदेश जमात-ए-इस्लामी हिंद, महाराष्ट्र के सचिव ज़फर अंसारी ने अपने संबोधन में दिया.
यह अवसर था जमात-ए-इस्लामी हिंद, जालना, बदनापुर और अंबड ब्लॉक द्वारा अकबरी मस्जिद,  में आयोजित जिला स्तरीय इज्तेमा का, जिसमें बड़ी संख्या में पुरुष और महिला कार्यकर्ताओं ने भाग लिया. इस समय  जिला अध्यक्ष सैयद शाकिर ने प्रस्तावना प्रस्तुत की जबकि एसआईओ जालना शाखा के सदस्य मुसअब ने तराना प्रस्तुत किया.

कुरआन प्रवचन और कार्यकर्ताओं को संदेश

अपने संबोधन में ज़फर अंसारी ने कहा कि आधुनिक समय में जीवन में आने वाली चुनौतियां अस्थाई होती हैं. उन्होंने कार्यकर्ताओं को आह्वान किया कि वे अपने लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्ध रहें और आत्मविश्वास के साथ अपने कार्यों को अंजाम दें. उन्होंने कहा कि समाज में फैली निराशा को दूर करने के लिए कार्यकर्ताओं को न केवल आत्मनिर्भर बनना चाहिए, बल्कि अपने आसपास के लोगों को भी प्रेरित करना चाहिए.

पुस्तक समीक्षा: “भारतीय मुस्लिम – चुनौतियां, आशंकाएं और समाधान”

जमात-ए-इस्लामी हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष सैयद सादातुल्लाह हुसैनी द्वारा लिखित पुस्तक “भारतीय मुस्लिम – चुनौतियां, आशंकाएं और समाधान” की समीक्षा प्रस्तुत की गई. सैयद तौहीद (जालना) ने कहा कि यह पुस्तक मुस्लिम समुदाय को उनकी मौजूदा चुनौतियों के प्रति जागरूक करती है और समस्याओं के समाधान के लिए व्यावहारिक मार्गदर्शन प्रदान करती है.

विचार सत्र: “जमात-ए-इस्लामी हिंद – अंधकार में प्रकाश की किरणें”

ज़फर अंसारी ने इस विषय पर गहराई से चर्चा करते हुए कहा कि जमात-ए-इस्लामी हिंद का उद्देश्य सिर्फ धार्मिक सुधार नहीं है, बल्कि सामाजिक उत्थान, शिक्षा, और नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देना है. उन्होंने कहा कि जमात समाज को जागरूक करने के लिए एक प्रकाश की किरण के समान है.

  • चर्चा सत्र: “उत्कृष्ट परिवार निर्माण – इस्लाम के साये में” इस सत्र में कई वक्ताओं ने अपने विचार साझा किए. 
  • – गाजी तारिक (जालना) ने इस्लामिक परिवार मूल्यों के महत्व पर चर्चा की.
  • – सारा फिरदौस (अंबड) ने महिलाओं की भूमिका और उनकी जिम्मेदारियों को रेखांकित किया.
  • – डॉ. अतीक (बदनापुर)ने कहा कि परिवार में नैतिकता और अनुशासन से समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है.
  • – मोहम्मद इस्माइल (अंबड) ने  परिवार को समाज का आधार बताते हुए कहा कि इसकी मजबूती से समाज का विकास सुनिश्चित होता है.

*युवाओं के लिए विशेष संदेश

जमात-ए-इस्लामी हिंद, अंबड शाखा के अध्यक्ष मौलाना सादिक मजाहिरी ने मोबाइल फ़ोन के अत्यधिक उपयोग और उसके दुष्प्रभावों पर चिंता व्यक्त की. उन्होंने कहा कि मोबाइल का अत्यधिक उपयोग न केवल समय की बर्बादी करता है, बल्कि युवाओं को मानसिक और शारीरिक रूप से कमजोर बनाता है. उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे अपने बच्चों को मोबाइल की लत से बचाएं और उनकी ऊर्जा को रचनात्मक कार्यों और शिक्षा में लगाएं.

*महिलाओं और बच्चों की भागीदारी

कार्यक्रम में गर्ल्स इस्लामिक ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इंडिया (GIO) की सदस्य अदीबा अनम ने प्रेरणादायक तराना प्रस्तुत किया.जमात की महिला शाखा की अध्यक्ष आमिना अल्मास ने हदीस पर प्रवचन दिया और इस्लामिक जीवन शैली के महत्व पर प्रकाश डाला.

बशीर अहमद राही ने “इस्लामी समाज व्यवस्था में महिलाओं के योगदान” पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि महिलाएं समाज को दिशा देने में अहम भूमिका निभाती है.

कार्यक्रम के पहले सत्र का संचालन अब्दुल खालिक (बदनापुर) और दूसरे सत्र का संचालन हकीम पटेल (अंबड) ने किया. इस कार्यक्रम को सफल बनाने में युथ मूवमेंट ऑफ महाराष्ट्र (YMM), स्टूडेंट्स इस्लामिक ऑर्गनाइजेशन ऑफ इंडिया (SIO), और गर्ल्स इस्लामिक ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इंडिया (GIO) के सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.

कार्यक्रम के अंत में ज़फर अंसारी ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि कठिनाइयों से घबराए बिना और निराश हुए बिना अपने कार्यों में जुटे. उन्होंने कार्यकर्ताओं को समाज और देश की भलाई के लिए निरंतर प्रयास करने की प्रेरणा दी.

अंत में, उपस्थित लोगों ने जमात-ए-इस्लामी हिंद और अन्य संगठनों के कार्यों की सराहना की और इनके प्रयासों को अनुकरणीय बताया.


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Imran Siddiqui

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