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जालना में निजी बसों का मनमाना संचालन: यात्रियों से वसूला जा रहा दोगुना किराया, सुरक्षा नियमों की खुल्लमखुल्ला अनदेखी

जालना में निजी बसों का मनमाना संचालन: यात्रियों से वसूला जा रहा दोगुना किराया, सुरक्षा नियमों की खुल्लमखुल्ला अनदेखी

जालना/प्रतिनिधि

गर्मी की छुट्टियों और शादी-ब्याह के सीजन में जालना से मुंबई, पुणे, सुरत, अहमदाबाद, नागपुर और इंदौर जैसे बड़े शहरों की ओर चलने वाली निजी बसों में यात्रियों से मनमाना किराया वसूला जा रहा है। यही नहीं, इन ट्रैव्हल्स गाड़ियों में परिवहन नियमों की धज्जियाँ उड़ाई जा रही हैं।

जालना शहर से संचालित अधिकतर निजी ट्रैव्हल्स बसों में न तो अग्निशमन यंत्र मौजूद हैं, न ही आपातकालीन खिड़कियां या सुरक्षा से जुड़ी अन्य अनिवार्य व्यवस्थाएं। आरटीओ और जिला परिवहन विभाग की नियमित जांच न होने के कारण यात्रियों की जान जोखिम में डालकर धड़ल्ले से परिवहन किया जा रहा है।

रामतीर्थ पुल के पास खुले मैदान में दिनभर खड़ी रहने वाली ये बसें रात होते ही यात्रियों को भरकर रवाना होती हैं। कुछ ट्रैव्हल्स बसें बसस्थानक चौक के सामने स्थित कार्यालयों से ही यात्रियों को बैठाकर ले जाती हैं।

इन बसों में सुरक्षा के लिए जरूरी आपातकालीन हथौड़े तक नहीं लगे हैं, जिससे दुर्घटना की स्थिति में खिड़कियाँ तोड़कर निकलना मुश्किल हो सकता है। कुछ बसों में तो संकट के समय बाहर निकलने की कोई खिड़की ही नहीं होती। ऊपर से चार्जिंग प्वाइंट लटकते हैं, खुली वायरिंग दिखाई देती है, जो यात्रियों के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकती है।

यात्रियों की बढ़ती संख्या का फायदा उठाकर ट्रैव्हल्स संचालक किराए में मनमानी कर रहे हैं। सामान्य दिनों की तुलना में दुगना किराया वसूला जा रहा है। इतना ही नहीं, लॉबी में अतिरिक्त यात्रियों को भरकर भी नियमों की धज्जियाँ उड़ाई जा रही हैं।

आरटीओ और जिला परिवहन शाखा की निष्क्रियता के चलते ये खतरनाक बस सेवाएं पूरे साल बिना रोक-टोक के चालू हैं, जिससे यात्रियों की जान पर हमेशा खतरा बना रहता है।

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Imran Siddiqui

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