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जालना नगर पालिका घोटाला: आम आदमी पार्टी के नए सबूत







जालना नगर पालिका पर 25 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप, आम आदमी पार्टी ने पेश किए पुख्ता सबूत

जालना: 3 सितंबर 2025

जालना शहर महानगरपालिका और पूर्व नगरपालिका प्रशासन पर स्वच्छता विभाग के नाम पर करोड़ों रुपये के घोटाले का गंभीर आरोप आम आदमी पार्टी ने लगाया है। जालना शहर महानगराध्यक्ष संजोग हिवाले और महानगर महासचिव तनुज बाहेती ने 488 शासकीय विश्राम गृह में आयोजित पत्रकार परिषद में यह दावा किया कि वर्ष 2013 से 2022 के बीच स्वच्छता कार्यों के नाम पर लगभग 25 करोड़ रुपये का घोटाला किया गया। इस दौरान पार्टी ने भ्रष्टाचार से जुड़े दस्तावेज और सबूत पत्रकारों के सामने पेश किए।

आम आदमी पार्टी का आरोप है कि स्वच्छता विभाग के तहत हुए इन कार्यों में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं की गईं। नगर पालिका ने बिना किसी तकनीकी स्वीकृति, अनुभव की जांच या निविदा प्रक्रिया का पालन किए, गुरुदत्त सिक्योरिटी एंड लेबर सप्लायर्स नामक ठेकेदार को लगातार कई वर्षों तक ठेके दिए। आरोप यह भी है कि मज़दूरों के वेतन का कोई स्पष्ट रिकॉर्ड नहीं रखा गया। मजदूरी कानून के अनुसार भुगतान चेक से होना चाहिए था, लेकिन पालिका ने न तो चेक से भुगतान किया और न ही कोई वैध रिकॉर्ड रखा।

विभिन्न वर्षों में भारी अनियमितताएं

  • 2013–2017: बिना निविदा और रिकॉर्ड के 2.68 करोड़ रुपये खर्च।
  • 2018–20: केवल 18 महीनों में शहर के बंदिस्त और ओपन गटर/नाले साफ करने के नाम पर 8.61 करोड़ रुपये खर्च।
  • 2016–17: 12वें वित्त आयोग के तहत 3.65 करोड़ रुपये का अनुदान बिना लेखा-जोखा।
  • 2019–20: GEM पोर्टल से स्वच्छ महाराष्ट्र अभियान के तहत 3 कॉम्पैक्टर वाहन खरीदे, अतिरिक्त खर्च 22,25,448 रुपये।
  • घन कचरा प्रकल्प के लिए 76,18,326 रुपये खर्च, प्रकल्प अधूरा।
  • कोरोना काल 2020–21: नाले सफाई, कचरा संकलन और वाहतूक में 1.24 करोड़ रुपये खर्च, लेकिन सामान का कोई रिकॉर्ड नहीं।
  • 2021–22: 14वें वित्त आयोग के तहत 1.72 करोड़ रुपये दिखाए गए, वास्तविक गणना 1.09 करोड़ रुपये।

अन्य गंभीर आरोप

पार्टी ने बताया कि बायो-माइनिंग प्रक्रिया के तहत 3.65 करोड़ रुपये की निविदा “हरित महा सिटी कंपोस्ट” परियोजना के लिए दी गई, लेकिन कंपोस्ट निर्माण और विक्रय शुरू नहीं हुआ। मोकाट कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण के लिए 2023–24 में 15 लाख रुपये और 2024–25 में 25 लाख रुपये की निविदा दी गई, लेकिन कार्य का कोई रिकॉर्ड नहीं।

पार्टी नेताओं ने कहा कि महापालिका प्रशासन ने आरोपों का खंडन करते हुए दावा किया कि विभागीय आयुक्त और अंदाज समिति ने क्लीन चिट दी है। आम आदमी पार्टी ने मांग की कि यदि क्लीन चिट दी गई है तो उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।

जांच और कार्यवाही की मांग

संजोग हिवाले और तनुज बाहेती ने कहा कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो महापालिका आयुक्त को बर्खास्त कर ED और CBI जांच कराई जाए, ताकि सच जनता के सामने आ सके। इस अवसर पर प्रेस कांफ्रेंस में पत्रकार सुभाष देठे, फिरोज बागवान और रवि सूर्यवंशी उपस्थित थे।

आम आदमी पार्टी के नेता प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान स्वच्छता विभाग में घोटाले के आरोप लगाते हुए, कागज़ों के साथ बैठे हैं।

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