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जालना मनपा में नामित सदस्यों पर सियासत तेज: भाजपा के 2 आवेदन रद्द, कांग्रेस में भी विवाद

जालना मनपा के स्वीकृत सदस्यों पर सियासत तेज, भाजपा के दो आवेदन रद्द; कांग्रेस में भी विवाद

जालना, 4 मार्च:
जालना महानगरपालिका में स्वीकृत (नामित) सदस्यों के चयन को लेकर शहर की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। छह स्वीकृत सदस्यों के चयन के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद बुधवार को जब आवेदनों की जांच (स्क्रूटनी) शुरू हुई तो कई महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम सामने आए। भाजपा के दो आवेदनों को त्रुटियों के कारण रद्द कर दिया गया, जबकि कांग्रेस के भीतर भी उम्मीदवार के नाम को लेकर विवाद खुलकर सामने आया है।

जालना महानगरपालिका में नामित सदस्यों की नियुक्ति महाराष्ट्र के नगर निगम अधिनियम के तहत की जाती है, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों के अनुभवी व्यक्तियों को परिषद में शामिल किया जाता है। इस प्रक्रिया की जानकारी महाराष्ट्र सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर भी उपलब्ध है।
अधिक जानकारी के लिए देखें: https://maharashtra.gov.in


भाजपा के दो आवेदन रद्द

जालना महानगरपालिका में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खाते में चार स्वीकृत सदस्य चुने जाने हैं। इसके लिए पार्टी की ओर से अर्जुन कबूलमल गेही, शोभा गोपाल नारियलवाले, आनंद शिवआप्पा झारखंडे और सिद्धिविनायक वसंतराव मुले के नाम प्रस्तावित किए गए थे।

बुधवार को हुई स्क्रूटनी के दौरान शोभा नारियलवाले और आनंद झारखंडे के आवेदनों में तकनीकी त्रुटियां पाए जाने के कारण दोनों के आवेदन रद्द कर दिए गए। वहीं अर्जुन गेही और सिद्धिविनायक मुले के आवेदन मंजूर कर लिए गए हैं।

राजनीतिक जानकारों के अनुसार इन दो आवेदनों के रद्द होने के बाद भाजपा में नामित सदस्य पद को लेकर फिर से हलचल बढ़ गई है।


शिवसेना (शिंदे गुट) और कांग्रेस के आवेदन स्वीकार

इसी प्रक्रिया के तहत शिवसेना (शिंदे गुट) की ओर से स्वीकृत सदस्य पद के लिए अश्विन भास्कर अंबेकर का नाम प्रस्तावित किया गया था। स्क्रूटनी के दौरान उनका आवेदन स्वीकार कर लिया गया।

वहीं कांग्रेस की ओर से गटनेता एड. फारुख तुंडीवाले ने विनोद रत्नपारखे का नाम स्वीकृत सदस्य के लिए प्रस्तावित किया, जिसे प्रारंभिक रूप से स्वीकार किया गया है।

जालना महानगरपालिका की सहायक आयुक्त सुप्रिया चव्हाण ने बताया कि 6 मार्च को होने वाली आमसभा में फिलहाल चार स्वीकृत सदस्यों के चयन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

उन्होंने बताया कि:

  • आमसभा में भाजपा के दो स्वीकृत सदस्यों का चयन किया जाएगा।
  • शेष दो सदस्यों के लिए आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित पार्टी के गटनेता द्वारा नाम प्रस्तावित किए जाने पर अगली आमसभा में निर्णय लिया जाएगा

स्थानीय निकायों के चुनाव और संरचना से जुड़ी जानकारी भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर भी उपलब्ध है:
https://eci.gov.in


कांग्रेस में भी छिड़ा विवाद

स्वीकृत सदस्य पद को लेकर कांग्रेस के भीतर भी विवाद सामने आया है।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजाभाऊ देशमुख, शहराध्यक्ष अतीक खान, पूर्व नगरसेवक वाजेद खान सहित अन्य पदाधिकारी जालना महानगरपालिका पहुंचे और गटनेता फारुख तुंडीवाले द्वारा प्रस्तावित नाम पर आपत्ति दर्ज कराई।

कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि पार्टी ने स्वीकृत सदस्य पद के लिए अब्दुल अजीज आबुद बिन सामेदा का नाम तय किया था, लेकिन गटनेता ने पार्टी की जानकारी के बिना विनोद रत्नपारखे का नाम प्रस्तावित कर दिया।

जिलाध्यक्ष राजाभाऊ देशमुख ने इसे पार्टी के साथ धोखाधड़ी बताते हुए कहा कि इस नाम पर विचार नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पार्टी इस मामले में गटनेता के खिलाफ कार्रवाई करेगी और जरूरत पड़ने पर मामले को अदालत तक ले जाया जाएगा


तुंडीवाले ने आरोपों को बताया निराधार

वहीं कांग्रेस गटनेता एड. फारुख तुंडीवाले ने जिलाध्यक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनके पास किसी भी नाम का आधिकारिक प्रस्ताव नहीं पहुंचा था।

तुंडीवाले के अनुसार:

  • उन्हें केवल तीन नामों की एक पर्ची दी गई थी।
  • उन्होंने पार्टी हित में निर्णय लिया है।
  • कुछ नेताओं ने चुनाव के दौरान पार्टी के साथ विश्वासघात किया था।

उन्होंने यह भी कहा कि वे सांसद कल्याण काले पर भरोसा जताते हैं और जालना कांग्रेस जिलाध्यक्ष की कार्यप्रणाली के खिलाफ पार्टी आलाकमान से शिकायत करेंगे।

तुंडीवाले का दावा है कि विनोद रत्नपारखे के नाम के समर्थन में कांग्रेस के सात नगरसेवक हैं।


जालना मनपा में दलों की वर्तमान स्थिति

हाल ही में हुए चुनाव के बाद जालना महानगरपालिका में दलों की स्थिति इस प्रकार है:

  • भाजपा: 41 सीटें
  • शिवसेना (शिंदे गुट): 12 सीटें
  • कांग्रेस: 9 सीटें
  • एआईएमआईएम: 2 सीटें
  • निर्दलीय: 1 सीट

स्पष्ट बहुमत के कारण भाजपा में नामित सदस्य पद के लिए काफी सक्रियता देखी गई। जानकारी के अनुसार इस पद के लिए भाजपा के 50 से अधिक इच्छुकों ने आवेदन पत्र लिया था।

अब दो आवेदन रद्द होने के बाद भाजपा खेमे में इस पद को लेकर नई राजनीतिक हलचल तेज हो गई है, जबकि कांग्रेस के भीतर चल रहा विवाद भी आगामी आमसभा से पहले पार्टी के लिए चुनौती बन सकता है।


A graphic depicting the Jalna Municipal Corporation controversy, highlighting rejected applications from BJP and internal disputes within Congress. The image features the municipal building and logos of both political parties.
Political controversy in Jalna Municipal Corporation as BJP applications get rejected and Congress faces internal disputes

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