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जालना में MPDA की सख्त कार्रवाई: एक माह में 7 आदतन अपराधी निरुद्ध

जालना MPDA कार्रवाई

एक माह में 7 आदतन अपराधियों पर MPDA की सख्त कार्रवाई, अवैध रेत खनन से लेकर गोवंश हत्या तक प्रशासन का कड़ा शिकंजा

जालना (प्रतिनिधि):
जिले में बढ़ती आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से पुलिस प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए महाराष्ट्र राज्य झोपड़पट्टी दादा कानून (MPDA) के तहत बड़ी कार्रवाई की है। जनवरी माह में जिला कलेक्टर आशिमा मित्तल ने सात MPDA प्रस्तावों को मंजूरी देते हुए सात आदतन अपराधियों को एक वर्ष के लिए कारागृह में निरुद्ध करने के आदेश जारी किए हैं। जालना MPDA कार्रवाई.

इस कार्रवाई की विशेष बात यह है कि पहली बार अवैध देशी शराब (हातभट्टी) की बिक्री के एक मामले में महिला आरोपी को भी MPDA के तहत निरुद्ध करने का निर्णय लिया गया है। इससे स्पष्ट संकेत मिलता है कि कानून-व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करने वालों के प्रति प्रशासन किसी भी प्रकार की नरमी बरतने के मूड में नहीं है, चाहे आरोपी पुरुष हो या महिला।

आमतौर पर MPDA के प्रस्तावों को मंजूरी मिलने में लंबा समय लगता है, लेकिन जनवरी माह में जिला प्रशासन ने त्वरित निर्णय लेते हुए सभी प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, कई आदतन अपराधी हद्दपारी के आदेशों की अनदेखी करते हुए पुनः जिले में सक्रिय हो जाते हैं। ऐसे मामलों में अपराधियों की गतिविधियों पर स्थायी रोक लगाने के उद्देश्य से MPDA कानून के तहत एक वर्ष तक कारावास का प्रावधान किया जाता है।

पुलिस प्रशासन द्वारा तैयार किए गए MPDA प्रस्तावों में संबंधित आरोपियों के गंभीर आपराधिक रिकॉर्ड, उनके विरुद्ध पहले की गई प्रतिबंधात्मक कार्रवाइयों तथा कानून-व्यवस्था के लिए उत्पन्न संभावित खतरे का विस्तृत उल्लेख किया जाता है। इन सभी पहलुओं का गहन परीक्षण करने के बाद जिला कलेक्टर द्वारा अंतिम निर्णय लिया जाता है। सामान्यतः एक वर्ष में 8 से 10 MPDA प्रस्तावों को मंजूरी दी जाती है, लेकिन वर्ष 2026 की शुरुआत में ही जनवरी माह में सात प्रस्ताव स्वीकृत हो जाना प्रशासन की सक्रियता को दर्शाता है। जालना MPDA कार्रवाई.

अपर पुलिस अधीक्षक आयुष नोपाणी ने जानकारी देते हुए बताया कि जनवरी माह में मंजूर किए गए MPDA प्रस्तावों में चार मामले अवैध रेत खनन से जुड़े हैं, जबकि एक मामला गोवंश हत्या, एक सामाजिक गुंडा और एक अवैध देशी शराब बिक्री से संबंधित है।

जनवरी माह में MPDA के तहत की गई कार्रवाई इस प्रकार है:

  • अवैध रेत खनन (गोंदी पुलिस थाना):
    • केशव वायभट – हर्सुल कारागृह में निरुद्ध
    • पंकज सोलुंके – फरार
    • गजू सोलुंके – फरार
    • समीर पठान – फरार
  • गोवंश हत्या का मामला:
    • असलम कुरैशी (सदर बाजार पुलिस थाना) – हर्सुल कारागृह में निरुद्ध
  • सामाजिक गुंडा:
    • शेख इमरान शेख उर्फ सलीम उर्फ लुकड़ा (कदीम पुलिस थाना, जालना) – हर्सुल कारागृह में निरुद्ध
  • अवैध देशी शराब बिक्री:
    • एक महिला आरोपी – फरार

पिछले तीन वर्षों में MPDA की स्थिति:

  • 2024: 9 प्रस्ताव मंजूर
  • 2025: 10 प्रस्ताव मंजूर
  • 2026 (जनवरी): 7 प्रस्ताव मंजूर

जनवरी माह में स्वीकृत सभी सात MPDA प्रस्ताव यह स्पष्ट संदेश देते हैं कि जालना जिले में कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वालों के खिलाफ प्रशासन पूरी तरह सतर्क और सख्त है। अपराध चाहे किसी भी श्रेणी का हो और आरोपी कोई भी हो, कानून का शिकंजा कसना तय है। जालना MPDA कार्रवाई.

Graphic promoting MPDA action in Jalna, highlighting the crackdown on habitual criminals, featuring imagery of construction equipment, handcuffs, liquor bottles, and a cow, with 'MPDA ACT' emphasized on a map outline.
Visual representation of the MPDA action in Jalna highlighting the crackdown on habitual criminals involved in illegal activities such as sand mining and cattle slaughter

FAQs: MPDA कार्रवाई – जालना

Q1. MPDA क्या है?
MPDA (महाराष्ट्र राज्य झोपड़पट्टी दादा कानून) एक सख्त निवारक कानून है, जिसके तहत आदतन अपराधियों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से एक वर्ष तक निरुद्ध किया जा सकता है।

Q2. जालना में जनवरी 2026 में कितने अपराधियों पर MPDA लागू हुआ?
जनवरी 2026 में जालना जिले में कुल 7 आदतन अपराधियों पर MPDA के तहत कार्रवाई की गई।

Q3. किन-किन मामलों में MPDA की कार्रवाई हुई?
इन मामलों में अवैध रेत खनन (4), गोवंश हत्या (1), सामाजिक गुंडागर्दी (1) और अवैध
देशी शराब बिक्री (1) शामिल हैं।

Q4. क्या MPDA के तहत महिला आरोपी पर भी कार्रवाई हो सकती है?
हाँ। इस कार्रवाई में पहली बार अवैध देशी शराब बिक्री के मामले में एक महिला आरोपी पर भी MPDA के तहत निरुद्ध करने का निर्णय लिया गया
है।

Q5. MPDA के प्रस्ताव को मंजूरी कौन देता है?
पुलिस द्वारा तैयार किए गए प्रस्तावों पर सभी तथ्यों और रिकॉर्ड की जांच के बाद जिला कलेक्टर अंतिम मंजूरी देते हैं।

Q6. MPDA के तहत निरुद्ध अवधि कितनी होती है?
MPDA के तहत आरोपी को एक वर्ष तक कारागृह में
निरुद्ध रखा जा सकता है।

Q7. इस कार्रवाई से क्या संदेश जाता है?
यह कार्रवाई स्पष्ट संदेश देती है कि जालना प्रशासन कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के प्रति सख्त है और अपराध चाहे कोई भी करे, कार्रवाई तय है।


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