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“गोरक्षक हिंसा के खिलाफ जालना में बगावत: पशु व्यापारियों का अनिश्चितकालीन बाजार बहिष्कार!”

गोरक्षक हमलों के खिलाफ जालना के पशु व्यापारियों का विरोध

गोरक्षक हमलों के खिलाफ जालना के पशु व्यापारियों का विरोध: जानवर बाजारों में अनिश्चितकालीन बहिष्कार का ऐलान

जालना: जिले में पशु व्यापारियों ने गोरक्षक समूहों की बढ़ती हिंसा और उत्पीड़न के विरोध में बड़ा कदम उठाते हुए सभी साप्ताहिक जानवर बाजारों में जानवरों की खरीद-फरोख्त पर अनिश्चितकालीन बहिष्कार की घोषणा की है।

यह निर्णय मंगल बाजार क्षेत्र में आयोजित व्यापारियों की विशेष बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया।

व्यापारियों ने बताया कि हाल ही में गोरक्षक संगठनों द्वारा वैध पशु वाहनों को जबरन रोका जा रहा है, व्यापारियों के साथ मारपीट की जा रही है, और पशुओं को जब्त कर पुलिस के माध्यम से गोशालाओं में भेजा जा रहा है। कई बार पुलिस कार्रवाई करने की बजाय मूकदर्शक बनी रहती है और उल्टा व्यापारियों पर ही झूठे मामले दर्ज किए जा रहे हैं।

“हम महाराष्ट्र में केवल वैध रूप से कटाई के लिए अनुमति प्राप्त भैंसों का ही व्यापार करते हैं, फिर भी हमें बार-बार गोरक्षक हिंसा का शिकार बनाया जाता है। इससे हमारी आजीविका खतरे में पड़ गई है।” — एक व्यापारी

व्यापारियों ने यह भी बताया कि जब्त पशुओं को वापस पाने के लिए उन्हें लंबी और खर्चीली कानूनी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है, जिससे न केवल आर्थिक नुकसान होता है बल्कि मानसिक उत्पीड़न भी झेलना पड़ता है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस हिंसा का मुख्य निशाना विशेष समुदाय के व्यापारी हैं, जिससे सामाजिक तनाव बढ़ता जा रहा है।

व्यापारी बैठक में प्रमुख हस्तियों की उपस्थिति

बैठक में पूर्व नगरसेवक और कुरेशी समाज के अध्यक्ष महमूद पहलवान कुरेशी, पूर्व नगरसेवक खालिद कुरेशी, असलम कुरेशी, कफर कुरेशी, शानवाज कुरेशी, कादिर कुरेशी, मुझम्मिल कुरेशी, समीर कुरेशी, रज़ेख कुरेशी और अझहर कुरेशी समेत जिले की सभी आठ तहसीलों के प्रमुख व्यापारी उपस्थित थे।

छत्रपती संभाजीनगर से भी व्यापारी ईसा कुरेशी और अलीम कुरेशी बैठक में शामिल हुए।

प्रशासन को चेतावनी

व्यापारियों ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने जल्द हस्तक्षेप नहीं किया तो बहिष्कार के चलते जिले की ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा, विशेषकर त्योहारों के दौरान, जो पशु व्यापार के लिए एक अहम समय होता है।

जिले के 10 प्रमुख साप्ताहिक बाजारों में व्यापार बंद होने से हजारों किसान प्रभावित होंगे। व्यापारियों ने सरकार और जिला प्रशासन से वैध पशु व्यापारियों को सुरक्षा प्रदान करने और गोरक्षक हिंसा पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।

छत्रपती संभाजीनगर से शुरू हुआ आंदोलन

गौरतलब है कि छत्रपती संभाजीनगर के व्यापारियों ने पहले ही 10 जुलाई से बहिष्कार शुरू कर दिया है, और अब अन्य जिलों में भी इस आंदोलन का विस्तार होते देखा जा रहा है।


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