NewsNation Online

FireFly In News

फर्जी वेब साइट से लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस घोटाला उजागर, मुख्य आरोपी बिहार से गिरफ्तार | जालना साइबर पुलिस

फर्जी वेबसाइट के जरिए लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस दिलाने वाला गिरोह बेनकाब, मुख्य आरोपी बिहार से गिरफ्तार

जालना | प्रतिनिधि

लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस (एलएल) दिलाने के नाम पर फर्जी वेबसाइट बनाकर नागरिकों से ऑनलाइन धोखाधड़ी करने वाले एक संगठित गिरोह का स्थानीय अपराध शाखा (एलसीबी) और साइबर पुलिस स्टेशन, जालना ने पर्दाफाश किया है। इस सनसनीखेज मामले में गिरोह के मुख्य आरोपी को बिहार से गिरफ्तार कर पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है।

फर्जी वेबसाइट बनाकर सरकारी प्रणाली का दुरुपयोग

पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, 26 नवंबर 2025 को उप-प्रादेशिक परिवहन कार्यालय (आरटीओ), जालना में पदस्थ सहायक मोटर वाहन निरीक्षक अभिजीत कडूबा बावस्कर ने साइबर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि अज्ञात आरोपियों ने सरकारी वेबसाइट जैसी दिखने वाली एक फर्जी वेबसाइट तैयार की थी। इसके माध्यम से सरकारी कंप्यूटर प्रणाली में अनधिकृत रूप से प्रवेश कर वास्तविक प्रक्रिया को दरकिनार करते हुए नागरिकों को अवैध रूप से लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस उपलब्ध कराए जा रहे थे।

इस पूरे फर्जीवाड़े के जरिए आरोपी लोगों से शुल्क वसूल कर आर्थिक लाभ अर्जित कर रहे थे, जिससे न केवल आम नागरिकों को ठगा जा रहा था, बल्कि सरकारी व्यवस्था की विश्वसनीयता को भी नुकसान पहुंचाया जा रहा था।

गंभीर धाराओं में मामला दर्ज, संयुक्त टीम गठित

शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं, सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम और केंद्रीय मोटर वाहन अधिनियम के प्रावधानों के तहत गु.र. नं. 23/2025 के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक, जालना तथा अपर पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर स्थानीय अपराध शाखा और साइबर पुलिस की एक संयुक्त विशेष टीम गठित की गई।

बिहार में दबिश, मुख्य आरोपी गिरफ्तार

जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्यों और डिजिटल ट्रेल के आधार पर 23 दिसंबर 2025 को पुलिस टीम बिहार रवाना हुई। मुख्य आरोपी बिद्दुराज प्रमोद यादव (24), निवासी टेंगराहा, जिला सहरसा, बिहार, लगातार अपने ठिकाने बदलकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश कर रहा था।

पटना, सिमरी बख्तियारपुर और सहरसा क्षेत्र में स्थानीय पुलिस के सहयोग से छानबीन कर अंततः आरोपी को हिरासत में लिया गया। आरोपी के कब्जे से अपराध में प्रयुक्त लैपटॉप, आईफोन और थंब मशीन सहित कुल ₹1,46,000 मूल्य का उपकरण व अन्य सामग्री जब्त की गई है।

न्यायालय में पेशी, चार दिन की पुलिस हिरासत

गिरफ्तार आरोपी को 28 दिसंबर 2025 को माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे चार दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस अब उससे पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों, नेटवर्क और ठगी के दायरे से जुड़े अहम सुराग जुटा रही है।

पहले भी हो चुकी हैं गिरफ्तारियां

इस प्रकरण में इससे पहले जम्मू और कश्मीर निवासी फैसल बशीर मीर (24) तथा जालना निवासी मुजाहिद उर्फ डॉन रईसोद्दीन अंसारी (32) को भी गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस को आशंका है कि यह गिरोह कई राज्यों में सक्रिय था और बड़ी संख्या में लोगों को ठगी का शिकार बनाया गया।

वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में सफल कार्रवाई

यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अजयकुमार बंसल, अपर पुलिस अधीक्षक आयुष नोपाणी, सहरसा जिले के पुलिस अधीक्षक हिमांशु, साइबर पुलिस के पुलिस उप अधीक्षक अजित कुमार तथा उपविभागीय पुलिस अधिकारी अनंत कुलकर्णी के मार्गदर्शन में की गई।

स्थानीय अपराध शाखा के पुलिस निरीक्षक पंकज जाधव, साइबर पुलिस स्टेशन के पुलिस निरीक्षक गुणाजी शिंदे, पुलिस उप निरीक्षक राजेंद्र वाघयोगेश चव्हाण सहित दोनों इकाइयों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने इस अभियान को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। बिहार के सहरसा स्थित साइबर पुलिस टीम का भी इस कार्रवाई में महत्वपूर्ण सहयोग रहा।

नागरिकों से सतर्क रहने की अपील

पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि ड्राइविंग लाइसेंस या किसी भी सरकारी सेवा के लिए केवल आधिकारिक सरकारी वेबसाइटों का ही उपयोग करें। किसी भी संदिग्ध लिंक, वेबसाइट या दलाल के झांसे में न आएं और धोखाधड़ी की आशंका होने पर तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर पुलिस से संपर्क करें।

A group of police personnel posing outside the Jalna Cyber Police Station in Maharashtra, India.

Discover more from NewsNation Online

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

author avatar
NewsNationOnline Team

Discover more from NewsNation Online

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading