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“धूलिया कैश कांड से हाईकोर्ट तक की जंग: जालना के विकास पर सियासी सवाल!”

धूलिया कैश कांड में हाईकोर्ट जाएगी लड़ाई: पूर्व विधायक कैलाश गोरंट्याल का बड़ा आरोप

धूलिया कैश कांड में हाईकोर्ट जाएगी लड़ाई: पूर्व विधायक कैलाश गोरंट्याल का बड़ा आरोप

जालना: राज्य भर में चर्चित धूलिया कैश कांड को लेकर अब मामला हाईकोर्ट तक पहुंचने वाला है। पूर्व विधायक कैलाश गोरंट्याल ने रविवार को एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि इस मामले में सरकार आरोपियों को बचाने का प्रयास कर रही है। ऐसे में अब जनता का विश्वास केवल अदालतों पर ही रह गया है। इसी कारण वकीलों से सलाह-मशविरा करके जल्द ही हाईकोर्ट में रिट याचिका दाखिल की जाएगी।

उन्होंने बताया कि विश्रामगृह से लगभग 1.75 करोड़ रुपये नकद और 3000 से अधिक दस्तावेज बरामद किए गए हैं, इसके बावजूद पुलिस ने अब तक केवल छोटे स्तर के आरोपियों पर ही मामूली धाराओं में केस दर्ज किया है।

गोरंट्याल ने सवाल उठाया कि जब सीसीटीवी फुटेज में 10 से 12 अधिकारी बैग लेकर आते-जाते स्पष्ट रूप से नजर आ रहे हैं, तो फिर अब तक उन्हें जांच के दायरे में क्यों नहीं लाया गया?

उन्होंने आरोप लगाया कि इस घोटाले के पीछे अंदाज समिति से जुड़े बड़े पदाधिकारियों का हाथ है, जिन्हें सरकार बचा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि इन आरोपियों का नार्को टेस्ट कराना आवश्यक है ताकि सच्चाई सामने लाई जा सके।

गोरंट्याल ने कहा कि सरकार ने जांच के लिए एसआईटी गठन की घोषणा की थी, लेकिन अब तक न समिति बनी है और न ही उसकी संरचना सार्वजनिक की गई है। इससे सरकार की मंशा पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

जालना से छीना जा रहा है विकास, जनप्रतिनिधि बने मूकदर्शक

पूर्व विधायक कैलाश गोरंट्याल ने जालना शहर के विकास को लेकर भी गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा, “जालना से सब कुछ छीना जा रहा है और जनप्रतिनिधि खामोश बैठे हैं।

उन्होंने बताया कि 140 करोड़ रुपये का निजी लॉजिस्टिक पार्क जालना से छीन लिया गया है, पहले जनशताब्दी एक्सप्रेस और अब वंदे भारत एक्सप्रेस को भी जालना से हटा दिया गया है।

उन्होंने कहा कि “जालना को एक-एक कर विकास के हर क्षेत्र से वंचित किया जा रहा है और चुने गए जनप्रतिनिधि केवल मूकदर्शक की भूमिका निभा रहे हैं।”

गोरंट्याल ने सवाल उठाया कि जब जनप्रतिनिधियों को न किसानों की समस्या दिखती है, न जनता की परेशानी, और न ही शहर के विकास की चिंता है, तो वे आखिर काम किसके लिए कर रहे हैं?

उन्होंने स्पष्ट किया कि अब वे जालना के विकास के लिए हर मोर्चे पर लड़ाई लड़ने को तैयार हैं।

किसानों का मुद्दा भी गरमाया

गोरंट्याल ने संवाददाता सम्मेलन में जालना-नांदेड समृद्धि महामार्ग को लेकर चल रहे किसान आंदोलन की भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि पिछले एक महीने से किसान प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन सरकार को कोई परवाह नहीं है।

उन्होंने बताया कि सोमवार को वे मुंबई में विपक्ष के नेता से जालना के किसानों के प्रतिनिधिमंडल को मिलवाएंगे और यह मुद्दा विधानसभा में जोरशोर से उठाया जाएगा।

गोरंट्याल ने मांग की कि किसानों को वर्तमान रेडी रेकनर दर की तुलना में कम से कम पाँच गुना मुआवजा दिया जाए।

यदि सरकार इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाती, तो विपक्ष के साथ मिलकर बड़ा आंदोलन खड़ा किया जाएगा।

सरकार की निष्क्रियता पर सवाल

इस संवाददाता सम्मेलन में कैलाश गोरंट्याल के साथ राम सावंत, विजय चौधरी, विनोद यादव और अन्य पदाधिकारी भी मौजूद थे। सभी ने एक स्वर में सरकार की निष्क्रियता और दोहरे मापदंडों पर तीखे सवाल उठाए।


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