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मुस्लिम समाज को 5% आरक्षण बहाल करने की मांग

जालना में सप्तरंग सामाजिक प्रतिष्ठान ने सौंपा ज्ञापन

जालना: महाराष्ट्र सरकार द्वारा पूर्व में समाप्त किए गए मुस्लिम समाज के 5 प्रतिशत आरक्षण के मुद्दे को लेकर जालना में सप्तरंग सामाजिक प्रतिष्ठान ने आवाज उठाई है। संस्था के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने जालना जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर जिलाधिकारी के माध्यम से राज्य सरकार को ज्ञापन सौंपा और मुस्लिम समाज को पहले की तरह आरक्षण का लाभ पुनः शुरू करने की मांग की।

प्रतिष्ठान ने अपने ज्ञापन में कहा कि मुस्लिम समाज की शैक्षणिक, सामाजिक और आर्थिक स्थिति का व्यापक अध्ययन कराया जाए और उसके आधार पर समाज को आरक्षण का लाभ दिया जाए। संस्था का कहना है कि शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में पिछड़े वर्गों को आगे बढ़ाने के लिए आरक्षण एक महत्वपूर्ण व्यवस्था है।

ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि राज्य सरकार या तो स्वतंत्र पिछड़ा वर्ग आयोग गठित करे या फिर मौजूदा आयोग के माध्यम से मुस्लिम समाज की राजनीतिक, शैक्षणिक और सामाजिक स्थिति का सर्वेक्षण कराया जाए।

प्रतिष्ठान ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 15(4) और 16(4) का हवाला देते हुए मुस्लिम समाज को सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़ा वर्ग घोषित कर तत्काल आरक्षण लागू करने की मांग की।

संस्था के प्रतिनिधियों ने कहा कि मुस्लिम समाज के विद्यार्थियों और युवाओं को शिक्षा, रोजगार और सामाजिक विकास के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए आरक्षण आवश्यक है और सरकार को इस विषय पर सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए।

ज्ञापन सौंपते समय फहाद चौस, आमेर सिद्दीकी, आवेज खान, शहबाज मनियार और अमर शेख सहित प्रतिष्ठान के सदस्य उपस्थित थे।


मुस्लिम आरक्षण का कानूनी आधार

भारत में सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों को आरक्षण देने का प्रावधान भारतीय संविधान में किया गया है।

  • अनुच्छेद 15(4) राज्य को सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों के लिए विशेष प्रावधान बनाने की अनुमति देता है।
  • अनुच्छेद 16(4) सरकारी नौकरियों में पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण की अनुमति देता है।

अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट देखें:


अध्ययन कर आरक्षण लागू करने की मांग

ज्ञापन में कहा गया है कि मुस्लिम समाज की वास्तविक स्थिति को ध्यान में रखते हुए सरकार को वैज्ञानिक और तथ्यात्मक अध्ययन कराना चाहिए।

प्रतिष्ठान के अनुसार अध्ययन के बाद यदि मुस्लिम समाज सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़ा पाया जाता है तो उसे आरक्षण का लाभ दिया जाना चाहिए।

संस्था ने यह भी स्पष्ट किया कि वह समाज के अधिकारों और न्यायपूर्ण मांगों के लिए आगे भी संघर्ष करती रहेगी।


Key Points

  • जालना में सप्तरंग सामाजिक प्रतिष्ठान ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा
  • मुस्लिम समाज के 5% आरक्षण की बहाली की मांग
  • राज्य सरकार से सामाजिक और शैक्षणिक सर्वेक्षण कराने की मांग
  • स्वतंत्र पिछड़ा वर्ग आयोग गठित करने की मांग
  • अनुच्छेद 15(4) और 16(4) का हवाला
  • शिक्षा और रोजगार में आरक्षण जरूरी बताया
  • समाज के अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प

Group of five men standing in an office; one man is handing a document to another man at a desk.
Members of the Saptarang Social Institution submit a memorandum regarding the restoration of 5 reservation for the Muslim community in Jalna

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Imran Siddiqui

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