जनगणना 2027 की तैयारियां तेज: डिजिटल जनगणना तय समय में पूरी करने के निर्देश – जिलाधिकारी आशिमा मित्तल
जालना: भारत की आगामी जनगणना 2027 पूरी तरह डिजिटल माध्यम से आयोजित की जाने वाली ऐतिहासिक जनगणना होगी। इस महत्वपूर्ण कार्य को निर्धारित समय सीमा के भीतर और पूरी सटीकता के साथ पूरा करने के निर्देश जिलाधिकारी आशिमा मित्तल ने संबंधित अधिकारियों को दिए।
जिलाधिकारी कार्यालय के महसूल भवन में जनगणना 2027 की पूर्व तैयारियों को लेकर समीक्षा एवं प्रशिक्षण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के सभी उपविभागीय अधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार तथा जिला, तहसील और नगर परिषद स्तर पर जनगणना कार्य से जुड़े अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
बैठक में अपर जिलाधिकारी रमेश मिसाल, निवासी उपजिलाधिकारी शशिकांत हदगल, तहसीलदार छाया पवार, पागोटे, ज्ञानेश्वर काकडे, साबळे तथा जिला नियोजन अधिकारी सुचित कुलकर्णी मौजूद थे।
अधिक जानकारी के लिए नागरिक भारत सरकार की आधिकारिक वेबसाइट
https://censusindia.gov.in पर जनगणना से संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
मई 2026 में शुरू होगा पहला चरण
जिलाधिकारी आशिमा मित्तल ने बताया कि जनगणना 2027 का पहला चरण “घरसूचीकरण एवं गृहगणना (House Listing Operation – HLO)” मई 2026 में शुरू किया जाएगा।
इस चरण में जिले के प्रत्येक घर का पंजीकरण किया जाएगा तथा घर की स्थिति, निर्माण सामग्री और उपलब्ध सुविधाओं से संबंधित जानकारी एकत्र की जाएगी।
उन्होंने बताया कि इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल माध्यम से होगी और मोबाइल ऐप के जरिए जानकारी दर्ज की जाएगी। इसके लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को विस्तृत प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि परिवार प्रमुख द्वारा दी गई जानकारी को बिना किसी बदलाव के सिस्टम में दर्ज किया जाए तथा किसी भी प्रकार की गलत या अधूरी जानकारी से बचा जाए।
विकास योजनाओं का आधार है जनगणना
जिलाधिकारी ने कहा कि जनगणना के आधार पर ही सरकार द्वारा जिलों को मिलने वाला निधि, विकास योजनाएं, बुनियादी सुविधाएं, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाते हैं।
उन्होंने कहा कि जनगणना केवल आंकड़ों का संग्रह नहीं बल्कि विकास की मजबूत नींव है। इसलिए सभी अधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए जनगणना प्रक्रिया को सफल बनाएं।
डिजिटल तरीके से होगी जनगणना
इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल माध्यम से की जाएगी। प्रगणक (Enumerators) अपने स्मार्टफोन का उपयोग करते हुए Bring Your Own Device (BYOD) प्रणाली के तहत आधिकारिक मोबाइल ऐप में जानकारी दर्ज करेंगे।
नागरिकों को भी Self-Enumeration के माध्यम से स्वयं जानकारी भरने की सुविधा दी जाएगी, जिससे जनगणना प्रक्रिया अधिक तेज, सटीक और पारदर्शी होगी।
Self-Enumeration और डिजिटल जनगणना से संबंधित जानकारी
https://censusindia.gov.in/DigitalCensus.html पर उपलब्ध है।
दो चरणों में होगी जनगणना
पहला चरण – घरयादी एवं गृहगणना (HLO)
स्वयं जानकारी भरने की अवधि:
1 मई 2026 से 15 मई 2026
क्षेत्रीय सर्वेक्षण अवधि:
16 मई 2026 से 14 जून 2026
इस चरण में राज्य की सभी इमारतों, घरों और परिवारों की सूची तैयार की जाएगी। घर की स्थिति, निर्माण सामग्री, उपयोग का प्रकार और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी एकत्र की जाएगी।
दूसरा चरण – जनसंख्या गणना (Population Enumeration)
अवधि: फरवरी 2027
इस चरण में प्रत्येक व्यक्ति की विस्तृत जनसंख्या संबंधी जानकारी एकत्र की जाएगी।
महत्वपूर्ण डिजिटल प्रणाली
जनगणना कार्य के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को निम्न डिजिटल प्रणालियों का प्रशिक्षण दिया जाएगा:
- CMMS पोर्टल – प्रबंधन एवं निगरानी के लिए
- HLO मोबाइल ऐप – घरों की जानकारी दर्ज करने के लिए
- HLBC वेब मैपिंग ऐप – घरों के ब्लॉक तैयार करने के लिए
- Self-Enumeration पोर्टल – नागरिकों द्वारा स्वयं जानकारी भरने के लिए
जिले में जनगणना के लिए मानव संसाधन
जिले में जनगणना कार्य के लिए बड़े स्तर पर मानव संसाधन की तैनाती की गई है:
- प्रगणक (Enumerators): 2814
- आरक्षित प्रगणक: 281
- पर्यवेक्षक: 469
- क्षेत्रीय पर्यवेक्षक: 61
घर-घर पूछे जाएंगे 33 सवाल
घरसूचीकरण एवं गृहगणना चरण में कुल 33 प्रश्न पूछे जाएंगे।
घर की जानकारी
- निर्माण सामग्री
- उपयोग का प्रकार
- घर की स्थिति
परिवार की जानकारी
- सदस्यों की संख्या
- परिवार प्रमुख का नाम
- अनुसूचित जाति/जनजाति (SC/ST) जानकारी
सुविधाएं और संपत्ति
- पेयजल सुविधा
- बिजली
- शौचालय
- इंटरनेट
- कंप्यूटर या लैपटॉप
- वाहन आदि
प्रशिक्षण कार्यक्रम
जनगणना कार्य को सुचारु रूप से पूरा करने के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे:
- मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षण:
9–12 मार्च 2026 और 14–17 मार्च 2026 (YASHDA, पुणे) - जिला एवं तहसील अधिकारी प्रशिक्षण:
26 फरवरी – 31 मार्च 2026, जिलाधिकारी कार्यालय जालना - फील्ड ट्रेनर प्रशिक्षण:
6–11 अप्रैल 2026 - प्रगणक एवं पर्यवेक्षक प्रशिक्षण:
27 अप्रैल – 8 मई 2026
प्रगणक और पर्यवेक्षकों को मिलेगा मानधन
जनगणना कार्य में शामिल प्रगणक और पर्यवेक्षकों को दोनों चरणों के लिए कुल ₹25,000 मानधन दिया जाएगा।
- पहला चरण: ₹9,000
- दूसरा चरण: ₹16,000
गोपनीयता और कानूनी प्रावधान
जनगणना के दौरान पूछे गए प्रश्नों की सही जानकारी देना नागरिकों के लिए अनिवार्य है।
जनगणना में एकत्र की गई व्यक्तिगत जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है और केवल सांख्यिकीय उद्देश्यों के लिए उपयोग की जाती है।
यह पूरी प्रक्रिया जनगणना अधिनियम 1948 और जनगणना नियम 1990 के तहत संचालित की जाएगी।
प्रमुख बिंदु (Key Points)
- जनगणना 2027 पूरी तरह डिजिटल माध्यम से होगी
- पहला चरण मई–जून 2026 में शुरू होगा
- दूसरा चरण फरवरी 2027 में होगा
- नागरिक स्वयं भी जानकारी भर सकेंगे
- 33 प्रश्नों के आधार पर घर और परिवार की जानकारी जुटाई जाएगी
- जिले में 2800 से अधिक प्रगणक नियुक्त
- प्रगणक और पर्यवेक्षकों को ₹25,000 मानधन मिलेगा
- जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी

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