NewsNation Online

FireFly In News

“जनता को अहसान नहीं चाहिए, इज़्ज़त चाहिए! — बबनराव लोणीकर के घमंडी बयान पर बवाल”

जनता को अहसान नहीं चाहिए, इज़्ज़त चाहिए! — बबनराव लोणीकर के बयान पर बवाल

जनता को अहसान नहीं चाहिए, इज़्ज़त चाहिए! — बबनराव लोणीकर के घमंडी बयान पर बवाल

जालना: भाजपा विधायक बबनराव लोणीकर का हालिया बयान न केवल सियासी हलकों में भूचाल ला चुका है, बल्कि आम जनता की भावनाओं को भी झकझोर गया है। “मोदी ने तेरे बाप को छह हजार दिए…” जैसी भाषा का प्रयोग कर लोणीकर ने लोकतंत्र की मर्यादाओं को लांघते हुए सीधे-सीधे जनता पर अहसान जताने की कोशिश की।

उनके इस बयान पर विपक्ष ने तीखा हमला बोला है — “नेता जनता के वोट से बनते हैं, उनके टैक्स से चलते हैं। अहसान जताना बंद करो, जवाबदेह बनो।” अब सवाल है कि क्या भाजपा इस घमंड की ज़ुबान पर लगाम लगाएगी?

भाजपा विधायक बबनराव लोणीकर एक बार फिर अपने विवादित बयान को लेकर सुर्खियों में हैं। हाल ही में जालना जिले के परतूर में आयोजित एक सोलर योजना के उद्घाटन समारोह में बोलते हुए उन्होंने कुछ ऐसे शब्द कहे, जिससे उनकी चौतरफा आलोचना शुरू हो गई है।

उन्होंने सरकार की आलोचना करने वाले युवाओं को निशाना बनाते हुए कहा कि “मोदी ने तेरे बाप को बुआई के लिए छह हजार रुपये दिए, तेरे बदन पर जो कपड़े हैं, पांव की चप्पल और हाथ में जो मोबाइल है — ये सब हमारी सरकार की वजह से है, और तू उन्हीं की टांग खींचता है।”

उनकी इस टिप्पणी को लेकर विपक्ष ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। महाराष्ट्र विधान परिषद में विपक्ष के नेता अंबादास दानवे ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यह व्यवहार लोकतंत्र की मर्यादाओं के विरुद्ध है।

“यह ब्रिटिशों की देसी मानसिकता है। लोकतंत्र में इस तरह की भाषा स्वीकार नहीं की जा सकती। बबनराव को यह याद रखना चाहिए कि उनके कपड़े, जूते, गाड़ी का डीज़ल, हवाई यात्रा का टिकट, उनकी विधायक की कुर्सी — यह सब जनता की वजह से है।”

ठाकरे गुट की फायरब्रांड नेता सुषमा अंधारे ने भी लोणीकर पर तीखा प्रहार करते हुए कहा, “अगर आप अपना आत्मसम्मान गिरवी रखना चाहते हैं तो रखिए, लेकिन जनता का आत्मसम्मान साबुत है। जनता मेहनत करके खाती है, जबकि आप भ्रष्टाचार करके खाते हैं।”

उन्होंने यह भी कहा कि आजकल सत्ता में चाटुकारिता करने वाले नेताओं की भीड़ बढ़ती जा रही है और बबनराव लोणीकर जैसे रीढ़विहीन नेता हर जगह मिल जाएंगे।

सामाजिक मीडिया पर इस बयान का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है और आम लोग भी अपनी नाराज़गी जता रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि जनता को सरकार की योजनाओं का लाभ देना नेता का कर्तव्य है, न कि कोई व्यक्तिगत उपकार। जिस भाषा का इस्तेमाल लोणीकर ने किया है, वह लोकतंत्र के मूल्यों को ठेस पहुंचाने वाला है।

इस बयान को लेकर भाजपा के भीतर भी असहजता देखी जा रही है, हालांकि पार्टी की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि भाजपा इस पर क्या रुख अपनाती है — क्या पार्टी इस बयान को नजरअंदाज़ करेगी या लोणीकर के खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

विपक्ष ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वे इस मुद्दे को विधानसभा के पटल पर भी उठाएंगे और जनता के सम्मान की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएंगे।


Discover more from NewsNation Online

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

author avatar
NewsNationOnline Team

Discover more from NewsNation Online

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading